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Amroha News: कूड़ा निस्तारण केंद्रों पर लटके ताले, करोड़ों रुपये बन गए कूड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 05 Feb 2026 02:16 AM IST
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अमरोहा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों की तरह गांवों में भी कूड़े का निस्तारण हो सके। इसके लिए शासन ने करोड़ों रुपये का बजट खर्च कर दिया। कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाए गए लेकिन इन कूड़ा निस्तारण केंद्रों पर खर्च हुए धन का कूड़ा हो चुका है। केंद्रों पर ताले लटके हैं और सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हैं।
बुधवार को कूड़ा निस्तारण केंद्रों की पड़ताल करने पर अलग-अलग तस्वीर सामने आई हैं। कूड़ा निस्तारण केंद्रों का मकसद था कि गांवों से निकलने वाले कूड़े से खाद बनाकर बिक्री से पंचायत की आय बढ़ाई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। जिले के 150 से ज्यादा गांवों में यह केंद्र बनाए गए थे। जिससे घरों का कचरा इकट्ठा कर उसका डिस्पोजल कर दिया जाए। साथ ही इसका खाद बनाकर बेचने से पंचायतों की आय भी बढ़ाई जाए, लेकिन जिले में अधिकांश निस्तारण केंद्र निष्क्रिय होने से इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। न तो गांवों में कूड़ा कलेक्शन किया जाता है और न ही निस्तारण केंद्रों पर कूड़े का निस्तारण कर खाद बनाने की प्रक्रिया की जाती है।
आरआरसी सेंटर पर लगा है ताला
डिडौली। गांव में बने आरआरसी सेंटर पर अधिकांश ताला लटका रहता है। जिसके कारण यहां गंदगी के अंबार लग गए है। इसके साथ ही गांव में कूड़ा कलेक्शन भी सुविधा भी नही है। हालांकि कूड़ा कलेक्शन की सारी व्यवस्था पंचायत द्वारा की गई है। लेकिन उस पर कोई अमल पंचायत द्वारा नहीं किया जा रहा है। साथ ही शेखुपुर में आरआरसी सेंटर की हालत बेहद खराब है। यहां कूड़ा निस्तारण केंद्र पर तो ताला लटका है। लेकिन सेंटर के बाहर कूड़े के अंबार लगे हुए हैं। जिससे ग्रामीणों को भी बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रयोग में नहीं ले जाए जा रहे कूड़ा निस्तारण केंद्र, जगह-जगह पड़ी गंदगी
हसनपुर/ढबारसी। तहसील क्षेत्र में बनाए गए कूड़ा निस्तारण केंद्र प्रयोग में नहीं लाए जा रहे हैं, जबकि सड़कों पर गंदगी फैली हुई है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत में बनाए गए पूरा निस्तारण केंद्रों का प्रयोग नहीं हो रहा है वह बिना प्रयोग के ही टूटने लगे हैं। वहीं सड़कों पर कूड़े के ढेर हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द ही कूड़ा निस्तारण केंद्रों का प्रयोग किया जाए।
सभी गांवों में कूड़ा निस्तारण केंद्रों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कूड़ा कलेक्शन करने के निर्देश भी पंचायतों को दिए गए हैं। अगर लापरवाही हो रही है, तो उसको दिखवाया जाएगा।- पारूल सिसोदिया, डीपीआरओ
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बुधवार को कूड़ा निस्तारण केंद्रों की पड़ताल करने पर अलग-अलग तस्वीर सामने आई हैं। कूड़ा निस्तारण केंद्रों का मकसद था कि गांवों से निकलने वाले कूड़े से खाद बनाकर बिक्री से पंचायत की आय बढ़ाई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। जिले के 150 से ज्यादा गांवों में यह केंद्र बनाए गए थे। जिससे घरों का कचरा इकट्ठा कर उसका डिस्पोजल कर दिया जाए। साथ ही इसका खाद बनाकर बेचने से पंचायतों की आय भी बढ़ाई जाए, लेकिन जिले में अधिकांश निस्तारण केंद्र निष्क्रिय होने से इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। न तो गांवों में कूड़ा कलेक्शन किया जाता है और न ही निस्तारण केंद्रों पर कूड़े का निस्तारण कर खाद बनाने की प्रक्रिया की जाती है।
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आरआरसी सेंटर पर लगा है ताला
डिडौली। गांव में बने आरआरसी सेंटर पर अधिकांश ताला लटका रहता है। जिसके कारण यहां गंदगी के अंबार लग गए है। इसके साथ ही गांव में कूड़ा कलेक्शन भी सुविधा भी नही है। हालांकि कूड़ा कलेक्शन की सारी व्यवस्था पंचायत द्वारा की गई है। लेकिन उस पर कोई अमल पंचायत द्वारा नहीं किया जा रहा है। साथ ही शेखुपुर में आरआरसी सेंटर की हालत बेहद खराब है। यहां कूड़ा निस्तारण केंद्र पर तो ताला लटका है। लेकिन सेंटर के बाहर कूड़े के अंबार लगे हुए हैं। जिससे ग्रामीणों को भी बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रयोग में नहीं ले जाए जा रहे कूड़ा निस्तारण केंद्र, जगह-जगह पड़ी गंदगी
हसनपुर/ढबारसी। तहसील क्षेत्र में बनाए गए कूड़ा निस्तारण केंद्र प्रयोग में नहीं लाए जा रहे हैं, जबकि सड़कों पर गंदगी फैली हुई है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत में बनाए गए पूरा निस्तारण केंद्रों का प्रयोग नहीं हो रहा है वह बिना प्रयोग के ही टूटने लगे हैं। वहीं सड़कों पर कूड़े के ढेर हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द ही कूड़ा निस्तारण केंद्रों का प्रयोग किया जाए।
सभी गांवों में कूड़ा निस्तारण केंद्रों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कूड़ा कलेक्शन करने के निर्देश भी पंचायतों को दिए गए हैं। अगर लापरवाही हो रही है, तो उसको दिखवाया जाएगा।- पारूल सिसोदिया, डीपीआरओ
