{"_id":"69d947e7203e9c50230ec165","slug":"consumers-struggle-for-gas-spending-days-in-long-queues-amethi-news-c-96-1-lu11010-163067-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: गैस के लिए जूझ रहे उपभोक्ता, लंबी कतार में बीत रहा दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: गैस के लिए जूझ रहे उपभोक्ता, लंबी कतार में बीत रहा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:26 AM IST
विज्ञापन
संग्रामपुर में अस्थायी वितरण केंद्र से सिलिंडर प्राप्त करने का इंतजार करते उपभोक्ता। संवाद
विज्ञापन
अमेठी/संग्रामपुर। प्रकाश गैस एजेंसी में अनियमितता सामने आने के बाद पैदा हुआ सिलिंडर संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन की ओर से लगातार वितरण की व्यवस्था बनाए रखने के बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
अस्थायी वितरण केंद्रों पर रोज सैकड़ों लोग सुबह से कतार में खड़े रहते हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं को देर शाम तक इंतजार करना पड़ता है। बुकिंग और डीएसी कोड से जुड़ी दिक्कतों के चलते भी लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है।
एजेंसी पर कार्रवाई के बाद सोमवार से बृहस्पतिवार तक ककवा रोड स्थित देव मैरिज लॉन में अस्थायी काउंटर बनाकर तीन एजेंसियों के सहयोग से करीब दो हजार सिलिंडर वितरित किए गए। भीड़ बढ़ने पर शुक्रवार से केंद्र को संग्रामपुर मार्ग स्थित कालिका मैरिज लॉन स्थानांतरित कर दिया गया।
यहां शुक्रवार सुबह से ही 800 से अधिक उपभोक्ता कतार में नजर आए। तेज धूप में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चों के साथ आए लोग घंटों खड़े रहने को मजबूर रहे। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि समस्या कई दिनों से बनी हुई है और रोज उम्मीद के साथ आने के बावजूद उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
डीएसी कोड की अनिवार्यता उपभोक्ताओं के लिए बड़ी बाधा बन गई है। जिनके पास पुराना कोड है या जिनका कोड सिस्टम में प्रदर्शित नहीं हो रहा, उन्हें सिलिंडर नहीं दिया जा रहा। शुक्रवार को दो ट्रकों से आए 732 सिलिंडरों का वितरण किया गया। चार दिनों में दो हजार से अधिक सिलिंडर बांटे जा चुके हैं, इसके बावजूद मांग अधिक होने से स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है।
धूप में इंतजार, फिर भी राहत नहीं
बघवारिया निवासी सूर्यमणि मिश्र ने बताया कि गैस बुकिंग के बाद डीएसी कोड मिलने के बावजूद सिस्टम में नाम न दिखने से उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। राम किशोर ने कहा कि सुबह से कतार में खड़े रहने के बाद भी उनका नंबर देर शाम आया। सीमा देवी ने बताया कि छोटे बच्चे के साथ धूप में खड़ा रहना बेहद मुश्किल है। राजेश कुमार ने पुराने डीएसी कोड के कारण सिलिंडर न मिलने की बात कही। शबाना ने बताया कि वह तीन दिनों से लगातार आ रही हैं, लेकिन हर बार भीड़ के कारण लौटना पड़ रहा है। रमेश यादव ने व्यवस्था सुधारने की जरूरत बताई, जबकि सुनीता ने समय पर सही जानकारी न मिलने को सबसे बड़ी समस्या बताया।
जल्द सामान्य होगी व्यवस्था
पूर्ति निरीक्षक शुभम ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के डीएसी कोड जारी हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। नए कोड जारी होने के साथ अन्य उपभोक्ताओं को भी गैस मिलेगी। उन्होंने जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई।
Trending Videos
अस्थायी वितरण केंद्रों पर रोज सैकड़ों लोग सुबह से कतार में खड़े रहते हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं को देर शाम तक इंतजार करना पड़ता है। बुकिंग और डीएसी कोड से जुड़ी दिक्कतों के चलते भी लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एजेंसी पर कार्रवाई के बाद सोमवार से बृहस्पतिवार तक ककवा रोड स्थित देव मैरिज लॉन में अस्थायी काउंटर बनाकर तीन एजेंसियों के सहयोग से करीब दो हजार सिलिंडर वितरित किए गए। भीड़ बढ़ने पर शुक्रवार से केंद्र को संग्रामपुर मार्ग स्थित कालिका मैरिज लॉन स्थानांतरित कर दिया गया।
यहां शुक्रवार सुबह से ही 800 से अधिक उपभोक्ता कतार में नजर आए। तेज धूप में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चों के साथ आए लोग घंटों खड़े रहने को मजबूर रहे। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि समस्या कई दिनों से बनी हुई है और रोज उम्मीद के साथ आने के बावजूद उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
डीएसी कोड की अनिवार्यता उपभोक्ताओं के लिए बड़ी बाधा बन गई है। जिनके पास पुराना कोड है या जिनका कोड सिस्टम में प्रदर्शित नहीं हो रहा, उन्हें सिलिंडर नहीं दिया जा रहा। शुक्रवार को दो ट्रकों से आए 732 सिलिंडरों का वितरण किया गया। चार दिनों में दो हजार से अधिक सिलिंडर बांटे जा चुके हैं, इसके बावजूद मांग अधिक होने से स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है।
धूप में इंतजार, फिर भी राहत नहीं
बघवारिया निवासी सूर्यमणि मिश्र ने बताया कि गैस बुकिंग के बाद डीएसी कोड मिलने के बावजूद सिस्टम में नाम न दिखने से उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। राम किशोर ने कहा कि सुबह से कतार में खड़े रहने के बाद भी उनका नंबर देर शाम आया। सीमा देवी ने बताया कि छोटे बच्चे के साथ धूप में खड़ा रहना बेहद मुश्किल है। राजेश कुमार ने पुराने डीएसी कोड के कारण सिलिंडर न मिलने की बात कही। शबाना ने बताया कि वह तीन दिनों से लगातार आ रही हैं, लेकिन हर बार भीड़ के कारण लौटना पड़ रहा है। रमेश यादव ने व्यवस्था सुधारने की जरूरत बताई, जबकि सुनीता ने समय पर सही जानकारी न मिलने को सबसे बड़ी समस्या बताया।
जल्द सामान्य होगी व्यवस्था
पूर्ति निरीक्षक शुभम ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के डीएसी कोड जारी हो चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। नए कोड जारी होने के साथ अन्य उपभोक्ताओं को भी गैस मिलेगी। उन्होंने जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई।