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Amethi News: डिनर पार्टी का वीडियो पड़ा भारी, डिप्टी सीवीओ निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 24 Jan 2026 12:11 AM IST
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अमेठी। पशुपालन, दुग्ध विकास और मत्स्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शिव ओम गंगवार को निलंबित कर दिया है। उन पर जनपद के पशु चिकित्साधिकारियों की आपसी सहमति से डिनर पार्टी के लिए स्वैच्छिक रूप से प्राप्त सहयोग राशि का गोपनीय वीडियो-ऑडियो बनाकर उसे तोड़-मरोड़ कर अवैध वसूली का रूप देने और सोशल मीडिया पर प्रचारित करने का आरोप है।
डॉ. गंगवार काफी समय से सीवीओ डॉ. गोपाल कृष्ण शुक्ल की मुखालफत कर रहे थे। दिसंबर में उन्होंने सीवीओ पर कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र भी लिखा था। इसी दौरान उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसमें बैठक के दौरान अवैध उगाही की बात कही गई थी। ये आरोप उन्होंने सीवीओ पर लगाए थे, जिसके बाद विभाग के अंदर की लड़ाई खुलकर सबके सामने आ गई।
जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. गंगवार का कृत्य विभागीय अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पाया गया। डिप्टी सीवीओ पर विभागीय कार्यक्रमों और उच्चादेशों के प्रति उदासीन रहने, बैठकों में अनुपस्थित रहने, शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न कर अनुशासनहीनता करने, उच्चाधिकारियों के विरुद्ध अनावश्यक शिकायतें करने के आरोप भी हैं।
प्रमुख सचिव से की थी सीवीओ की शिकायत
दिसंबर 2025 में डॉ. गंगवार ने प्रमुख सचिव पशुधन विभाग को शिकायती पत्र भेजकर सीवीओ पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, वित्तीय अनियमितताओं, फर्जीवाड़ा और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी की थी।
इसके बाद सीवीओ ने भी डॉ. गंगवार पर अनुशासनहीनता सहित अन्य आरोप लगाते हुए विभाग को एक पत्र भेजा था। इस मामले में डीएम संजय चौहान ने सीडीओ, एडीएम एफआर और परियोजना निदेशक की टीम गठित कर जांच कराई थी, जिसमें डॉ. गंगवार पर लगे आरोप सही पाए गए। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने डिप्टी सीवीओ को निलंबित करने की कार्रवाई की है।
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डॉ. गंगवार काफी समय से सीवीओ डॉ. गोपाल कृष्ण शुक्ल की मुखालफत कर रहे थे। दिसंबर में उन्होंने सीवीओ पर कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र भी लिखा था। इसी दौरान उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसमें बैठक के दौरान अवैध उगाही की बात कही गई थी। ये आरोप उन्होंने सीवीओ पर लगाए थे, जिसके बाद विभाग के अंदर की लड़ाई खुलकर सबके सामने आ गई।
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जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. गंगवार का कृत्य विभागीय अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पाया गया। डिप्टी सीवीओ पर विभागीय कार्यक्रमों और उच्चादेशों के प्रति उदासीन रहने, बैठकों में अनुपस्थित रहने, शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न कर अनुशासनहीनता करने, उच्चाधिकारियों के विरुद्ध अनावश्यक शिकायतें करने के आरोप भी हैं।
प्रमुख सचिव से की थी सीवीओ की शिकायत
दिसंबर 2025 में डॉ. गंगवार ने प्रमुख सचिव पशुधन विभाग को शिकायती पत्र भेजकर सीवीओ पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, वित्तीय अनियमितताओं, फर्जीवाड़ा और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी की थी।
इसके बाद सीवीओ ने भी डॉ. गंगवार पर अनुशासनहीनता सहित अन्य आरोप लगाते हुए विभाग को एक पत्र भेजा था। इस मामले में डीएम संजय चौहान ने सीडीओ, एडीएम एफआर और परियोजना निदेशक की टीम गठित कर जांच कराई थी, जिसमें डॉ. गंगवार पर लगे आरोप सही पाए गए। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने डिप्टी सीवीओ को निलंबित करने की कार्रवाई की है।
