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Amroha News: मजाक बनीं परिषदीय स्कूलों की परीक्षाएं, अधिकांश जगह नहीं पहुंचे पेपर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:22 AM IST
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Council school exams have become a joke, papers haven't reached most places
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मुरादाबाद। परिषदीय स्कूलों में सालाना परीक्षाएं मंडल में मजाक बनकर रह गईं। बीस मार्च तक होने वाली परीक्षाओं में पहले दिन सोमवार को सभी जिलों में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। कहीं प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे तो कहीं कम पड़ गए। कहीं तय विषय के स्थान पर दूसरे सब्जेक्ट की परीक्षा कराने की नौबत भी आ गई। पेपर के अभाव में ब्लैकबोर्ड पर लिखे सवालों को बच्चों से हल करवाकर कई जगह परीक्षा की औपचारिकता पूरी कराई गई। फर्नीचर के अभाव में बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठाने के दृश्य कई जगह देखने को मिले।
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पहले दिन सोमवार को कक्षा एक से पांच तक मौखिक परीक्षा थी। कक्षा छह से आठ तक शारीरिक शिक्षा, गृह शिल्प और कृषि विज्ञान की विधिवत परीक्षा थी। इस दौरान कई विद्यालयों में प्रश्नपत्र समय से नहीं पहुंचे। कक्षा छह से आठ तक कृषि विज्ञान का प्रश्नपत्र कई स्कूलों में नहीं आने से ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा करानी पड़ी।
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अमरोहा में धनौरा-डिडौली में विद्यार्थी ही नहीं, शिक्षक भी रहे परेशान

अमरोहा। जिले के 1266 बेसिक स्कूलों में करीब 1.3 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जा रही हैं। कुछ स्कूलों में सुबह नौ बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के पेपर 9:30 बजे तक भी नहीं पहुंचे। इन स्थानों पर शिक्षकों को ब्लैक बोर्ड पर सवाल लिखकर कॉपी पर बच्चों से सवालों के हल कराए गए। कृषि विज्ञान के पेपर में यह प्रयोग कई जगह हुआ। जूनियर हाईस्कूल डिडौली के सहायक अध्यापक मोहम्मद हारुन ने बताया कि विद्यालय में कृषि विज्ञान का प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा था, इसलिए छात्रों को अभ्यास के तौर पर ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखकर उत्तर लिखवाए गए। डिडौली के ही प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में कक्षा एक से पांच तक मौखिक परीक्षा कराई गई। मंडी धनौरा क्षेत्र में भी स्थिति ऐसी ही रही।

अमरोहा जिले में दूसरी पाली में होने वाली खेल व स्वास्थ्य विषय की परीक्षा पहली पाली में कराने के कई उदाहरण भी सामने आए। कुछ जगह व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र मंगवाकर उसकी फोटोकॉपी बांटकर परीक्षा कराई। गृह विज्ञान का प्रश्नपत्र भी कई स्थानों पर परीक्षा शुरू होने के करीब एक घंटे बाद पहुंचा। कई विद्यालयों में फर्श पर बैठकर परीक्षा देने से बच्चों को लिखने में दिक्कत हुई। कुछ अभिभावकों ने इन स्थितियों पर नाराजगी जाहिर की है।

हसनपुर क्षेत्र कई स्कूलों में भी कृषि विज्ञान का प्रश्नपत्र समय पर नहीं पहुंचा, जिससे शिक्षकों ने ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा कराई। उच्च प्राथमिक विद्यालय गंगाचोली, उच्च प्राथमिक विद्यालय अल्लीपुर और उच्च प्राथमिक विद्यालय शब्दलपुर सहित कई स्कूलों में शिक्षकों को स्वयं प्रश्न तैयार कर बोर्ड पर लिखने पड़े। इसके बाद बच्चों की परीक्षा कराई।

पूर्व माध्यमिक विद्यालय ढबारसी में सुबह 9:15 बजे तक छात्रों को उत्तर पुस्तिकाएं बांट दी गई थीं लेकिन प्रश्नपत्र हाथ नहीं आया। उस समय विद्यालय में केवल एक शिक्षक गुलाब सिंह मौजूद थे। उन्होंने बताया कि छात्रों का कृषि विज्ञान का पेपर था लेकिन प्रश्नपत्र नहीं मिलने पर बाद में शिक्षकों ने खुद ही प्रश्न लिखकर परीक्षा कराई। उच्च प्राथमिक विद्यालय ढबारसी में भी यही स्थिति देखने को मिली। यहां सभी शिक्षक मौजूद थे, लेकिन प्रश्नपत्र न पहुंचने के कारण काफी देर तक असमंजस की स्थिति बनी रही। बाद में विद्यालय स्तर पर प्रश्न तैयार कर परीक्षा कराई गई।

खंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद ने बताया कि कृषि विज्ञान का प्रश्नपत्र ऊपर से ही नहीं आया था। इसके चलते स्कूलों को अपने स्तर पर व्यवस्था कर परीक्षा करानी पड़ी।

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अमरोहा-
सोमवार को कक्षा एक से पांच तक मौखिक परीक्षा हुई। कक्षा छह से आठ तक शारीरिक शिक्षा, गृह शिल्प और कृषि विज्ञान का पेपर हुआ। शारीरिक शिक्षा और गृह शिल्प का पेपर सभी स्कूलों में पहुंच गया था। कृषि विज्ञान का पेपर के लिए स्कूल स्तर से व्यवस्था के लिए कहा गया था। इस लिए कृषि का पेपर भेजा ही नहीं गया था। -प्रशांत कुमार, जिला समन्वयक, बीएसए कार्यालय, अमरोहा

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रामपुर में परीक्षा में भी जमीन पर ही नजर आए बच्चे

रामपुर। जिले के 1596 परिषदीय स्कूलों में शुरू हुई वार्षिक परीक्षाओं ने शिक्षा विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी। पहले ही दिन कई स्कूलों में अव्यवस्थाएं नजर आईं। दर्जनों विद्यालयों में पर्याप्त फर्नीचर की व्यवस्था न होने के कारण बच्चों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी। इससे बच्चों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

सोमवार को जनपद के परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत करीब 1.38 लाख विद्यार्थियों में से 1.30 लाख बच्चों ने परीक्षा दी। स्वार के कंपोजिट विद्यालय गमनपुरा में बच्चे टाट-पट्टी पर बैठे नजर आए। कुछ ऐसा ही दृश्य कंपोजिट विद्यालय बेरखेड़ी, प्राथमिक विद्यालय ललवारा, कमोरा समेत कई स्कूलों में दिखा। वहां भी बच्चे जमीन पर बैठकर परीक्षा देते नजर आए। खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि कुछ स्कूलों में फर्नीचर की कमी होने के कारण बच्चों को नीचे बैठकर परीक्षा देनी पड़ रही है। फर्नीचर के लिए शासन से मांग की गई है। जल्द ही फर्नीचर मिलने की उम्मीद है।

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ब्लैक बोर्ड पर सवाल लिखकर हाथोंहाथ बनाया प्रश्नपत्र

संभल/चंदौसी। जिले भर के 1289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में सोमवार से परीक्षाएं शुरू हो गई। इस बीच प्रश्नपत्र न पहुंचने की समस्या से कई स्कूल जूझे। बाद में ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा करानी पड़ी। मौलागढ़ न्याय पंचायत से जुड़े कुछ उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक के प्रश्नपत्र समय पर नहीं पहुंचे। इस कारण शिक्षकों ने ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा कराई। ब्लॉक बनियाखेड़ा के कुछ गांवों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी प्रश्नपत्र समय से नहीं पहुंचने पर ब्लैक बोर्ड पर सवाल लिखकर परीक्षा कराने की औपचारिकता निभाई गई।

जिले में सुबह की पाली में सुबह 9:15 बजे से 11:30 बजे तक कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की सभी विषयों की मौखिक परीक्षा कराई गई। इसी पाली में कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों की बेसिक क्राफ्ट, कला कृषि और गृह शिल्प की लिखित परीक्षा और दूसरी पाली में दोपहर 12:15 बजे से 2:30 बजे तक कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों की खेल एवं शारीरिक शिक्षा और स्काउट-गाइड विषय की परीक्षा आयोजित की गई।

जनेटा के कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद तारिक ने बताया कि सिर्फ पहली पाली का ही प्रश्नपत्र प्राप्त नहीं हुआ था। बाद में पता चला कि न्याय पंचायत मौलागढ़ के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पहली पाली के कक्षा छह से आठवीं तक के प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे हैं। इसी कारण वैकल्पिक प्रबंधों से परीक्षा कराई गई।

बहजोई में बीईओ मुंशीलाल पटेल ने कहा कि जिले के सभी विद्यालयों में शनिवार को ही प्रश्नपत्र पहुंचा दिए गए थे, यदि कुछ विद्यालयों में प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे हैं तो जानकारी कर स्थिति सुधारी जाएगी।

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