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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: पात्र आवेदनों के सत्यापन का चल रहा काम, अभी विवाह की तारीख तय नहीं
Mon, 29 Jun 2026 01:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 29 Jun 2026 01:48 AM IST
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अमरोहा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने के लिए किए गए आवेदनों की अभी जांच चल रही है। कुछ की जिला स्तर पर हो रही है तो कुछ आवेदनों की ब्लॉक स्तर पर जांच कराई जा रही है लेकिन अभी तक विवाह की तारीख तय नहीं हुई है। इस बार वर-वधू की विवाह की फोटो पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। जिले को इस बार 850 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य मिला है। जिसके लिए साढ़े तीन हजार लोगों ने आवेदन कर दिए। जिसमें से 2200 आवेदन निरस्त हो चुके हैं। प्रशासन के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर कोई अपात्र मिला तो संबंधित के वेतन से धनराशि की कटौती की जाएगी।
पहले चरण की जांच में अब तक 572 आवेदन ही पात्र मिले हैं। अब दूसरे चरण की जांच ब्लॉक स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। जिला स्तरीय अधिकारी भी जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में निकलकर आया कि ऐसे लोगों ने भी आवेदन कर दिए थे, जिनकी बेटियों की शादी पहले ही हो चुकी थी। मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 2200 आवेदन निरस्त कर दिए हैं। तीन चरणों की जांच के बाद भी अगर किसी अपात्र ने लाभ लिया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक बार स्कूटनी भी कराई जाएगी।
सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरु की है। जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह कराए जाते हैं। योजना में प्रत्येक जोड़े को एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इस वर्ष अमरोहा जिले को 850 जोड़ों का लक्ष्य मिला है। क्योंकि दिसंबर 2025 के बाद से कोई विवाह कार्यक्रम नहीं हुआ जबकि विवाह के लिए लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किए। समाज कल्याण विभाग ने 31 मई तक आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसमें करीब साढ़े तीन हजार आवेदन प्राप्त हुए। आवेदन पत्रों की प्रारंभिक जांच में ही 2200 आवेदन निरस्त कर दिए गए। इसमें से लगभग 1500 ऐसे आवेदन मिले, जिनमें लड़कियों की शादी पहले ही हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया गया था। इसके अलावा करीब 700 ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें परिवारों ने शादी से पहले आवेदन किया था। हालांकि सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तिथि तय नहीं होने के कारण परिजनों ने अपनी सुविधा के अनुसार बेटियों का विवाह कर दिया। बाद में जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित युवतियां पहले ही ससुराल जा चुकी हैं। इन सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। जांच तो 25 जून तक पूरी करनी थी लेकिन अभी जांच चल रही है। जिला समाज कल्यााण अधिकारी पंखुरी जैन ने बताया कि अभी आवेदनों की जांच का कार्य चल रहा है। हर स्तर पर जांच पूरी करके ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद डीएम से बात कर विवाह की तारीख तय की जाएंगी।-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
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विधानसभावार कराए जाएंगे सामूहिक विवाह
सीएम सामूहिक विवाह विधानसभा वार कराए जाएंगे। जनप्रतिनिधियों से मिलकर ही अधिकारी विवाह की तारीख तय करेंगे। इसके हिसाब से ही विभागीय अधिकारी तैयारी कर रहे हैं। वर-वधू की बायोमीट्रिक से जांच कराई जाएगी। मशीन में अंगूठा नहीं आया तो आंखों की स्कैनिंग कर उनका सत्यापन कराया जाएगा।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सरकार एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इसमें 60 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। इसके अलावा 15 हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं, जबकि 25 हजार रुपये मूल्य का गृहस्थी का सामान नवविवाहित जोड़े को उपहार स्वरूप दिया जाता है।
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योजना का लाभ लेने के लिए यह जरूरी शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है। दोनों का पहला विवाह होना चाहिए तथा परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पात्रता तय की जाती है।
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अभी आवेदनों की जांच का काम चल रहा है। हर स्तर पर जांच कराई जा रही है। इसके बाद भी अगर कोई अपात्र मिला तो संबंधित कर्मचारी के वेतन से धनराशि की कटौती की जाएगी। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। बहुत जल्द ही विवाह की तारीख भी तय की जाएंगी। अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
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पहले चरण की जांच में अब तक 572 आवेदन ही पात्र मिले हैं। अब दूसरे चरण की जांच ब्लॉक स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। जिला स्तरीय अधिकारी भी जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में निकलकर आया कि ऐसे लोगों ने भी आवेदन कर दिए थे, जिनकी बेटियों की शादी पहले ही हो चुकी थी। मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 2200 आवेदन निरस्त कर दिए हैं। तीन चरणों की जांच के बाद भी अगर किसी अपात्र ने लाभ लिया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक बार स्कूटनी भी कराई जाएगी।
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सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरु की है। जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह कराए जाते हैं। योजना में प्रत्येक जोड़े को एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इस वर्ष अमरोहा जिले को 850 जोड़ों का लक्ष्य मिला है। क्योंकि दिसंबर 2025 के बाद से कोई विवाह कार्यक्रम नहीं हुआ जबकि विवाह के लिए लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किए। समाज कल्याण विभाग ने 31 मई तक आवेदन आमंत्रित किए थे, जिसमें करीब साढ़े तीन हजार आवेदन प्राप्त हुए। आवेदन पत्रों की प्रारंभिक जांच में ही 2200 आवेदन निरस्त कर दिए गए। इसमें से लगभग 1500 ऐसे आवेदन मिले, जिनमें लड़कियों की शादी पहले ही हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया गया था। इसके अलावा करीब 700 ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें परिवारों ने शादी से पहले आवेदन किया था। हालांकि सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तिथि तय नहीं होने के कारण परिजनों ने अपनी सुविधा के अनुसार बेटियों का विवाह कर दिया। बाद में जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित युवतियां पहले ही ससुराल जा चुकी हैं। इन सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। जांच तो 25 जून तक पूरी करनी थी लेकिन अभी जांच चल रही है। जिला समाज कल्यााण अधिकारी पंखुरी जैन ने बताया कि अभी आवेदनों की जांच का कार्य चल रहा है। हर स्तर पर जांच पूरी करके ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद डीएम से बात कर विवाह की तारीख तय की जाएंगी।
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विधानसभावार कराए जाएंगे सामूहिक विवाह
सीएम सामूहिक विवाह विधानसभा वार कराए जाएंगे। जनप्रतिनिधियों से मिलकर ही अधिकारी विवाह की तारीख तय करेंगे। इसके हिसाब से ही विभागीय अधिकारी तैयारी कर रहे हैं। वर-वधू की बायोमीट्रिक से जांच कराई जाएगी। मशीन में अंगूठा नहीं आया तो आंखों की स्कैनिंग कर उनका सत्यापन कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सरकार एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इसमें 60 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। इसके अलावा 15 हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं, जबकि 25 हजार रुपये मूल्य का गृहस्थी का सामान नवविवाहित जोड़े को उपहार स्वरूप दिया जाता है।
योजना का लाभ लेने के लिए यह जरूरी शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है। दोनों का पहला विवाह होना चाहिए तथा परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पात्रता तय की जाती है।
अभी आवेदनों की जांच का काम चल रहा है। हर स्तर पर जांच कराई जा रही है। इसके बाद भी अगर कोई अपात्र मिला तो संबंधित कर्मचारी के वेतन से धनराशि की कटौती की जाएगी। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। बहुत जल्द ही विवाह की तारीख भी तय की जाएंगी। अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ