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Amroha News: मध्य गंगा नहर लबालब, चार लाख किसान होंगे लाभान्वित
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अमरोहा। मध्य गंगा नहर एक बार फिर पानी आने से लबालब है। इससे किसानों के चेहरे खिल गए। क्षेत्र के गांव सहसपुर अलीनगर तक पानी पहुंच गया। पानी देखने को ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। इस क्षेत्र के लिए यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे फसलों की सिंचाई में फायदा मिलेगा और भूजल स्तर में भी सुधार होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी पानी ट्रायल के तौर पर छोड़ा गया है। इससे चार जिलों के करीब चार लाख किसानों को फायदा मिलेगा।
जिले में करीब 4990 करोड़ रुपये की लागत से मध्य गंगा नहर परियोजना का निर्माण कराया गया था। इसके तहत चंदौसी और बहजोई शाखाओं के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में रजवाहों का निर्माण किया गया, ताकि खेतों तक आसानी से पानी पहुंच सके। लेकिन अधिकांश नहरें लंबे समय से सूखी पड़ी थीं। अब बिजनौर कैनाल से पानी छोड़े जाने के बाद यह पानी चंदौसी वाली शाखा में कांकरसराय, शेखूपुरा गुर्जर गांव होते हुए सहसपुर अलीनगर तक पानी पहुंच गया है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क में पानी पहुंचने में अभी कुछ समय लगेगा। मध्य गंगा नहर मंडल के जनपद बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और संभल से होकर गुजरेगी। इससे चारों जनपदों के करीब चार लाख किसानों को फायदा मिलेगा और फसलों की सिंचाई आसान हो जाएगी।
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परियोजना में 1500 पुल और पुलियों का निर्माण भी कराया गया है। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अब नहर की पटरी भी तैयार कराई जाएगी। 21 जुलाई को मोहनपुर गांव के पास में पानी ओवरफ्लो होने की वजह से बंद कर दिया गया था और जगह-जगह जेसीबी से नहर में साफ-सफाई कराई गई। इसके बाद शुक्रवार को फिर नहर में पानी छोड़ा गया।
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भूजल स्तर सुधारने में मिलेगी मदद
विशेषज्ञों का मानना है कि नहरों में नियमित पानी आने से खेतों की सिंचाई आसान होगी और क्षेत्र के लगातार गिर रहे भूजल स्तर में भी सुधार होगा। इससे किसानों की ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होगी, बिजली और डीजल की बचत होगी तथा कृषि लागत में भी कमी आएगी।
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नहरों के पास बरतें सावधान
सिंचाई विभाग ने लोगों से अपील की है कि नहरों में पानी छोड़ा जा चुका है, इसलिए अनावश्यक रूप से नहरों के आसपास न जाएं और न ही उनमें उतरें। किसानों से पशुओं को भी नहर में न ले जाने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि पानी का प्रवाह धीरे-धीरे बढ़ेगा और समय में कुछ बदलाव भी संभव है, इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है।
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मध्य गंगा नहर में पानी आते ही खिले किसानों के चेहरे
हसनपुर। क्षेत्र के गांव दौलतपुर नहरी के पास से गुजर रही मध्य गंगा नहर में तेज गति से पानी का बहाव शुरू हो गया है। नहर में लबालब पानी देखते ही स्थानीय किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। लंबे समय से इलाके के किसान प्रशासन और सिंचाई विभाग से नहर में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे थे।
नहर में पानी न होने के कारण फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही थी, जिससे किसानों को निजी नलकूपों और डीजल पंपों का सहारा लेना पड़ रहा था। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था। अब मुख्य नहर में तेज गति से पानी आने के बाद खेतों तक सिंचाई का पानी आसानी से पहुंच सकेगा।
किसानों का कहना है कि सही समय पर नहर में पानी मिलने से उनकी फसलों को संजीवनी मिली है। इससे न केवल उनकी लागत में कमी आएगी, बल्कि पैदावार भी बेहतर होने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने पानी छोड़े जाने पर राहत की सांस ली है। संवाद
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एक नजर में परियोजना
मध्य गंगा नहर
लागत 4990 करोड़ रुपये
पानी की क्षमता 7000 क्यूसेक
माइनर व रजवाहों की संख्या 1245
प्रस्तावित सिंचित क्षेत्र 146532 हेक्टेयर
इसमें शामिल गांव 1850
ब्लॉकों की संख्या 12
किसान 4 लाख
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नहर निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। नहरों पर करीब चार हजार नौ सौ करोड़ रुपये खर्च हुए। अभी पानी ट्रायल के तौर पर छोड़ा गया है। जिससे पानी की रफ्तार कम है। पूरे नेटवर्क में पानी आने में समय लगेगा। एक साथ ज्यादा पानी नहीं छोड़ सकते। इससे नुकसान की संभावना रहती है। इससे चारों जनपदों के करीब चार लाख किसानों को फायदा मिलेगा।
-अखिलेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, मध्य गंगा नहर
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किसान बोले.....
नहर में पानी आने से क्षेत्र का भूजल स्तर सुधरेगा, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था होने से किसानों की फसलों की पैदावार बढ़ेगी, सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा और खेती करना आसान होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि समय पर नहर में पानी मिलने से क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। मनोज कुमार, किसान
......
मध्य गंगा नहर में पानी आने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त एवं स्वच्छ पानी उपलब्ध होगा, जिससे फसलों की बेहतर सिंचाई हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नहर में नियमित पानी आने से क्षेत्र के भूजल स्तर में भी सुधार होगा और किसानों को खेती करने में काफी सुविधा मिलेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ किसानों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। -उस्मान, किसान
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जिले में करीब 4990 करोड़ रुपये की लागत से मध्य गंगा नहर परियोजना का निर्माण कराया गया था। इसके तहत चंदौसी और बहजोई शाखाओं के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में रजवाहों का निर्माण किया गया, ताकि खेतों तक आसानी से पानी पहुंच सके। लेकिन अधिकांश नहरें लंबे समय से सूखी पड़ी थीं। अब बिजनौर कैनाल से पानी छोड़े जाने के बाद यह पानी चंदौसी वाली शाखा में कांकरसराय, शेखूपुरा गुर्जर गांव होते हुए सहसपुर अलीनगर तक पानी पहुंच गया है।
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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क में पानी पहुंचने में अभी कुछ समय लगेगा। मध्य गंगा नहर मंडल के जनपद बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और संभल से होकर गुजरेगी। इससे चारों जनपदों के करीब चार लाख किसानों को फायदा मिलेगा और फसलों की सिंचाई आसान हो जाएगी।
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परियोजना में 1500 पुल और पुलियों का निर्माण भी कराया गया है। जिससे ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अब नहर की पटरी भी तैयार कराई जाएगी। 21 जुलाई को मोहनपुर गांव के पास में पानी ओवरफ्लो होने की वजह से बंद कर दिया गया था और जगह-जगह जेसीबी से नहर में साफ-सफाई कराई गई। इसके बाद शुक्रवार को फिर नहर में पानी छोड़ा गया।
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भूजल स्तर सुधारने में मिलेगी मदद
विशेषज्ञों का मानना है कि नहरों में नियमित पानी आने से खेतों की सिंचाई आसान होगी और क्षेत्र के लगातार गिर रहे भूजल स्तर में भी सुधार होगा। इससे किसानों की ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होगी, बिजली और डीजल की बचत होगी तथा कृषि लागत में भी कमी आएगी।
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नहरों के पास बरतें सावधान
सिंचाई विभाग ने लोगों से अपील की है कि नहरों में पानी छोड़ा जा चुका है, इसलिए अनावश्यक रूप से नहरों के आसपास न जाएं और न ही उनमें उतरें। किसानों से पशुओं को भी नहर में न ले जाने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि पानी का प्रवाह धीरे-धीरे बढ़ेगा और समय में कुछ बदलाव भी संभव है, इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है।
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मध्य गंगा नहर में पानी आते ही खिले किसानों के चेहरे
हसनपुर। क्षेत्र के गांव दौलतपुर नहरी के पास से गुजर रही मध्य गंगा नहर में तेज गति से पानी का बहाव शुरू हो गया है। नहर में लबालब पानी देखते ही स्थानीय किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। लंबे समय से इलाके के किसान प्रशासन और सिंचाई विभाग से नहर में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे थे।
नहर में पानी न होने के कारण फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही थी, जिससे किसानों को निजी नलकूपों और डीजल पंपों का सहारा लेना पड़ रहा था। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था। अब मुख्य नहर में तेज गति से पानी आने के बाद खेतों तक सिंचाई का पानी आसानी से पहुंच सकेगा।
किसानों का कहना है कि सही समय पर नहर में पानी मिलने से उनकी फसलों को संजीवनी मिली है। इससे न केवल उनकी लागत में कमी आएगी, बल्कि पैदावार भी बेहतर होने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने पानी छोड़े जाने पर राहत की सांस ली है। संवाद
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एक नजर में परियोजना
मध्य गंगा नहर
लागत 4990 करोड़ रुपये
पानी की क्षमता 7000 क्यूसेक
माइनर व रजवाहों की संख्या 1245
प्रस्तावित सिंचित क्षेत्र 146532 हेक्टेयर
इसमें शामिल गांव 1850
ब्लॉकों की संख्या 12
किसान 4 लाख
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नहर निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। नहरों पर करीब चार हजार नौ सौ करोड़ रुपये खर्च हुए। अभी पानी ट्रायल के तौर पर छोड़ा गया है। जिससे पानी की रफ्तार कम है। पूरे नेटवर्क में पानी आने में समय लगेगा। एक साथ ज्यादा पानी नहीं छोड़ सकते। इससे नुकसान की संभावना रहती है। इससे चारों जनपदों के करीब चार लाख किसानों को फायदा मिलेगा।
-अखिलेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, मध्य गंगा नहर
किसान बोले.....
नहर में पानी आने से क्षेत्र का भूजल स्तर सुधरेगा, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था होने से किसानों की फसलों की पैदावार बढ़ेगी, सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा और खेती करना आसान होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि समय पर नहर में पानी मिलने से क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। मनोज कुमार, किसान
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मध्य गंगा नहर में पानी आने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त एवं स्वच्छ पानी उपलब्ध होगा, जिससे फसलों की बेहतर सिंचाई हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नहर में नियमित पानी आने से क्षेत्र के भूजल स्तर में भी सुधार होगा और किसानों को खेती करने में काफी सुविधा मिलेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ किसानों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। -उस्मान, किसान