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Amroha News: नौगावां में डेयर कर्मी की हत्या कर शव भूसे के ढेर में छिपाया
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नौगावां सादात। गांव नाजरपुर कलां में दुग्ध डेयरी के कर्मचारी प्रदीप कुमार (40) की हत्या कर शव पॉलिथीन में लपेटकर भूसे के ढेर में छिपा दिया गया। बुधवार की दोपहर को जब डेयरी संचालक के परिजन भूसा निकालने पहुंचे तो शव देखकर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर एसपी लखन सिंह यादव और एएसपी अवध भदौरिया मौके पर पहुंचे। पुलिस को जो जानकारी मिली उसके मुताबिक प्रदीप 17 अगस्त से लापता था।
मूलरूप से मुरादाबाद जनपद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव हाफिजपुर निवासी प्रदीप कुमार अविवाहित था। करीब पांच साल से वह नाजरपुर कलां गांव के निवर्तमान प्रधान एवं प्रशासक राकेश कुमार व वेदपाल की साझे की डेयरी पर नौकरी करता था। डेयरी संचालक राकेश कुमार व वेदपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि प्रदीप की बहन अमन देवी की ससुराल भी गांव नाजरपुर में ही है। 17 अगस्त को अमन देवी व उसकी छोटी बहन प्रदीप से मिलने आई थीं। दोपहर बाद दोनों बहने घर लौट गई। उसी रात लगभग 9:30 बजे डेयरी के दो कर्मी पशुशाला पहुंचे थे और प्रदीप से दूध लेकर चले गए थे। अगले दिन जब प्रदीप नजर नहीं आया तो उन्हें लगा कि उसकी बहन मिलने के लिए आईं थीं लिहाजा हो सकता है कि वह उनके साथ चला गया हो। इसी वजह से उसके लापता होने को लेकर कोई संदेह नहीं था।
बुधवार दोपहर पशुशाला के पास बने कमरे से परिवार के सदस्य भूसा निकालने पहुंचे। जैसे ही भूसा हटाया तो प्रदीप का शव पॉलिथीन में लिपटा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। एसपी और एएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली।
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प्रदीप की मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। -अवधभान भदौरिया, सीओ
मोबाइल और कपड़े डेयरी पर ही मिले
18 अगस्त की सुबह वेदपाल सिंह डेयरी पर पहुंचे तो प्रदीप वहां नहीं मिला। उसका मोबाइल और कपड़े डेयरी पर ही रखे थे। इसके बाद पशुशाला का काम निपटाने के बाद उन्होंने प्रदीप की बहन को फोन कर उसके साथ जाने के बारे में जानकारी की, लेकिन बहन ने इससे इन्कार कर दिया। 19 अगस्त की सुबह तक भी प्रदीप का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद डेयरी संचालक राकेश और वेदपाल सिंह थाने पहुंचे और पुलिस को प्रदीप के लापता होने की सूचना दी थी।
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मूलरूप से मुरादाबाद जनपद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव हाफिजपुर निवासी प्रदीप कुमार अविवाहित था। करीब पांच साल से वह नाजरपुर कलां गांव के निवर्तमान प्रधान एवं प्रशासक राकेश कुमार व वेदपाल की साझे की डेयरी पर नौकरी करता था। डेयरी संचालक राकेश कुमार व वेदपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि प्रदीप की बहन अमन देवी की ससुराल भी गांव नाजरपुर में ही है। 17 अगस्त को अमन देवी व उसकी छोटी बहन प्रदीप से मिलने आई थीं। दोपहर बाद दोनों बहने घर लौट गई। उसी रात लगभग 9:30 बजे डेयरी के दो कर्मी पशुशाला पहुंचे थे और प्रदीप से दूध लेकर चले गए थे। अगले दिन जब प्रदीप नजर नहीं आया तो उन्हें लगा कि उसकी बहन मिलने के लिए आईं थीं लिहाजा हो सकता है कि वह उनके साथ चला गया हो। इसी वजह से उसके लापता होने को लेकर कोई संदेह नहीं था।
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बुधवार दोपहर पशुशाला के पास बने कमरे से परिवार के सदस्य भूसा निकालने पहुंचे। जैसे ही भूसा हटाया तो प्रदीप का शव पॉलिथीन में लिपटा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। एसपी और एएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली।
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प्रदीप की मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। -अवधभान भदौरिया, सीओ
मोबाइल और कपड़े डेयरी पर ही मिले
18 अगस्त की सुबह वेदपाल सिंह डेयरी पर पहुंचे तो प्रदीप वहां नहीं मिला। उसका मोबाइल और कपड़े डेयरी पर ही रखे थे। इसके बाद पशुशाला का काम निपटाने के बाद उन्होंने प्रदीप की बहन को फोन कर उसके साथ जाने के बारे में जानकारी की, लेकिन बहन ने इससे इन्कार कर दिया। 19 अगस्त की सुबह तक भी प्रदीप का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद डेयरी संचालक राकेश और वेदपाल सिंह थाने पहुंचे और पुलिस को प्रदीप के लापता होने की सूचना दी थी।