{"_id":"69ee77e8f3ee3c416501513e","slug":"consumer-commission-orders-restoration-of-electricity-connection-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-162377-2026-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: उपभोक्ता आयोग ने बिजली कनेक्शन जोड़ने का दिया आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: उपभोक्ता आयोग ने बिजली कनेक्शन जोड़ने का दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 27 Apr 2026 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमरोहा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अमरोहा ने महत्वपूर्ण मामले में विद्युत विभाग को कनेक्शन जोड़ने का आदेश दिया है। बिजली विभाग ने बिल जमा होने के बाद भी काटा गया कनेक्शन नहीं जोड़ा था।
गजरौला के मोहल्ला शुक्लपुरी में प्रदीप कुमार चाहल का परिवार रहता है। उन्होंने 6 जुलाई 2018 को 22032 रुपये जमा कर दिया था। इसमें एक हजार रुपये लाइन काटने व जोड़ने का शुल्क शामिल था। इसके बावजूद विद्युत विभाग ने उनका कनेक्शन दोबारा चालू नहीं किया, जिससे उन्हें मानसिक, आर्थिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मामले में प्रदीप कुमार चाहल ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और गजरौला विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को आरोपी बनाते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शरण ली। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान बिजली विभाग के अधिकारी उपस्थित नहीं हुए, जिस पर आयोग ने 5 जनवरी 2019 को एकपक्षीय निर्णय दिया था। बाद में बिजली विभाग ने राज्य आयोग लखनऊ में अपील की, जहां से 17 दिसंबर 2021 को मामला पुनः सुनवाई के लिए जिला आयोग को भेज दिया गया। दोबारा सुनवाई के दौरान विद्युत विभाग ने दावा किया कि उपभोक्ता का कनेक्शन व्यावसायिक श्रेणी (एलएमवी-2) का है और वह आइस फैक्टरी के लिए उपयोग हो रहा था, इसलिए आयोग के पास सुनवाई का अधिकार नहीं है।
साथ ही विभाग ने यह भी बताया कि मीटर जांच के बाद अतिरिक्त खपत सामने आई, जिसके आधार पर आगे के बिल जारी किए गए। हालांकि आयोग ने पाया कि प्रदीप कुमार चाहल ने नोटिस के अनुसार मांगी गई पूरी राशि जमा कर दी थी। साथ ही रिकॉर्ड में यह भी स्पष्ट हुआ कि 6 फरवरी 2018 से ही उसकी बिजली लाइन काट दी गई थी।
आयोग ने यह भी कहा कि प्रदीप कुमार चाहल ने अपने परिवाद में केवल कनेक्शन बहाल करने की मांग की थी, न कि बाद के बिलों को चुनौती दी थी, इसलिए निर्णय उसी दायरे में दिया गया। अध्यक्ष रमा शंकर सिंह एवं महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित की पीठ ने आदेश में कहा कि यदि 6 जुलाई 2018 के बाद कोई बकाया नहीं है, तो विभाग कनेक्शन चालू करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि बाद का कोई बकाया शेष है, तो उसका भुगतान किए बिना यह आदेश लागू नहीं होगा।
Trending Videos
गजरौला के मोहल्ला शुक्लपुरी में प्रदीप कुमार चाहल का परिवार रहता है। उन्होंने 6 जुलाई 2018 को 22032 रुपये जमा कर दिया था। इसमें एक हजार रुपये लाइन काटने व जोड़ने का शुल्क शामिल था। इसके बावजूद विद्युत विभाग ने उनका कनेक्शन दोबारा चालू नहीं किया, जिससे उन्हें मानसिक, आर्थिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले में प्रदीप कुमार चाहल ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और गजरौला विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को आरोपी बनाते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शरण ली। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान बिजली विभाग के अधिकारी उपस्थित नहीं हुए, जिस पर आयोग ने 5 जनवरी 2019 को एकपक्षीय निर्णय दिया था। बाद में बिजली विभाग ने राज्य आयोग लखनऊ में अपील की, जहां से 17 दिसंबर 2021 को मामला पुनः सुनवाई के लिए जिला आयोग को भेज दिया गया। दोबारा सुनवाई के दौरान विद्युत विभाग ने दावा किया कि उपभोक्ता का कनेक्शन व्यावसायिक श्रेणी (एलएमवी-2) का है और वह आइस फैक्टरी के लिए उपयोग हो रहा था, इसलिए आयोग के पास सुनवाई का अधिकार नहीं है।
साथ ही विभाग ने यह भी बताया कि मीटर जांच के बाद अतिरिक्त खपत सामने आई, जिसके आधार पर आगे के बिल जारी किए गए। हालांकि आयोग ने पाया कि प्रदीप कुमार चाहल ने नोटिस के अनुसार मांगी गई पूरी राशि जमा कर दी थी। साथ ही रिकॉर्ड में यह भी स्पष्ट हुआ कि 6 फरवरी 2018 से ही उसकी बिजली लाइन काट दी गई थी।
आयोग ने यह भी कहा कि प्रदीप कुमार चाहल ने अपने परिवाद में केवल कनेक्शन बहाल करने की मांग की थी, न कि बाद के बिलों को चुनौती दी थी, इसलिए निर्णय उसी दायरे में दिया गया। अध्यक्ष रमा शंकर सिंह एवं महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित की पीठ ने आदेश में कहा कि यदि 6 जुलाई 2018 के बाद कोई बकाया नहीं है, तो विभाग कनेक्शन चालू करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि बाद का कोई बकाया शेष है, तो उसका भुगतान किए बिना यह आदेश लागू नहीं होगा।

कमेंट
कमेंट X