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Amethi News: राजकीय इंटर कॉलेज 37, विज्ञान के प्रवक्ता सिर्फ 10
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 14 Jan 2026 12:23 AM IST
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अमेठी सिटी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित 37 राजकीय इंटर कॉलेजों में विज्ञान के केवल 10 प्रवक्ता कार्यरत हैं। यह स्थिति इंटरमीडिएट में विज्ञान विषय के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा और प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। अधिकांश कॉलेजों में या तो प्रयोगशालाएं नहीं हैं या फिर उनकी बदहाली शिक्षा में बाधा बन रही है।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में हाईस्कूल में 26,150 और इंटरमीडिएट में 21,045 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों की कमी है। जिले के 37 राजकीय कॉलेजों में केवल चार जीव विज्ञान, पांच रसायन विज्ञान और एक भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त 16 सहायक अध्यापक भी विभिन्न स्कूलों में तैनात हैं। कोई भी ऐसा इंटर कॉलेज नहीं है, जहां विज्ञान वर्ग के सभी शिक्षक हों।
कई स्कूल तो पूरी तरह से विज्ञान शिक्षक विहीन हैं, जबकि कुछ में केवल एक शिक्षक नियुक्त है। अन्य विषयों के शिक्षकों की सहायता से विज्ञान की पढ़ाई और प्रयोगात्मक कार्य संपन्न कराया जा रहा है। 24 जनवरी से एक फरवरी के बीच प्रयोगात्मक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, लेकिन प्रयोगशालाओं की खस्ताहाल स्थिति और उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण विद्यार्थियों की तैयारी प्रभावित हो रही है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि विज्ञान वर्ग के शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की व्यवस्था कर पढ़ाई जारी रखी जा रही है। प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
जीजीआईसी में इंटर की प्रयोगशाला नहीं
गौरीगंज स्थित जीजीआईसी में कक्षा 11 में नौ और इंटर में सात छात्राएं विज्ञान वर्ग से पंजीकृत हैं। यहां जीव विज्ञान की प्रवक्ता के रूप में प्रधानाचार्य डॉ. संगीता शर्मा की तैनाती है। मंगलवार को छात्राओं को कॉलेज परिसर के बाहर अन्य विषयों की शिक्षिकाएं पढ़ा रही थीं। प्रयोगशाला में ताला लगा हुआ था। वर्ष 1989 में कॉलेज को इंटर स्तर तक उच्चीकृत किया गया, लेकिन अभी तक अलग प्रयोगशाला नहीं बनी है।
विज्ञान वर्ग में एक भी छात्र पंजीकृत नहीं
गौरीगंज के राघीपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज को हाईटेक सुविधाओं से लैस बताया जाता है, लेकिन स्थिति दावों के विपरीत है। मंगलवार को प्रयोगशाला बंद मिली। कॉलेज में केवल चार शिक्षक हैं, जिनमें विज्ञान का एक भी शिक्षक नहीं है। इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग में कोई भी छात्र पंजीकृत नहीं है। इस कारण हाईस्कूल में विज्ञान की पढ़ाई अन्य विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों से कराई जा रही है।
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शैक्षणिक सत्र 2025-26 में हाईस्कूल में 26,150 और इंटरमीडिएट में 21,045 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों की कमी है। जिले के 37 राजकीय कॉलेजों में केवल चार जीव विज्ञान, पांच रसायन विज्ञान और एक भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त 16 सहायक अध्यापक भी विभिन्न स्कूलों में तैनात हैं। कोई भी ऐसा इंटर कॉलेज नहीं है, जहां विज्ञान वर्ग के सभी शिक्षक हों।
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कई स्कूल तो पूरी तरह से विज्ञान शिक्षक विहीन हैं, जबकि कुछ में केवल एक शिक्षक नियुक्त है। अन्य विषयों के शिक्षकों की सहायता से विज्ञान की पढ़ाई और प्रयोगात्मक कार्य संपन्न कराया जा रहा है। 24 जनवरी से एक फरवरी के बीच प्रयोगात्मक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, लेकिन प्रयोगशालाओं की खस्ताहाल स्थिति और उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण विद्यार्थियों की तैयारी प्रभावित हो रही है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि विज्ञान वर्ग के शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की व्यवस्था कर पढ़ाई जारी रखी जा रही है। प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
जीजीआईसी में इंटर की प्रयोगशाला नहीं
गौरीगंज स्थित जीजीआईसी में कक्षा 11 में नौ और इंटर में सात छात्राएं विज्ञान वर्ग से पंजीकृत हैं। यहां जीव विज्ञान की प्रवक्ता के रूप में प्रधानाचार्य डॉ. संगीता शर्मा की तैनाती है। मंगलवार को छात्राओं को कॉलेज परिसर के बाहर अन्य विषयों की शिक्षिकाएं पढ़ा रही थीं। प्रयोगशाला में ताला लगा हुआ था। वर्ष 1989 में कॉलेज को इंटर स्तर तक उच्चीकृत किया गया, लेकिन अभी तक अलग प्रयोगशाला नहीं बनी है।
विज्ञान वर्ग में एक भी छात्र पंजीकृत नहीं
गौरीगंज के राघीपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज को हाईटेक सुविधाओं से लैस बताया जाता है, लेकिन स्थिति दावों के विपरीत है। मंगलवार को प्रयोगशाला बंद मिली। कॉलेज में केवल चार शिक्षक हैं, जिनमें विज्ञान का एक भी शिक्षक नहीं है। इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग में कोई भी छात्र पंजीकृत नहीं है। इस कारण हाईस्कूल में विज्ञान की पढ़ाई अन्य विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों से कराई जा रही है।