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Amroha News: देसी घी से लेकर आइसक्रीम तक में मिलावट, 26 मामलों में नौ लाख रुपये से अधिक का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 04 Jun 2026 01:44 AM IST
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अमरोहा। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट का कारोबार लगातार सामने आ रहा है। जांच में देसी घी, छैना रसगुल्ला, आइसक्रीम, सरसों का तेल, कुल्फी, पनीर और दूध समेत कई खाद्य पदार्थ मानकों पर खरे नहीं उतरे। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद एडीएम कोर्ट ने 26 मामलों में संबंधित विक्रेताओं पर नौ लाख 15 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर बाजार से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आने पर कई नमूनों में गुणवत्ता संबंधी खामियां और मिलावट पाई गई। इनमें मिश्रित दूध, कुट्टू का आटा, देसी घी, छैना रसगुल्ला, आइसक्रीम, सरसों का तेल, कुल्फी, चावल, भैंस का दूध और पनीर जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं। सहायक आयुक्त खाद्य विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रयोगशाला जांच में 26 खाद्य पदार्थों के नमूने अधोमानक पाए गए। इसके बाद संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किए गए थे। सुनवाई के बाद एडीएम कोर्ट ने सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल नौ लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उन्होंने बताया कि जिन विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया गया है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा करनी होगी। यदि तय अवधि में जुर्माने की रकम जमा नहीं की गई तो उनके खिलाफ राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट की शिकायत विभाग को दें।
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ऐसे करें पहचान
सरसों के तेल की ऐसे करें पहचान
सरसों के तेल में हाइड्रोक्लोरिक एसिड नीचे साफ दिखता है और इसमें किसी भी तरह का रंग बदलता नहीं होता है तो ये शुद्ध तेल है, जबकि अगर मिलावटी तेल होगा तो इससे हाइड्रोक्लोरिक एसिड के रंग में परिवर्तन दिखाई देगा।
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मिलावटी घी की ऐसे करें पहचान
एक कटोरी में एक चम्मच घी लें। उसमें थोड़ा सा नमक और हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाकर उसे 20 मिनट तक छोड़ दें। अगर आपको घी में कोई कलर नहीं दिखता है, तो समझो वह शुद्ध है।
मिलावटी दूध की ऐसे करें पहचान
दूध में मिलावट का पता लगाने के लिए गरम दूध में नींबू का रस डाल दें। अगर शुद्ध दूध होगा तो उसका पनीर बन जाएगा। नकली होने पर दूध का पनीर नहीं बनेगा।
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कितने समय में खराब हो सकती हैं मिठाइयां
विशेषज्ञों के अनुसार यदि मिठाइयां फ्रिज में नहीं रखी गई है, तो चौबीस घंटे में खराब हो सकती है। फ्रिज में रखी हुई मिठाइयां एक सप्ताह तक चल सकती हैं। यदि जिस स्थानों पर मिठाइयों को रखा गया है, वहा नमी व गंदगी है तो जल्द मिठाइयां खराब हो सकती है।
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चौदह दिन में जांच रिपोर्ट आने का प्रावधान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि खाद्य पदार्थ असली हैं या नकली, इसकी जांच प्रयोगशाला द्वारा की जाती है। सैंपल की जांच रिपोर्ट 14 दिन में आने का प्रावधान है, लेकिन जांच रिपोर्ट आने में कई माह का समय लग जाता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर बाजार से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आने पर कई नमूनों में गुणवत्ता संबंधी खामियां और मिलावट पाई गई। इनमें मिश्रित दूध, कुट्टू का आटा, देसी घी, छैना रसगुल्ला, आइसक्रीम, सरसों का तेल, कुल्फी, चावल, भैंस का दूध और पनीर जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं। सहायक आयुक्त खाद्य विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रयोगशाला जांच में 26 खाद्य पदार्थों के नमूने अधोमानक पाए गए। इसके बाद संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किए गए थे। सुनवाई के बाद एडीएम कोर्ट ने सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल नौ लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उन्होंने बताया कि जिन विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया गया है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा करनी होगी। यदि तय अवधि में जुर्माने की रकम जमा नहीं की गई तो उनके खिलाफ राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी प्रकार की मिलावट की शिकायत विभाग को दें।
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ऐसे करें पहचान
सरसों के तेल की ऐसे करें पहचान
सरसों के तेल में हाइड्रोक्लोरिक एसिड नीचे साफ दिखता है और इसमें किसी भी तरह का रंग बदलता नहीं होता है तो ये शुद्ध तेल है, जबकि अगर मिलावटी तेल होगा तो इससे हाइड्रोक्लोरिक एसिड के रंग में परिवर्तन दिखाई देगा।
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एक कटोरी में एक चम्मच घी लें। उसमें थोड़ा सा नमक और हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाकर उसे 20 मिनट तक छोड़ दें। अगर आपको घी में कोई कलर नहीं दिखता है, तो समझो वह शुद्ध है।
मिलावटी दूध की ऐसे करें पहचान
दूध में मिलावट का पता लगाने के लिए गरम दूध में नींबू का रस डाल दें। अगर शुद्ध दूध होगा तो उसका पनीर बन जाएगा। नकली होने पर दूध का पनीर नहीं बनेगा।
कितने समय में खराब हो सकती हैं मिठाइयां
विशेषज्ञों के अनुसार यदि मिठाइयां फ्रिज में नहीं रखी गई है, तो चौबीस घंटे में खराब हो सकती है। फ्रिज में रखी हुई मिठाइयां एक सप्ताह तक चल सकती हैं। यदि जिस स्थानों पर मिठाइयों को रखा गया है, वहा नमी व गंदगी है तो जल्द मिठाइयां खराब हो सकती है।
चौदह दिन में जांच रिपोर्ट आने का प्रावधान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि खाद्य पदार्थ असली हैं या नकली, इसकी जांच प्रयोगशाला द्वारा की जाती है। सैंपल की जांच रिपोर्ट 14 दिन में आने का प्रावधान है, लेकिन जांच रिपोर्ट आने में कई माह का समय लग जाता है।