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Amethi News: स्कूली वैनों में क्षमता से अधिक बच्चे

संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sat, 11 Apr 2026 12:24 AM IST
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School vans carrying more children than their capacity
अमेठी शहर में ओवरलोड होकर बच्चों को ले जाता स्कूल वाहन। संवाद
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अमेठी। अमेठी। शहर में स्कूली बच्चों के परिवहन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। वैन और बसों में तय क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा है। इससे उनकी सुरक्षा लगातार खतरे में पड़ रही है। कई वाहनों की स्थिति भी ठीक नहीं पाई गई है।
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आठ बच्चों की क्षमता वाली वैन में 18 तक बच्चे बैठाए गए। वहीं 18 सीटर बसों में 30 बच्चे सफर करते दिखे। चालक के पास वाली सीट पर भी कई बच्चों को बैठाया गया था। कई वैनों में खिड़कियों पर ग्रिल नहीं मिली। कुछ वाहनों में शीशे टूटे हुए पाए गए हैं। ऐसे में छोटे बच्चों के गिरने या चोट लगने की आशंका बनी रहती है। अधिकतर वाहनों में प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं मिला। इससे आपात स्थिति में तत्काल मदद मिलना मुश्किल होगा।।
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सुरक्षा व्यवस्था नदारद
शहर में शुक्रवार को अधिकांश स्कूली वैनों में प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड बॉक्स तक मौजूद नहीं मिला। किसी भी आपात स्थिति में बच्चों को तुरंत मदद नहीं मिल सकेगी। वहीं किसी वैन में ग्रिल भी नहीं मिली।

पहचान नंबर का अभाव
शहर में अधिकांश स्कूली वाहनों में निर्धारित सीटों से अतिरिक्त सीटें बसों में बनाई गई थीं। वहीं दो सीटों पर तीन बच्चे बैठे दिखाई दिए। साथ ही बीच में बच्चे सीट न पाने के कारण खड़े दिखाई दिए। ऐसे में अभिभावकों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से बच्चों की सुरक्षा खतरे में है।



सवाल तो वाजिब हैं
क्या स्कूल से बस की फिटनेस रिपोर्ट मांगी जा सकती है?
कॉपी-किताबें स्कूल से ही मिलती हैं, तो बस या वैन बाहरी क्यों?
स्कूल और बाहरी वैन की दर में अंतर क्यों है?
बसों का किराया कौन तय करता है?
बच्चों को ई-रिक्शा से क्यों भेजा जा रहा है?
एलपीजी वैन में बच्चों को क्यों बैठाया जा रहा है?


प्रशासन की चेतावनी

एआरटीओ महेंद्र बाबू ने सभी स्कूल संचालकों से वैन और बसों की फिटनेस सुनिश्चित करने को कहा है। नियमों का पालन न होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी वाहन की फिटनेस रिपोर्ट देखने की अपील की है।
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