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Amroha News: जनवरी की बारिश ने तोड़ा बीते सात सालों का रिकॉर्ड
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अमरोहा। जनवरी माह की आखिरी रात हुई बारिश ने पिछले सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। रविवार यानी एक फरवरी को भी दिन भर बारिश पड़ती रही। इस साल जनवरी माह में करीब 80 एमएम (मिलीमीटर) बारिश रिकार्ड की गई है। 27 जनवरी को बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई थी, इसके बाद लगातार ठंड का एहसास हो रहा था लेकिन शनिवार की रात फिर हुई बारिश ने ठंड को और बढ़ा दिया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो यह बारिश सरसों और दलहनी फसलों के लिए नुकसानदेह साबित होगी तो वहीं गेहूं की फसल के लिए अमृत है। लगातार बारिश होने से किसान परेशान है, उन्हें फसलों में भारी नुकसान की चिंता सता रही है। जबकि बारिश और ओलावृष्टि के कारण सब्जी की फसलों में भी भारी नुकसान हो चुका है। हालांकि, अधिकारी ज्यादा नुकसान से साफ इनकार कर रहे हैं। जबकि किसान भारी नुकसान होने की बात कह रहे हैं।
कृषि विभाग के सरकारी आंकड़ों की बात करें तो साल 2019 में जनवरी माह में 8.50 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी। जबकि वर्ष 2020 में 21.50 एमएम बारिश पड़ी। इसके बाद वर्ष 2019 में पूरे जनवरी माह बारिश की एक बूंद नहीं गिरी थी। इसके बाद वर्ष 2022 के जनवरी माह में रिकॉर्ड तोड़ बारिश पड़ी। इस महीने 75.75 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इसके बाद साल 2023 में सिर्फ 6.37 एमएम बारिश रिकार्ड की गई तो वर्ष 2024 के जनवरी माह में भी सूखा पड़ा। इस महीने भी बारिश की एक बूंद नहीं पड़ी थी।
इसके बाद साल 2025 में सिर्फ दो एमएम बारिश रिकार्ड की गई जबकि साल 2026 जनवरी माह में अब तक 80 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है, जो पिछले सालों में सबसे ज्यादा है। जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि यह बारिश सरसों व दलहनी फसलों के साथ सब्जी की फसलों को भी नुकसान पहुंचाएगी। हालांकि इतना नुकसान नहीं है, जिससे सरकार से किसानों को मुआवजा दिलाया जा सके।
फोटो
तेज हवा व बारिश से पेड़ टूटकर बिजली तारों पर गिरा
मंडी धनौरा। शनिवार की रात तेज हवा के साथ हुई बारिश से एक पेड़ टूट कर बिजली तारों पर गिर गया। बिजली तार टूटने से खादर क्षेत्र के तीन गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्राम शाहजहांपुर के पास शनिवार की रात एक पेड़ टूट कर गिर गया। पेड़ की शाखाएं पास में गुजर रहे बिजली तारों पर गिर गए। ग्रामीणों ने बिजली विभाग को सूचना दी। बिजली तार टूटने से गांव देवीपुरा, पहाड़पुर, पपसरी खादर आदि की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। संवाद
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कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो यह बारिश सरसों और दलहनी फसलों के लिए नुकसानदेह साबित होगी तो वहीं गेहूं की फसल के लिए अमृत है। लगातार बारिश होने से किसान परेशान है, उन्हें फसलों में भारी नुकसान की चिंता सता रही है। जबकि बारिश और ओलावृष्टि के कारण सब्जी की फसलों में भी भारी नुकसान हो चुका है। हालांकि, अधिकारी ज्यादा नुकसान से साफ इनकार कर रहे हैं। जबकि किसान भारी नुकसान होने की बात कह रहे हैं।
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कृषि विभाग के सरकारी आंकड़ों की बात करें तो साल 2019 में जनवरी माह में 8.50 एमएम बारिश रिकार्ड की गई थी। जबकि वर्ष 2020 में 21.50 एमएम बारिश पड़ी। इसके बाद वर्ष 2019 में पूरे जनवरी माह बारिश की एक बूंद नहीं गिरी थी। इसके बाद वर्ष 2022 के जनवरी माह में रिकॉर्ड तोड़ बारिश पड़ी। इस महीने 75.75 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इसके बाद साल 2023 में सिर्फ 6.37 एमएम बारिश रिकार्ड की गई तो वर्ष 2024 के जनवरी माह में भी सूखा पड़ा। इस महीने भी बारिश की एक बूंद नहीं पड़ी थी।
इसके बाद साल 2025 में सिर्फ दो एमएम बारिश रिकार्ड की गई जबकि साल 2026 जनवरी माह में अब तक 80 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है, जो पिछले सालों में सबसे ज्यादा है। जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि यह बारिश सरसों व दलहनी फसलों के साथ सब्जी की फसलों को भी नुकसान पहुंचाएगी। हालांकि इतना नुकसान नहीं है, जिससे सरकार से किसानों को मुआवजा दिलाया जा सके।
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तेज हवा व बारिश से पेड़ टूटकर बिजली तारों पर गिरा
मंडी धनौरा। शनिवार की रात तेज हवा के साथ हुई बारिश से एक पेड़ टूट कर बिजली तारों पर गिर गया। बिजली तार टूटने से खादर क्षेत्र के तीन गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्राम शाहजहांपुर के पास शनिवार की रात एक पेड़ टूट कर गिर गया। पेड़ की शाखाएं पास में गुजर रहे बिजली तारों पर गिर गए। ग्रामीणों ने बिजली विभाग को सूचना दी। बिजली तार टूटने से गांव देवीपुरा, पहाड़पुर, पपसरी खादर आदि की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। संवाद
