AmbedkarNagar: सैर-सपाटे पर निकले दोस्तों की बाइक तेज रफ्तार वाहन से टकराई, दो की मौत; घरों में मची चीख पुकार
अंबेडकरनगर में सैर-सपाटे पर निकले दोस्तों की बाइक तेज रफ्तार वाहन से टकरा गई। हादसे में दोनों की मौत हो गई। दोनों घर से बिना बताए निकले थे। घटना से घरों में चीख पुकार मच गई। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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यूपी के अंबेडकरनगर में बृहस्पतिवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। बाइक पर सैर-सपाटे पर निकले दो दोस्तों की बाइक की टक्कर अज्ञात वाहन से हो गई। रफ्तार तेज होने और हेलमेट न पहने होने के कारण सिर में चोट लगने से दोनों युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने बाइक कब्जे में लेकर वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
हादसा अकबरपुर इलाके के इब्राहिमपुर मार्ग पर डल्लापुर के निकट हुआ। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के डांडी महमूदपुर गांव निवासी सुरेंद्र पताप सिंह का पुत्र शिवांशु (18) रात करीब 09.45 बजे अपनी बाइक से घर से निकला था। उसने गांव के ही नंदलाल के पुत्र अपने मित्र अंकित यादव (21) को साथ ले लिया।
टक्कर लगने के बाद दोनों युवक उछलकर दूर जा गिरे
दोनों अकबरपुर-इल्तिफातगंज मार्ग पर सैर-सपाटा करने निकल गए। इसके बारे में परिवार के लोगों को कोई जानकारी नहीं दी। चंद मिनटों बाद ही डल्लापुर गांव के पास बाइक से तेज रफ्तार अज्ञात वाहन से सामने से टकरा गया। हादसा इतना जबरदस्त था कि दोनों युवक उछलकर दूर जा गिरे। हेलमेट न पहने होने के कारण सिर में गंभीर चोट लग गई।
मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने युवक अंकित की पहचान कर ली। तत्काल परिवार के लोगों को फोन करके सूचित किया। इसके बाद परिजन व स्थानीय लोग दोनो को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय ने जिला अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। साथ ही पुलिस टीम को दुर्घटनास्थल पर भेजकर बाइक कब्जे में ली। अज्ञात वाहन का पता लगाने की कोशिश जारी है। एएसपी पश्चिमी हरेंद्र कुमार ने बताया कि वाहन का पता लगाया जा रहा है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के निर्देश दिए गए हैं।
गांव में कोहराम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे ने दो परिवारों की खुशियां निगल ली हैं। रात करीब 10 बजे जब दोनों परिवारों के लोग खा-पीकर सोने की तैयारी में थे, उसी समय फोन की घंटी बजी तो नींद-चैन सब उड़ गया। अंकित के परिवार में पिता नंदलाल यादव, मां कलावती, छोटे भाई मंजीत व बहन निगम के अलावा चाचा अवधेश यादव का रो-रोकर बुरा हाल है।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे चाचा अवधेश अपने आंसुओं को रोक नहीं पा रहे थे। पिता बेटे की मौत से इस कदर सदमे में हैं कि पोस्टमार्टम से पहले अपने बेटे का चेहरा देखने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाए। अंकित अपने पिता का खेती-बाड़ी में हाथ बंटाते थे।
उधर, शिवांशु के परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में पिता सुरेंद्र प्रताप के अलावा मां वंदना सिंह, 10 वर्षीय भाई दिव्यांशु हैं। बाबा रामप्रताप अपने बड़े पौत्र की मौत के बाद बिलख रहे हैं। हर आने-जाने वाले से शिवांशु को वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं। मृतक ट्रैक्टर चलाकर अपने परिवार के भरण पोषण में सहयोग करते थे।