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Amethi News: झलकारी बाई से प्रेरणा लें महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 06 Apr 2026 12:36 AM IST
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अमेठी सिटी। झलकारी बाई और पूरन कोरी का बलिदान दिवस रविवार को गौरीगंज स्थित निजी लॉन में शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और दोनों वीरों के योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बुद्ध, कबीरदास, डॉ. भीमराव आंबेडकर, कांशीराम और झलकारी बाई के चित्रों पर पुष्पार्चन के साथ हुई। इसके बाद त्रिसरण पंचशील का सामूहिक पाठ किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद बिहार सरकार के सेवानिवृत्त पूर्व गृह सचिव जिया लाल आर्य ने झलकारी बाई को भारतीय महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए सामाजिक बुराइयों को दूर करने और महिलाओं को सम्मान देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाएं झलकारी बाई से प्रेरणा लें। उन्होंने उनके नाम पर खेल पुरस्कार और विश्वविद्यालय स्थापित करने की भी बात कही। डॉ. सुनील दत्त ने झलकारी बाई के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की। बामसेफ जिला संयोजक संजीव भारती ने बताया कि अमेठी में यह कार्यक्रम वर्ष 1995 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन संजय कुमार ने किया, जबकि अध्यक्षता केश कुमारी ने की।
इस दौरान राम सजीवन कोरी, उदयराज कोरी, धर्मराज कोरी, तारावती, ज्योति वर्मा, लालती देवी, मंजू, इंद्र पाल गौतम, हरिश्चंद्र कोरी आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बुद्ध, कबीरदास, डॉ. भीमराव आंबेडकर, कांशीराम और झलकारी बाई के चित्रों पर पुष्पार्चन के साथ हुई। इसके बाद त्रिसरण पंचशील का सामूहिक पाठ किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद बिहार सरकार के सेवानिवृत्त पूर्व गृह सचिव जिया लाल आर्य ने झलकारी बाई को भारतीय महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए सामाजिक बुराइयों को दूर करने और महिलाओं को सम्मान देने पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि महिलाएं झलकारी बाई से प्रेरणा लें। उन्होंने उनके नाम पर खेल पुरस्कार और विश्वविद्यालय स्थापित करने की भी बात कही। डॉ. सुनील दत्त ने झलकारी बाई के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की। बामसेफ जिला संयोजक संजीव भारती ने बताया कि अमेठी में यह कार्यक्रम वर्ष 1995 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन संजय कुमार ने किया, जबकि अध्यक्षता केश कुमारी ने की।
इस दौरान राम सजीवन कोरी, उदयराज कोरी, धर्मराज कोरी, तारावती, ज्योति वर्मा, लालती देवी, मंजू, इंद्र पाल गौतम, हरिश्चंद्र कोरी आदि मौजूद रहे।