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Amroha News: आयकर के प्रावधानों को सरल करना सराहनीय
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अमरोहा। रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट संसद में पेश किया। यह उनका नौवां बजट है। टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की मिली जुली प्रतिक्रिया में उन्होंने बताया कि बजट का फोकस आर्थिक विकास, मध्यम वर्ग की राहत, सरलीकरण और आत्मनिर्भरता पर रहा है। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं।
अधिवक्ताओं कहा कहना है कि नई टैक्स रिजीम के मौजूदा स्लैब जस के तस बने रहेंगे। पिछले बजट की तरह इससे सैलरीड व्यक्ति 12.75 लाख तक की आय पर प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री रहेंगे। नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 एक अप्रैल 2026 से लागू होगा। यह 1961 के पुराने एक्ट की जगह लेगा। फॉर्म और नियम सरल बनाए जाएंगे, ताकि आम नागरिक आसानी से अनुपालन कर सकें। नियम और आईटीआर फॉर्म जल्द अधिसूचित किए जाएंगे। विदेशी यात्रा, शिक्षा और मेडिकल रेमिटेंस पर टैक्स में कटौती की गई। टैक्स के वकीलों ने आयकर के प्रावधानों में बदलाव को अच्छा माना है। जबकि कोई बदलाव नहीं होने से निराशा हाथ ली गई।
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एसटीटी यानी सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाकर 0.1 प्रतिशत से 0.15 प्रतिशत किया गया, जिससे शेयर बाजार में गिरावट आई। आईटीआर फाइलिंग की समय सीमा में बदलाव हुआ है। आईटीआर-एक और आईटीआर-दो के लिए 31 जुलाई, अन्य के लिए संशोधित डेडलाइन 31 मार्च तक है। बजट में जीएसटी दरों में कोई नया बड़ा बदलाव नहीं घोषित हुआ, लेकिन पिछले जीएसटी कौंसिल की सिफारिशों को प्रभावी बनाया जा रहा है। यह बजट विकास, सरलीकरण और फिस्कल डिसिप्लिन पर केंद्रित है।
- अमित खंडेलवाल एडवोकेट, सचिव, जिला टैक्स बार एसोसिएशन अमरोहा
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वित्त मंत्री ने इस बार आयकर में कोई राहत नहीं दी है। आयकर की सीमा और डिडक्शन में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। नया आयकर कानून एक अप्रैल से लागू होगा, जिसमें आयकर के प्रावधानों को सरल किए जाने की बात कही गई है। अब आयकर रिटर्न को शुल्क के साथ 31 मार्च तक रिवाइज किया जा सकता है जिससे आसानी होगी। कुल मिलाकर बजट में कर में कोई राहत नहीं मिलने से निराशा हुई है।
-सैफुल हसन एडवोकेट, कर अधिवक्ता/प्रवक्ता, जिला टैक्स बार एसोसिएशन अमरोहा
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पेश किए गए बजट में आयकर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आय छुपाए जाने पर अब सजा की जगह जुर्माने का प्रावधान किया गया है जो कि एक अच्छा कदम है। नया आयकर अधिनियम एक अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा, जिसमें छोटे करदाताओं को बड़ी राहत देने की बात कही गई है। स्टेंडर्ड डिडक्शन की सीमा को बढ़ाए जाने की उम्मीद थी जो कि नहीं की गई।
- मशकूरुल हसन एडवोकेट, अध्यक्ष, जिला टैक्स बार एसोसिएशन अमरोहा
-कुल मिलाकर बजट काफ़ी संतुलित नज़र आता है और आयकर व्यवस्था को और अधिक सरल बनाने पर सरकार का ज़ोर सकारात्मक है। हालांकि वेतनभोगी वर्ग के लिए बजट में कोई ठोस नई राहत या घोषणा नहीं की गई, जिससे उनकी अपेक्षाएं अधूरी रह गईं।
-पवन कुमार एडवोकेट, इनकम टैक्स
-सरकार द्वारा बायबैक को कैपिटल गेन में शामिल करना स्वागत योग्य है, लेकिन एफओ पर एसटीटी बढ़ाना निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए गलत संकेत है। यह कदम डेरिवेटिव मार्केट की गतिविधियों को कमजोर कर सकता है।
-अभिषेक जिंदल, सीए
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एसटीटी यानी सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाकर 0.1 प्रतिशत से 0.15 प्रतिशत किया गया, जिससे शेयर बाजार में गिरावट आई। आईटीआर फाइलिंग की समय सीमा में बदलाव हुआ है। आईटीआर-एक और आईटीआर-दो के लिए 31 जुलाई, अन्य के लिए संशोधित डेडलाइन 31 मार्च तक है। बजट में जीएसटी दरों में कोई नया बड़ा बदलाव नहीं घोषित हुआ, लेकिन पिछले जीएसटी कौंसिल की सिफारिशों को प्रभावी बनाया जा रहा है। यह बजट विकास, सरलीकरण और फिस्कल डिसिप्लिन पर केंद्रित है।
- अमित खंडेलवाल एडवोकेट, सचिव, जिला टैक्स बार एसोसिएशन अमरोहा
वित्त मंत्री ने इस बार आयकर में कोई राहत नहीं दी है। आयकर की सीमा और डिडक्शन में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। नया आयकर कानून एक अप्रैल से लागू होगा, जिसमें आयकर के प्रावधानों को सरल किए जाने की बात कही गई है। अब आयकर रिटर्न को शुल्क के साथ 31 मार्च तक रिवाइज किया जा सकता है जिससे आसानी होगी। कुल मिलाकर बजट में कर में कोई राहत नहीं मिलने से निराशा हुई है।
-सैफुल हसन एडवोकेट, कर अधिवक्ता/प्रवक्ता, जिला टैक्स बार एसोसिएशन अमरोहा
पेश किए गए बजट में आयकर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आय छुपाए जाने पर अब सजा की जगह जुर्माने का प्रावधान किया गया है जो कि एक अच्छा कदम है। नया आयकर अधिनियम एक अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा, जिसमें छोटे करदाताओं को बड़ी राहत देने की बात कही गई है। स्टेंडर्ड डिडक्शन की सीमा को बढ़ाए जाने की उम्मीद थी जो कि नहीं की गई।
- मशकूरुल हसन एडवोकेट, अध्यक्ष, जिला टैक्स बार एसोसिएशन अमरोहा
-कुल मिलाकर बजट काफ़ी संतुलित नज़र आता है और आयकर व्यवस्था को और अधिक सरल बनाने पर सरकार का ज़ोर सकारात्मक है। हालांकि वेतनभोगी वर्ग के लिए बजट में कोई ठोस नई राहत या घोषणा नहीं की गई, जिससे उनकी अपेक्षाएं अधूरी रह गईं।
-पवन कुमार एडवोकेट, इनकम टैक्स
-सरकार द्वारा बायबैक को कैपिटल गेन में शामिल करना स्वागत योग्य है, लेकिन एफओ पर एसटीटी बढ़ाना निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए गलत संकेत है। यह कदम डेरिवेटिव मार्केट की गतिविधियों को कमजोर कर सकता है।
-अभिषेक जिंदल, सीए
