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Amethi News: एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:55 AM IST
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अमेठी सिटी। साइबर जालसाजों ने ठगी का एक नया तरीका अपनाया है, जिसे फोटो क्लेम स्कैम कहा जा रहा है। इस तरीके में ठग सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क करते हैं। बातचीत के दौरान वे एक फोटो भेजते हैं और सामने वाले से पूछते हैं कि क्या वह इस फोटो में दिख रहे व्यक्ति को पहचानते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति फोटो पर क्लिक करता है, मोबाइल में अनजाने में एपीके फाइल डाउनलोड हो जाती है। इसके बाद मोबाइल फोन हैक हो जाता है और ठग फोन पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते हैं।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार एपीके फाइल मोबाइल में कई तरह की अनुमतियां अपने आप ले लेती है। इनमें यूपीआई और बैंकिंग एप्लीकेशन तक पहुंच भी शामिल रहती है। अनुमति मिलते ही ठग पीड़ित के बैंक खाते से रकम निकाल लेते हैं। कई मामलों में लेनदेन से जुड़े संदेश भी मोबाइल पर नहीं पहुंचते, जिससे पीड़ित को ठगी की जानकारी देर से मिलती है।
सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर अपराधी खासतौर पर छात्राओं और युवाओं को निशाना बना रहे हैं। पहले दोस्ती की जाती है और भरोसा जीता जाता है। इसके बाद निजी फोटो हासिल कर ली जाती हैं। फिर फोटो से छेड़छाड़ कर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता है। बदनामी के डर से कई लोग ठगों को रकम भेज देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में डरने के बजाय पुलिस को सूचना देना जरूरी है। फिलहाल जिले में अभी फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ के मामले सामने नहीं आए हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें।
- किसी को भी अपनी निजी फोटो या वीडियो न भेजें।
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट को टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अवश्य करें।
- अनजान लोगों की ओर से भेजी गई एपीके फाइल पर क्लिक न करें।
- फोन पर या ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खातों, ओटीपी, पासवर्ड की जानकारी न दें।
व्हाट्सएप में ऑटो डाउनलोड का ऑप्शन हमेशा रखें बंद
व्हाट्सएप में सेटिंग पर जाएं। यहां स्टोरेज एंड डेटा का विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें। इसमें मीडिया ऑटो डाउनलोड सेक्शन में तीन विकल्प मिलेंगे- मोबाइल डेटा का उपयोग करते समय, वाई-फाई पर कनेक्ट होने पर और रोमिंग के दौरान। इन पर क्लिक कर फोटो, ऑडियो, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स के सामने लगे टिक को हटा दें और ओके कर दें। व्हाट्सएप में ऑटो डाउनलोड का ऑप्शन हमेशा बंद रखें।
सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय बरतें सावधानी
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है। सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। नई तकनीकों के साथ-साथ ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में आपको नवीनतम खतरों के बारे में जागरूक रहना चाहिए। ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सभी कदम उठाएं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह का पालन करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस को सूचना दें।
आप भी बात सकते हैं आपबीती
अगर आपके साथ भी साइबर ठगों ने धोखाधड़ी की है तो आप हमें अपनी आपबीती बता सकते हैं। अमर उजाला साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चला रहा है। आपकी बताई गई समस्या प्रकाशित की जाएगी। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। आप हमसे 93687 24180 पर संपर्क कर सकते हैं।
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साइबर क्राइम थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार एपीके फाइल मोबाइल में कई तरह की अनुमतियां अपने आप ले लेती है। इनमें यूपीआई और बैंकिंग एप्लीकेशन तक पहुंच भी शामिल रहती है। अनुमति मिलते ही ठग पीड़ित के बैंक खाते से रकम निकाल लेते हैं। कई मामलों में लेनदेन से जुड़े संदेश भी मोबाइल पर नहीं पहुंचते, जिससे पीड़ित को ठगी की जानकारी देर से मिलती है।
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सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर अपराधी खासतौर पर छात्राओं और युवाओं को निशाना बना रहे हैं। पहले दोस्ती की जाती है और भरोसा जीता जाता है। इसके बाद निजी फोटो हासिल कर ली जाती हैं। फिर फोटो से छेड़छाड़ कर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता है। बदनामी के डर से कई लोग ठगों को रकम भेज देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में डरने के बजाय पुलिस को सूचना देना जरूरी है। फिलहाल जिले में अभी फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ के मामले सामने नहीं आए हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें।
- किसी को भी अपनी निजी फोटो या वीडियो न भेजें।
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट को टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अवश्य करें।
- अनजान लोगों की ओर से भेजी गई एपीके फाइल पर क्लिक न करें।
- फोन पर या ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खातों, ओटीपी, पासवर्ड की जानकारी न दें।
व्हाट्सएप में ऑटो डाउनलोड का ऑप्शन हमेशा रखें बंद
व्हाट्सएप में सेटिंग पर जाएं। यहां स्टोरेज एंड डेटा का विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें। इसमें मीडिया ऑटो डाउनलोड सेक्शन में तीन विकल्प मिलेंगे- मोबाइल डेटा का उपयोग करते समय, वाई-फाई पर कनेक्ट होने पर और रोमिंग के दौरान। इन पर क्लिक कर फोटो, ऑडियो, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स के सामने लगे टिक को हटा दें और ओके कर दें। व्हाट्सएप में ऑटो डाउनलोड का ऑप्शन हमेशा बंद रखें।
सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय बरतें सावधानी
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है। सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। नई तकनीकों के साथ-साथ ठगी के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में आपको नवीनतम खतरों के बारे में जागरूक रहना चाहिए। ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सभी कदम उठाएं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह का पालन करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस को सूचना दें।
आप भी बात सकते हैं आपबीती
अगर आपके साथ भी साइबर ठगों ने धोखाधड़ी की है तो आप हमें अपनी आपबीती बता सकते हैं। अमर उजाला साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चला रहा है। आपकी बताई गई समस्या प्रकाशित की जाएगी। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। आप हमसे 93687 24180 पर संपर्क कर सकते हैं।