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Amethi News: दहेज हत्या में दोषी पति व ससुर को आठ साल की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:13 AM IST
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अमेठी सिटी। दहेज उत्पीड़न और हत्या के 11 वर्ष पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम सुल्तानपुर ने शुक्रवार को निर्णय सुनाया। न्यायाधीश राकेश यादव की अदालत ने पति अतुल पांडेय और ससुर अनिल पांडेय को दोषी ठहराते हुए आठ वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
इस मामले में सास ऊषा देवी, जेठ विकास, जेठानी मंजू और देवर विद्याधर उर्फ रिंकू पांडेय को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ मिला। अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। संग्रामपुर क्षेत्र के रानीपुर-करनाईपुर निवासी वादी शिवबरन पांडेय के अनुसार वर्ष 2012 में भतीजी खुशबू पांडेय का विवाह मुंशीगंज के शोभा पांडेय का पुरवा निवासी अतुल पांडेय से हुआ था।
आरोप था कि विवाह के बाद अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न शुरू हुआ। चार जून 2015 को खुशबू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वादी की तहरीर पर मुंशीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने पति और ससुर की भूमिका को प्रमुख बताया, जबकि बचाव पक्ष ने सभी आरोपों से इन्कार किया। उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत ने पति और ससुर को दोषी माना। अन्य आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर राहत दी गई। अदालत ने दोनों दोषियों को सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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इस मामले में सास ऊषा देवी, जेठ विकास, जेठानी मंजू और देवर विद्याधर उर्फ रिंकू पांडेय को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ मिला। अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। संग्रामपुर क्षेत्र के रानीपुर-करनाईपुर निवासी वादी शिवबरन पांडेय के अनुसार वर्ष 2012 में भतीजी खुशबू पांडेय का विवाह मुंशीगंज के शोभा पांडेय का पुरवा निवासी अतुल पांडेय से हुआ था।
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आरोप था कि विवाह के बाद अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न शुरू हुआ। चार जून 2015 को खुशबू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वादी की तहरीर पर मुंशीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने पति और ससुर की भूमिका को प्रमुख बताया, जबकि बचाव पक्ष ने सभी आरोपों से इन्कार किया। उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत ने पति और ससुर को दोषी माना। अन्य आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर राहत दी गई। अदालत ने दोनों दोषियों को सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।