{"_id":"69a1e8a4d718f0c993077659","slug":"dm-surrenders-in-cjm-court-amethi-news-c-96-1-lu11010-159915-2026-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: डीएम ने सीजेएम कोर्ट में किया आत्मसमर्पण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: डीएम ने सीजेएम कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेठी सिटी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन से जुड़े अवमानना प्रकरण में जमानती वारंट जारी होने के बाद जिलाधिकारी संजय चौहान शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुल्तानपुर की अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी दाखिल की।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह ने सुनवाई के बाद उन्हें 20 हजार रुपये के जमानतनामा और समान धनराशि के निजी मुचलके पर सशर्त रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि वे हाईकोर्ट में निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करेंगे। मामले की अगली सुनवाई नौ मार्च को प्रस्तावित है।
यह प्रकरण बाजारशुकुल के महोना पश्चिम निवासी धनंजय कुमार श्रीवास्तव की ओर से दायर सिविल अवमानना याचिका से जुड़ा है। याची का आरोप है कि खाते में धनराशि हस्तांतरण संबंधी आदेश का समय पर पालन नहीं हुआ। पूर्व में हाईकोर्ट ने संबंधित मामले में व्यक्तिगत उपस्थिति और अनुपालन हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। उसी क्रम में जिलाधिकारी ने अधीनस्थ न्यायालय में विधिक प्रक्रिया पूरी की। अदालत के आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
Trending Videos
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह ने सुनवाई के बाद उन्हें 20 हजार रुपये के जमानतनामा और समान धनराशि के निजी मुचलके पर सशर्त रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि वे हाईकोर्ट में निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करेंगे। मामले की अगली सुनवाई नौ मार्च को प्रस्तावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह प्रकरण बाजारशुकुल के महोना पश्चिम निवासी धनंजय कुमार श्रीवास्तव की ओर से दायर सिविल अवमानना याचिका से जुड़ा है। याची का आरोप है कि खाते में धनराशि हस्तांतरण संबंधी आदेश का समय पर पालन नहीं हुआ। पूर्व में हाईकोर्ट ने संबंधित मामले में व्यक्तिगत उपस्थिति और अनुपालन हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। उसी क्रम में जिलाधिकारी ने अधीनस्थ न्यायालय में विधिक प्रक्रिया पूरी की। अदालत के आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
