{"_id":"697fbe2b5276ba6354076038","slug":"report-on-committee-director-for-forcing-farmer-to-commit-suicide-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-156687-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर करने में कमेटी संचालक पर रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर करने में कमेटी संचालक पर रिपोर्ट
विज्ञापन
विज्ञापन
नौगांवा सादात। सात महीने पहले किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में न्यायालय के आदेश पर लॉटरी का काम करने वाले मारूफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के याहियापुर गांव में धर्मपाल सिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे हरवेंद्र का मखदुमपुर गांव के रहने वाले मारूफ के पास आना जाना था। मारूफ कमेटी और लॉटरी का काम करता है। लोगों की कमेटी बनाकर पैसे एकत्र करता है। हरवेंद्र के भी दो कमेटी के पैसे मारूफ पर उधार थे। आरोप है कि मारूफ हरवेंद्र के रुपये वापस नहीं कर रहा था।
13 जुलाई 2025 को हरवेंद्र के पास मारूफ का फोन आया था। मारूफ ने हरवेंद्र को कमेटी के पैसे ले जाने की बात कह कर बुलाया था। उन्हें बीज और दवाई की दुकानदार के रुपये देने थे लिहाजा हरवेंद्र घर से 70 हजार रुपये लेकर गए थे, लेकिन शाम को वापस नहीं लौटे। फोन करने पर उनकी कॉल रिसीव नहीं हो रही थी। लिहाजा परिजनों ने हरवेंद्र सिंह की तलाश शुरू कर दी। जैसे ही परिवार के लोग हरवेंद्र को पीलाकुंड गांव की तरफ तलाश करते हुए पहुंचे तो यहां रामनिवास के खेत में सेमल के पेड़ के सहारे रस्सी के फंदे पर हरवेंद्र का शव लटका हुआ था। गले में रस्सी का फंदा कसा हुआ था। परिजनों ने तुरंत हरवेंद्र को फंदे से उतारा तो उनकी मौत हो चुकी थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान पुलिस ने हरवेंद्र का मोबाइल कब्जे में ले लिया था। 11 जुलाई 2025 को थाना पुलिस ने हरवेंद्र का फोन वापस किया। इस दौरान परिवार के लोगों ने हरवेंद्र के मोबाइल के व्हाट्सएप की चैट देखी तो उनके होश उड़ गए। पिता धर्मपाल सिंह के मुताबिक व्हाट्सएप चैट में पांच मैसेज थे, जिसमें लिखा था कि मारूफ आज तूने अच्छा नहीं किया मेरे 70 हजार रुपये छीन कर। यह रुपये घर वालों के थे, अब मैं क्या करूं बता, मेरे पास कोई रास्ता नहीं है सुसाइड के अलावा। मैं तेरी वजह से मर रहा हूं मारूफ बस और कोई बात नहीं है।
हालांकि, यह मैसेज मारूफ के पास डिलीवर्ड नहीं हो सके थे। इस मामले में धर्मपाल सिंह ने शिकायत पुलिस से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर मारूफ के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos
नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के याहियापुर गांव में धर्मपाल सिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे हरवेंद्र का मखदुमपुर गांव के रहने वाले मारूफ के पास आना जाना था। मारूफ कमेटी और लॉटरी का काम करता है। लोगों की कमेटी बनाकर पैसे एकत्र करता है। हरवेंद्र के भी दो कमेटी के पैसे मारूफ पर उधार थे। आरोप है कि मारूफ हरवेंद्र के रुपये वापस नहीं कर रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
13 जुलाई 2025 को हरवेंद्र के पास मारूफ का फोन आया था। मारूफ ने हरवेंद्र को कमेटी के पैसे ले जाने की बात कह कर बुलाया था। उन्हें बीज और दवाई की दुकानदार के रुपये देने थे लिहाजा हरवेंद्र घर से 70 हजार रुपये लेकर गए थे, लेकिन शाम को वापस नहीं लौटे। फोन करने पर उनकी कॉल रिसीव नहीं हो रही थी। लिहाजा परिजनों ने हरवेंद्र सिंह की तलाश शुरू कर दी। जैसे ही परिवार के लोग हरवेंद्र को पीलाकुंड गांव की तरफ तलाश करते हुए पहुंचे तो यहां रामनिवास के खेत में सेमल के पेड़ के सहारे रस्सी के फंदे पर हरवेंद्र का शव लटका हुआ था। गले में रस्सी का फंदा कसा हुआ था। परिजनों ने तुरंत हरवेंद्र को फंदे से उतारा तो उनकी मौत हो चुकी थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान पुलिस ने हरवेंद्र का मोबाइल कब्जे में ले लिया था। 11 जुलाई 2025 को थाना पुलिस ने हरवेंद्र का फोन वापस किया। इस दौरान परिवार के लोगों ने हरवेंद्र के मोबाइल के व्हाट्सएप की चैट देखी तो उनके होश उड़ गए। पिता धर्मपाल सिंह के मुताबिक व्हाट्सएप चैट में पांच मैसेज थे, जिसमें लिखा था कि मारूफ आज तूने अच्छा नहीं किया मेरे 70 हजार रुपये छीन कर। यह रुपये घर वालों के थे, अब मैं क्या करूं बता, मेरे पास कोई रास्ता नहीं है सुसाइड के अलावा। मैं तेरी वजह से मर रहा हूं मारूफ बस और कोई बात नहीं है।
हालांकि, यह मैसेज मारूफ के पास डिलीवर्ड नहीं हो सके थे। इस मामले में धर्मपाल सिंह ने शिकायत पुलिस से की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर मारूफ के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
