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Amroha News: जीएसटी चोरी के शक में 150 फर्में रडार पर, 43 फर्मों की जांच में अनियमितताएं मिलीं

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:51 AM IST
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150 firms under the scanner for suspected GST evasion; irregularities found during the investigation of 43 firms.
- जवाब नहीं देने पर होगी सख्त कार्रवाई, विभाग भेजेगा रिमाइंडर
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। जिले में जीएसटी चोरी के मामलों को लेकर वाणिज्यकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जीएसटी जमा नहीं करने के संदेह में 150 फर्मों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिन्होंने अभी तक सामान की आपूर्ति से संबंधित कोई ब्योरा नहीं दिया है और न ही अब तक किसी भी फर्म ने विभाग को संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। ऐसे में विभाग अब सभी फर्मों को रिमाइंडर नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद भी जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ढाई लाख से ऊपर के टेंडर करने पर टीडीएस जमा करना भी जरूरी होता है लेकिन फर्म संचालक इससे कम धनराशि का काम दिखाकर टीडीएस भी जमा नहीं करते हैं।
जनपद की 576 ग्राम पंचायतों में मनरेगा, राज्य वित्त और 15वें वित्त आयोग की धनराशि से विकास कार्य कराए जाते हैं। इन कार्यों के लिए पंचायत सचिव और प्रधान विभिन्न ठेकेदारों की फर्मों से सामग्री खरीदते हैं। गत नवंबर में मंडलायुक्त के निर्देश पर 196 फर्मों की सूची तैयार कर वाणिज्यकर विभाग को भेजी गई थी। जिसमें प्रमुख रूप से राखी फोटो स्टूडियो फर्म भी रही। विभाग से यह जानकारी मांगी गई थी कि संबंधित फर्में जीएसटी की कटौती के बाद उसे सरकारी खाते में जमा कर रही हैं या नहीं।
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जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिसमें अधिकतर फर्मों की ओर से जीएसटी जमा नहीं की गई। इसके बाद विभाग ने 150 फर्म संचालकों को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए कहा, लेकिन किसी भी फर्म संचालक ने जवाब नहीं दिया। वहीं 43 फर्मों की जांच में पाया गया कि उन्होंने भुगतान के दौरान जीएसटी की कटौती तो की लेकिन उसे विभाग में जमा नहीं कराया।
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कई फर्में जांच के दौरान अपने पंजीकृत पते पर भी नहीं मिलीं, जिससे फर्जी बिलिंग और कागजी लेनदेन की आशंका और गहरा गई। अधिकारियों के फर्मों ने जीएसटी की कटौती की, लेकिन उसे सरकारी खाते में जमा नहीं कराया। इतना ही नहीं, कंपोजिट योजना में पंजीकृत होने के बावजूद जीएसटी की कटौती करना भी नियमों के विपरीत पाया गया है। अब विभाग की ओर रिमाइंडर भेजने की तैयारी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर इसके बाद भी कोई फर्म संचालक जवाब नहीं देगा तो नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
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ऐसे होती है जीएसटी चोरी
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ढाई लाख से ऊपर टीडीएस काटना अनिवार्य है, लेकिन कुछ फर्म काम ढाई लाख से नीचे का काम दिखाकर टीडीएस नहीं काटती हैं। इसमें 18 प्रतिशत जीएसटी भी कटती है। अगर दो प्रतिशत टीडीएस काटा गया है,तो फिर 16 प्रतिशत ही जीएसटी जमा करनी होती है। जब संबंधित फर्म से सामान खरीद की जानकारी मांगी जाती है, तब सारी जानकारी सामने आती है। जिसमें न टीडीएस जमा होता है और न ही जीएसटी जमा होती है। यह फर्म ग्राम पंचायतों, नगर निकायों में काम कराती हैं।

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जिन फर्मों को नोटिस भेजे गए थे, उनके द्वारा अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। सभी को रिमाइंडर जारी किए जाएंगे। कुछ फर्मों की जांच में जीएसटी चोरी सामने आई है। जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।-महेश चंद्र, डीसी, वाणिज्यकर विभाग
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