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Amethi News: नमाज अदाकर मांगी खुशहाली की दुआ
Sat, 30 May 2026 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 30 May 2026 12:25 AM IST
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जगदीशपुर मे ईद-उल-अजहा की नमाज के दौरान मौजूद लोग। स्रोत: स्थानीय
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अमेठी सिटी। जिलेभर में बृहस्पतिवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) अकीदत व भाईचारे और उत्साह के साथ मनाई गई। 112 ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी और पर्व की खुशियां साझा कीं।
सुबह से ही जिले की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का पहुंचना शुरू हो गया था। जामा मस्जिद में पेश इमाम मौलाना साजिद रजा ने नमाज अदा कराई। खुतबे में उन्होंने भाईचारे, इंसानियत और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बकरीद त्याग, समर्पण और मानवता की भावना को मजबूत करने वाला पर्व है। अन्य मस्जिदों और ईदगाहों में भी शांतिपूर्ण माहौल में नमाज अदा की गई।
मौलाना मुर्तुजा मिस्बाही ने कुर्बानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जरूरतमंदों की सहायता और समाज में सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। नमाज के बाद लोगों ने रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों से मुलाकात कर पर्व की शुभकामनाएं दीं। घरों में सिवईं और पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। मेहमानों के स्वागत का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
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पर्व के दौरान सामाजिक समरसता की मिसाल भी देखने को मिली। विभिन्न वर्गों के लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को बकरीद की बधाई दी। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। जिले को चार जोन और 17 सेक्टर में बांटकर सभी प्रमुख स्थलों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे।
54 स्थानों पर कुर्बानी की व्यवस्था की गई थी। इन्हौंना, मुसाफिरखाना, जायस और जगदीशपुर को संवेदनशील मानते हुए विशेष सतर्कता बरती गई। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की गई। डीएम संजय चौहान और एसपी सरवणन टी ने जायस समेत कई क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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सुबह से ही जिले की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का पहुंचना शुरू हो गया था। जामा मस्जिद में पेश इमाम मौलाना साजिद रजा ने नमाज अदा कराई। खुतबे में उन्होंने भाईचारे, इंसानियत और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बकरीद त्याग, समर्पण और मानवता की भावना को मजबूत करने वाला पर्व है। अन्य मस्जिदों और ईदगाहों में भी शांतिपूर्ण माहौल में नमाज अदा की गई।
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मौलाना मुर्तुजा मिस्बाही ने कुर्बानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जरूरतमंदों की सहायता और समाज में सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। नमाज के बाद लोगों ने रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों से मुलाकात कर पर्व की शुभकामनाएं दीं। घरों में सिवईं और पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। मेहमानों के स्वागत का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा।
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पर्व के दौरान सामाजिक समरसता की मिसाल भी देखने को मिली। विभिन्न वर्गों के लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को बकरीद की बधाई दी। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। जिले को चार जोन और 17 सेक्टर में बांटकर सभी प्रमुख स्थलों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे।
54 स्थानों पर कुर्बानी की व्यवस्था की गई थी। इन्हौंना, मुसाफिरखाना, जायस और जगदीशपुर को संवेदनशील मानते हुए विशेष सतर्कता बरती गई। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की गई। डीएम संजय चौहान और एसपी सरवणन टी ने जायस समेत कई क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।