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Amethi News: अब भी बिना लाइसेंस चल रहा आशीर्वाद नर्सिंग होम
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:17 AM IST
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अमेठी में आशीर्वाद नर्सिंग होम की जांच करने पहुंची टीम।-संवाद
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अमेठी। प्रसव के बाद नवजात शिशु की मौत होने के बाद भी संचालक अवैध रूप से आशीर्वाद नर्सिंग होम का संचालन कर रहा है। शनिवार को एसडीएम आशीष सिंह के नेतृत्व में एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद, गाइनकोलॉजिस्ट डॉ. प्रेमा एस गोदी और उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके उपाध्याय की संयुक्त जांच टीम पहुंची तो अस्पताल खुला मिला।
स्थानीय लोगों ने बताया कि टीम के पहुंचने से पहले ही अस्पताल से सभी मरीजों को हटा दिया गया। जांच के दौरान टीम को अस्पताल में दवाइयां व इंजेक्शन मिले।जांच टीम ने आसपास की दुकानों पर पहुंचकर अस्पताल के संचालन के बारे में जानकारी ली। दुकानदारों ने बताया कि नर्सिंग होम में लगातार मरीजों का आना-जाना लगा रहता है। अस्पताल संचालक की ओर से एक पीड़ित का शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसमें दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर वह बंद मिला।
इसके बाद एसडीएम की अगुवाई में जांच टीम संग्रामपुर के पूरे तालुकदार गांव पहुंची। वहां पीड़ित अजय के घर जाकर जानकारी ली गई। अजय की मां ने बताया कि उनकी बहू वंदना की ऑपरेशन के बाद तबीयत ठीक नहीं है और वह बेटे के साथ प्रतापगढ़ के एक नर्सिंग होम में भर्ती है। पीड़ित के मौजूद न होने के कारण टीम उनका बयान दर्ज नहीं कर सकी।
एसीएमओ डॉ. रामप्रसाद ने बताया कि अब तक मिले तथ्यों को जांच रिपोर्ट में शामिल कर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डाॅ. अंशुमान सिंह ने कहा कि आशीर्वाद नर्सिंग होम के पास लाइसेंस नहीं है। टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि टीम के पहुंचने से पहले ही अस्पताल से सभी मरीजों को हटा दिया गया। जांच के दौरान टीम को अस्पताल में दवाइयां व इंजेक्शन मिले।जांच टीम ने आसपास की दुकानों पर पहुंचकर अस्पताल के संचालन के बारे में जानकारी ली। दुकानदारों ने बताया कि नर्सिंग होम में लगातार मरीजों का आना-जाना लगा रहता है। अस्पताल संचालक की ओर से एक पीड़ित का शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसमें दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर वह बंद मिला।
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इसके बाद एसडीएम की अगुवाई में जांच टीम संग्रामपुर के पूरे तालुकदार गांव पहुंची। वहां पीड़ित अजय के घर जाकर जानकारी ली गई। अजय की मां ने बताया कि उनकी बहू वंदना की ऑपरेशन के बाद तबीयत ठीक नहीं है और वह बेटे के साथ प्रतापगढ़ के एक नर्सिंग होम में भर्ती है। पीड़ित के मौजूद न होने के कारण टीम उनका बयान दर्ज नहीं कर सकी।
एसीएमओ डॉ. रामप्रसाद ने बताया कि अब तक मिले तथ्यों को जांच रिपोर्ट में शामिल कर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डाॅ. अंशुमान सिंह ने कहा कि आशीर्वाद नर्सिंग होम के पास लाइसेंस नहीं है। टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
