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Amethi News: सामूहिक विवाह योजना को लगी भ्रष्टाचार की नजर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 07 Jan 2026 12:26 AM IST
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अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को भ्रष्टाचार की नजर लग गई, तभी इस आयोजन को तिथियां घोषित होने के बावजूद दो बार टालना पड़ा। फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगाने वाली एक विवादित फर्म को उपहार सामग्री आपूर्ति का काम दे दिया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज ने यह तथ्य उच्चाधिकारियों से छिपाए रखा, लेकिन बाद में मामला उजागर हो गया। जिलाधिकारी संजय चौहान ने निदेशक समाज कल्याण को पत्र भेजा है। नलिन राज करीब 20 दिन तक अवकाश पर रहे हैं।
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ी निविदा प्रक्रिया में सामने आईं खामियों के बाद यह मामला चर्चा में आया है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन और विवाह उपरांत वधुओं को दी जाने वाली उपहार सामग्री की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित की गई थी। इसमें मेसर्स श्री बालाजी फूड प्रोडक्ट्स बड़ा घोसियाना मलिकमऊ रोड, रायबरेली को एल-1 फर्म घोषित करते हुए चयन समिति ने चयनित किया। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी फतेहपुर की ओर से एक दिसंबर 2025 को भेजे गए पत्र में गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
पत्र में उल्लेख किया गया कि संबंधित फर्म के पास मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अंतर्गत सामग्री आपूर्ति से जुड़े आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही वर्ष 2022-23 और 2023-24 से संबंधित अनुभव प्रमाणपत्र जांच में कूटरचित और फर्जी पाए गए। इन तथ्यों की पुष्टि तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी अमेठी राजेश कुमार शर्मा, वर्तमान तैनाती शाहजहांपुर से भी कराई गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि निविदा में प्रस्तुत अनुभव प्रमाणपत्र पूरी तरह फर्जी हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज ने इन पत्रों का कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही उच्चाधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इसका परिणाम यह रहा कि शासन की लाभार्थीपरक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना निर्धारित दो तिथियों पर आयोजित नहीं हो सकी। पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पाया। डीएम ने पत्र में यह भी लिखा है कि नलिन राज का आचरण शासकीय दायित्वों के प्रति उदासीनता दर्शाता है। उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई संग नलिनराज का तबादला किए जाने की बात कही है। अब देखना है कि शासन स्तर पर इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज के मोबाइल पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
308 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य
वर्तमान वित्तीय वर्ष में 308 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य जिले को मिला है। 13 ब्लॉकों से करीब नौ सौ आवेदन प्राप्त हुए। ब्लॉक स्तर पर जांच के बाद 400 से अधिक आवेदनों की सूची जिला मुख्यालय भेजी गई। सामूहिक विवाह के लिए पहले चार नवंबर, फिर 17 दिसंबर की तिथि घोषित की गई थी। प्रत्येक जरूरतमंद कन्या के विवाह के लिए एक लाख रुपये निर्धारित हैं। इनमें से 60 हजार रुपये कन्या के खाते में भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये के उपहार दिए जाते हैं, जबकि शेष राशि नाश्ते और आयोजन पर खर्च होती है।
फरवरी में आयोजन की तैयारी
मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम फरवरी में कराए जाने की संभावना है। सामग्री आपूर्ति के लिए दूसरी एजेंसी नामित की जाएगी। सूची सत्यापन पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ी निविदा प्रक्रिया में सामने आईं खामियों के बाद यह मामला चर्चा में आया है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन और विवाह उपरांत वधुओं को दी जाने वाली उपहार सामग्री की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित की गई थी। इसमें मेसर्स श्री बालाजी फूड प्रोडक्ट्स बड़ा घोसियाना मलिकमऊ रोड, रायबरेली को एल-1 फर्म घोषित करते हुए चयन समिति ने चयनित किया। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी फतेहपुर की ओर से एक दिसंबर 2025 को भेजे गए पत्र में गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
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पत्र में उल्लेख किया गया कि संबंधित फर्म के पास मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अंतर्गत सामग्री आपूर्ति से जुड़े आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही वर्ष 2022-23 और 2023-24 से संबंधित अनुभव प्रमाणपत्र जांच में कूटरचित और फर्जी पाए गए। इन तथ्यों की पुष्टि तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी अमेठी राजेश कुमार शर्मा, वर्तमान तैनाती शाहजहांपुर से भी कराई गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि निविदा में प्रस्तुत अनुभव प्रमाणपत्र पूरी तरह फर्जी हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज ने इन पत्रों का कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही उच्चाधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इसका परिणाम यह रहा कि शासन की लाभार्थीपरक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना निर्धारित दो तिथियों पर आयोजित नहीं हो सकी। पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय पर नहीं मिल पाया। डीएम ने पत्र में यह भी लिखा है कि नलिन राज का आचरण शासकीय दायित्वों के प्रति उदासीनता दर्शाता है। उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई संग नलिनराज का तबादला किए जाने की बात कही है। अब देखना है कि शासन स्तर पर इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) नलिन राज के मोबाइल पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
308 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य
वर्तमान वित्तीय वर्ष में 308 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य जिले को मिला है। 13 ब्लॉकों से करीब नौ सौ आवेदन प्राप्त हुए। ब्लॉक स्तर पर जांच के बाद 400 से अधिक आवेदनों की सूची जिला मुख्यालय भेजी गई। सामूहिक विवाह के लिए पहले चार नवंबर, फिर 17 दिसंबर की तिथि घोषित की गई थी। प्रत्येक जरूरतमंद कन्या के विवाह के लिए एक लाख रुपये निर्धारित हैं। इनमें से 60 हजार रुपये कन्या के खाते में भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये के उपहार दिए जाते हैं, जबकि शेष राशि नाश्ते और आयोजन पर खर्च होती है।
फरवरी में आयोजन की तैयारी
मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम फरवरी में कराए जाने की संभावना है। सामग्री आपूर्ति के लिए दूसरी एजेंसी नामित की जाएगी। सूची सत्यापन पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए गए हैं।