{"_id":"6a6042006cef5f8346023649","slug":"amethi-lucknow-high-court-lawyer-dies-during-treatment-commotion-at-the-hospital-throughout-the-night-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi: इलाज के दौरान हाईकोर्ट लखनऊ के अधिवक्ता की मौत, अस्पताल में रातभर हंगामा, कई थाने की पुलिस बुलाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi: इलाज के दौरान हाईकोर्ट लखनऊ के अधिवक्ता की मौत, अस्पताल में रातभर हंगामा, कई थाने की पुलिस बुलाई
Wed, 22 Jul 2026 09:37 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, जगदीशपुर (अमेठी)
अमर उजाला नेटवर्क, जगदीशपुर (अमेठी)
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Wed, 22 Jul 2026 09:37 AM IST
सार
परिजन रिपोर्ट दर्ज होने तक शव न लेने के लिए अड़े रहे। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। हंगामा इतना बढ़ गया कि कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी।
विज्ञापन
कई थानों की पुलिस बुलाई गई।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इन्हौना के अशरफपुर मजरे अंगूरी निवासी एवं उच्च न्यायालय लखनऊ के अधिवक्ता तरुण कुमार ओझा की उपचार के दौरान मौत के बाद मंगलवार देर शाम कमरौली के एक निजी अस्पताल में घंटों हंगामा होता रहा। परिजनों ने उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए शव ले जाने से इनकार कर दिया। सीओ अतुल सिंह और कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। देर रात तक चली वार्ता के बाद अस्पताल संचालक और उनके सहायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने पर मामला शांत हुआ।
मृतक के पिता नंद कुमार ओझा की तहरीर पर अस्पताल संचालक डॉ. राज बहादुर यादव और उनके सहायक शैलेन्द्र मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि 20 जुलाई को बुखार की शिकायत पर तरुण कुमार ओझा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही। परिजनों का कहना है कि प्लेटलेट्स लगातार कम होने के बावजूद समुचित उपचार नहीं दिया गया और गंभीर स्थिति में भी दूसरे अस्पताल नहीं भेजा गया।
मृतक के भतीजे अभिषेक ओझा ने आरोप लगाया कि अस्पताल में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं थी। प्लेटलेट्स की व्यवस्था परिजनों से कराई गई। कई बार दूसरे अस्पताल भेजने का अनुरोध किया गया, मगर मरीज को भर्ती रखा गया। बाद में लखनऊ ले जाने की बात कही गई। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और रिपोर्ट दर्ज होने तक शव ले जाने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
करीब कई घंटे तक चली वार्ता के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक और उनके सहायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए। सीओ अतुल सिंह ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मृतक के पिता नंद कुमार ओझा की तहरीर पर अस्पताल संचालक डॉ. राज बहादुर यादव और उनके सहायक शैलेन्द्र मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि 20 जुलाई को बुखार की शिकायत पर तरुण कुमार ओझा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही। परिजनों का कहना है कि प्लेटलेट्स लगातार कम होने के बावजूद समुचित उपचार नहीं दिया गया और गंभीर स्थिति में भी दूसरे अस्पताल नहीं भेजा गया।
विज्ञापन
मृतक के भतीजे अभिषेक ओझा ने आरोप लगाया कि अस्पताल में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं थी। प्लेटलेट्स की व्यवस्था परिजनों से कराई गई। कई बार दूसरे अस्पताल भेजने का अनुरोध किया गया, मगर मरीज को भर्ती रखा गया। बाद में लखनऊ ले जाने की बात कही गई। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और रिपोर्ट दर्ज होने तक शव ले जाने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
करीब कई घंटे तक चली वार्ता के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक और उनके सहायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए। सीओ अतुल सिंह ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन