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Amroha News: किसान बोले, बजट में एमएसपी को शामिल नहीं करना चिंताजनक

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 02:26 AM IST
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Farmers said that not including MSP in the budget is worrying.
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अमरोहा। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर अधिकांश किसानों ने निराशाजनक बात कही है। किसानों का कहना है कि बजट में एमएसपी को लागू करने की कोई बात शामिल नहीं है। जबकि लंबे समय से किसान एमएसपी को लागू करने की मांग कर रहे हैं। किसानों को मांगों को बजट में अनदेखा किया गया है। हालांकि कुछ नई चीजें किसानों के लिए बजट में जरूर लाई गई हैं।
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किसानों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
देश के किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में 25 हजार रुपये प्रतिवर्ष करके राम जी योजना को खेती किसानी से मर्ज होने की उम्मीद थी, परंतु देश का किसानआखिरी पायदान पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार को किसानों के प्रति गंभीरता से चिंतन की आवश्यकता है, करोना काल में संसार में भारत की अर्थव्यवस्था केवल देश के किसानों की वजह से ही बची थी।
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-दिवाकर सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाकियू शंकर
- ये बजट किसान विरोधी है। जो सरकार से किसानों को उम्मीद थी। उम्मीद के अनुसार कुछ भी किसानों को नहीं मिला। एमएसपी लागू होने की उम्मीद थी, लेकिन उसे बजट में शामिल नहीं किया है। हरियाणा, पंजाब के हिसाब से गन्ने के दाम किसानों को नहीं मिल रहे।
-काले सिंह चौहान, ब्लॉक हसनपुर भाकियू टिकैत


- ये बजट किसानों के लिए निराशा जनक है। इसमें किसानों के लिए कुछ भी नहीं है। ना किसान सम्मान निधि बढ़ाई गई है। ना ही किसानों की फसलों की सुरक्षा एवं किसानों की सुरक्षा के कोई प्रावधान नहीं है।
-उम्मेद सिंह, राष्ट्रीय महासचिव, भाकियू अराजनैतिक


-खेती में एआई टूल का आना एक बड़ा कदम है। किसानों को अक्सर सही समय पर कीटनाशकों और मौसम की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती। अगर यह ऐप वाकई क्षेत्रीय भाषा में सही सलाह देता है, तो हमारी लागत कम होगी और पैदावार बढ़ेगी। तकनीक ही खेती का भविष्य है।
-सुरेंद्र सिंह त्यागी, हल्दी की जैविक खेती करने वाले किसान

- सरकार का प्राकृतिक खेती पर एक करोड़ किसानों को जोड़ने का लक्ष्य अच्छा है, लेकिन इसके लिए बाजारों की कमी है। बजट में पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों के लिए बादाम-अखरोट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों पर जो ध्यान दिया गया है, लेकिन मैदानी इलाके के किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। किसानों के लिए यह बजट कोई खास नहीं है।
-चंद्रदेव उर्फ चमन सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू भानू अमरोहा


- छोटे किसानों की समस्याएं, कृषि यंत्रों पर जीएसटी अधिक होना, किसान सम्मान निधि जैसी योजना को बढ़ावा न देना, प्राकृतिक खेती का लक्ष्य घोषणा करने के बाद भी किसानों को डीबीटी के माध्यम से अपना जैविक खाद बनाने को प्रोत्साहन न देना चिंता का विषय है। बजट में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है।
-नरेंद्र सिंह, प्रांत उपाध्यक्ष भाकिसं
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