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Ambedkar Nagar News: सरयू का जलस्तर बढ़ा, किनारों तक पहुंचा पानी
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राजेसुल्तानपुर क्षेत्र स्थित कम्हरिया घाट।संवाद
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अंबेडकरनगर। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिले के राजेसुल्तानपुर और टांडा क्षेत्र में शुक्रवार को भी जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि दोनों स्थानों पर नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है और फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी है।
राजेसुल्तानपुर संवाद के अनुसार क्षेत्र में शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर बढ़कर 84.84 मीटर पहुंच गया। एक दिन पहले यह 84.60 मीटर था। लगातार छह दिनों से जलस्तर बढ़ने के बावजूद नदी अभी अपने दायरे में बह रही है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सामान्य स्थिति बनी हुई है। हालांकि मांझा कम्हरिया क्षेत्र में नदी का पानी अब किनारे की जमीन से टकराने लगा है। इससे कटान की आशंका बढ़ी है। प्रशासन इस क्षेत्र पर विशेष नजर रखे हुए है।
एसडीएम सुभाष सिंह धामी ने बताया कि जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है लेकिन नदी अभी खतरे की स्थिति से काफी नीचे है। कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और प्रशासन पूरी तरह निगरानी कर रहा है। विद्युतनगर संवाद के अनुसार बैराज पर शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर 91.040 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले बृहस्पतिवार को यह 90.920 मीटर, बुधवार को 90.730 मीटर और मंगलवार को 90.460 मीटर था। इस तरह पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरयू नदी का खतरे का निशान 92.730 मीटर है। वर्तमान में नदी खतरे के निशान से करीब 1.69 मीटर नीचे बह रही है। जलस्तर बढ़ने के बावजूद स्थिति सामान्य बनी हुई है।
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पिछले दिनों पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद टांडा तहसील के उल्टहवा माझा, माझा कला, माझा चिंतौरा, केवटला, नसरुल्लापुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ, फूलपुर और डुहिया समेत मांझा क्षेत्र के कई गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। तटबंधों की नियमित निगरानी कराई जा रही है ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। बाढ़ खंड के जेई धीरेंद्र कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है लेकिन फिलहाल बाढ़ या कटान का कोई गंभीर खतरा नहीं है। विभाग पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी कर रहा है।
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राजेसुल्तानपुर संवाद के अनुसार क्षेत्र में शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर बढ़कर 84.84 मीटर पहुंच गया। एक दिन पहले यह 84.60 मीटर था। लगातार छह दिनों से जलस्तर बढ़ने के बावजूद नदी अभी अपने दायरे में बह रही है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सामान्य स्थिति बनी हुई है। हालांकि मांझा कम्हरिया क्षेत्र में नदी का पानी अब किनारे की जमीन से टकराने लगा है। इससे कटान की आशंका बढ़ी है। प्रशासन इस क्षेत्र पर विशेष नजर रखे हुए है।
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एसडीएम सुभाष सिंह धामी ने बताया कि जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है लेकिन नदी अभी खतरे की स्थिति से काफी नीचे है। कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और प्रशासन पूरी तरह निगरानी कर रहा है। विद्युतनगर संवाद के अनुसार बैराज पर शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर 91.040 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले बृहस्पतिवार को यह 90.920 मीटर, बुधवार को 90.730 मीटर और मंगलवार को 90.460 मीटर था। इस तरह पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरयू नदी का खतरे का निशान 92.730 मीटर है। वर्तमान में नदी खतरे के निशान से करीब 1.69 मीटर नीचे बह रही है। जलस्तर बढ़ने के बावजूद स्थिति सामान्य बनी हुई है।
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पिछले दिनों पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद टांडा तहसील के उल्टहवा माझा, माझा कला, माझा चिंतौरा, केवटला, नसरुल्लापुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ, फूलपुर और डुहिया समेत मांझा क्षेत्र के कई गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। तटबंधों की नियमित निगरानी कराई जा रही है ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। बाढ़ खंड के जेई धीरेंद्र कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है लेकिन फिलहाल बाढ़ या कटान का कोई गंभीर खतरा नहीं है। विभाग पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी कर रहा है।