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Amethi News: सेवा और सद्कर्म से सार्थक बनाएं जीवन
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 01 Jun 2026 12:48 AM IST
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अमेठी के भरथीपुर गांव में कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
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अमेठी सिटी। भरथीपुर गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन प्रवाचक उमेश नारायण शास्त्री ने रास पंचाध्यायी, गोपी गीत और सुदामा चरित्र का वर्णन किया। कहा कि रास पंचाध्यायी योगमाया की ऐसी लीला है, जिसमें भगवान का प्रेम लोक कल्याण का माध्यम बनता है। राधा और कृष्ण एक ही दिव्य चेतना के दो स्वरूप हैं।
प्रवाचक ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ज्ञान यज्ञ है, जो मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। कहा कि मनुष्य जीवन अनेक योनियों के बाद प्राप्त होता है, इसलिए इसे धर्म, सेवा और सद्कर्म के साथ सार्थक बनाना चाहिए। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्काम मित्रता का उदाहरण दिया तथा बताया कि भगवान अपने भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। इस मौके पर मुख्य यजमान सरयू देवी, राजपति, रामकेवल मिश्र, राममूर्ति मिश्र, शैलेंद्र पांडेय, अनुराग तिवारी आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ज्ञान यज्ञ है, जो मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। कहा कि मनुष्य जीवन अनेक योनियों के बाद प्राप्त होता है, इसलिए इसे धर्म, सेवा और सद्कर्म के साथ सार्थक बनाना चाहिए। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्काम मित्रता का उदाहरण दिया तथा बताया कि भगवान अपने भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। इस मौके पर मुख्य यजमान सरयू देवी, राजपति, रामकेवल मिश्र, राममूर्ति मिश्र, शैलेंद्र पांडेय, अनुराग तिवारी आदि मौजूद रहे।
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