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Ambedkar Nagar News: टांडा-कलवारी पुल की मरम्मत का काम धीमा
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 08 Mar 2026 11:23 PM IST
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टांडा-कलवारी मार्ग पर चालू मरम्मत का कार्य।
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विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। पूर्वांचल की जीवनरेखा कहे जाने वाले टांडा-कलवारी पुल की मरम्मत का कार्य सुस्त रफ्तार से चल रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से सितंबर माह में कार्य प्रारंभ किया गया था, लेकिन धीमी गति से काम चलने के कारण मरम्मत कार्य नही पूरा हुआ, जिससे अंबेडकरनगर और बस्ती जनपद के लोग अधिक परेशान है।
दुद्धी-लुंबिनी हाईवे पर स्थित यह पुल अंबेडकरनगर और बस्ती दोनों जिलों को जोड़ता है। प्रशासन ने पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए 11 सितंबर से इसे बंद कर रूट डायवर्जन लागू किया है। मरम्मत के दौरान बस्ती जाने वाले यात्रियों को बिड़हल घाट पुल होकर 65 से 70 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों के समय में इस निर्माण कार्य की सुस्ती से आमजन में नाराजगी है। करीब सवा दो किलोमीटर लंबा यह पुल वर्ष 2006 में सेतु निगम की ओर से 1.19 अरब रुपये की लागत से बनाया गया था, बाद में पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी एनएचएआई को दी गई थी। टांडा चौक के व्यापारी राजू गुप्ता ने बताया कि पुल बंद होने से टांडा के व्यापार पर असर पड़ा है। लल्लन भारती ने बताया कि पूर्वांचल के एक दर्जन से अधिक जिलों को जोड़ने वाला यह पुल केवल एक मार्ग नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। टांडा के कस्बा पश्चिम मोहल्ले के निवासी तौहीद अहमद ने बताया कि पुल बंद होने से यात्रियों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं एसडीएम टांडा शशिशेखर ने बताया कि पुल के मरम्मत में तेजी लाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों से वार्ता हो चुकी जल्द ही कार्य पूरा हो जाएगा।
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दुद्धी-लुंबिनी हाईवे पर स्थित यह पुल अंबेडकरनगर और बस्ती दोनों जिलों को जोड़ता है। प्रशासन ने पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए 11 सितंबर से इसे बंद कर रूट डायवर्जन लागू किया है। मरम्मत के दौरान बस्ती जाने वाले यात्रियों को बिड़हल घाट पुल होकर 65 से 70 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों के समय में इस निर्माण कार्य की सुस्ती से आमजन में नाराजगी है। करीब सवा दो किलोमीटर लंबा यह पुल वर्ष 2006 में सेतु निगम की ओर से 1.19 अरब रुपये की लागत से बनाया गया था, बाद में पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी एनएचएआई को दी गई थी। टांडा चौक के व्यापारी राजू गुप्ता ने बताया कि पुल बंद होने से टांडा के व्यापार पर असर पड़ा है। लल्लन भारती ने बताया कि पूर्वांचल के एक दर्जन से अधिक जिलों को जोड़ने वाला यह पुल केवल एक मार्ग नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। टांडा के कस्बा पश्चिम मोहल्ले के निवासी तौहीद अहमद ने बताया कि पुल बंद होने से यात्रियों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं एसडीएम टांडा शशिशेखर ने बताया कि पुल के मरम्मत में तेजी लाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों से वार्ता हो चुकी जल्द ही कार्य पूरा हो जाएगा।
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