{"_id":"6a0b7da29f5452ca170635ec","slug":"natures-wrath-unseasonal-rain-and-blight-destroy-tomato-crop-jpnagar-news-c-284-1-smbd1011-163955-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रकृति की मार : बेमौसम बारिश और \nझुलसा रोग से टमाटर की फसल तबाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रकृति की मार : बेमौसम बारिश और झुलसा रोग से टमाटर की फसल तबाह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मंडी धनौरा। जिले के टमाटर उत्पादकों पर इस बार मौसम और बाजार दोनों की दोहरी मार पड़ी है। बेमौसम बारिश, तेज गर्मी और झुलसा रोग ने टमाटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालत यह है कि किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही है और किसान टमाटर को खेतों व सड़कों पर फेंकने को मजबूर हैं। मंडियों में टमाटर के दाम गिरकर 10 से 12 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जबकि यही टमाटर फुटकर बाजार में 30 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
जिले में 145 हेक्टेयर जमीन में टमाटर की फसल है। मंडी धनौरा क्षेत्र के धनौरी खुर्द, शाहबाजपुर गुर्जर, मोहनपुर, नसीरपुर, इंदरपुर, कैसरा, ततारपुर, लिसड़ी, लालापुरी, आजमपुर, दांडी और मोहम्मदपुर पट्टी समेत कई गांवों में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती होती है।
किसानों को इस बार अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी, इसलिए उन्होंने बड़े स्तर पर फसल लगाई थी, लेकिन मौसम की मार ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों के मुताबिक मार्च और अप्रैल में अचानक बढ़े तापमान के कारण फसल में झुलसा रोग फैल गया। कीटनाशकों के छिड़काव के बावजूद रोग पर नियंत्रण नहीं हो सका। इसके बाद लगातार हुई बेमौसम बारिश से फसल गलने लगी।
विज्ञापन
मोहनपुर निवासी किसान महीपाल सिंह ने बताया कि झुलसा रोग के कारण करीब 40 प्रतिशत फसल खराब हो गई। बची हुई फसल को बारिश ने नुकसान पहुंचा दिया। सामान्य परिस्थितियों में एक बीघा भूमि से करीब 200 क्रेट टमाटर की पैदावार होती है, लेकिन इस बार उत्पादन घटकर लगभग 75 क्रेट रह गया है।
उन्होंने बताया कि एक क्रेट में करीब 25 किलो टमाटर होता है, लेकिन कम उत्पादन और गिरते दामों के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बुधवार को मंडी में टमाटर का थोक भाव करीब 400 रुपये प्रति क्रेट रहा। किसानों का कहना है कि बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और दवाइयों पर हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी उचित मूल्य नहीं मिल रहा। अब टमाटर की खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता और उचित समर्थन मूल्य दिलाने की मांग की है।
जिले में 145 हेक्टेयर जमीन में टमाटर की फसल है। मंडी धनौरा क्षेत्र के धनौरी खुर्द, शाहबाजपुर गुर्जर, मोहनपुर, नसीरपुर, इंदरपुर, कैसरा, ततारपुर, लिसड़ी, लालापुरी, आजमपुर, दांडी और मोहम्मदपुर पट्टी समेत कई गांवों में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों को इस बार अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी, इसलिए उन्होंने बड़े स्तर पर फसल लगाई थी, लेकिन मौसम की मार ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों के मुताबिक मार्च और अप्रैल में अचानक बढ़े तापमान के कारण फसल में झुलसा रोग फैल गया। कीटनाशकों के छिड़काव के बावजूद रोग पर नियंत्रण नहीं हो सका। इसके बाद लगातार हुई बेमौसम बारिश से फसल गलने लगी।
Trending Videos
मोहनपुर निवासी किसान महीपाल सिंह ने बताया कि झुलसा रोग के कारण करीब 40 प्रतिशत फसल खराब हो गई। बची हुई फसल को बारिश ने नुकसान पहुंचा दिया। सामान्य परिस्थितियों में एक बीघा भूमि से करीब 200 क्रेट टमाटर की पैदावार होती है, लेकिन इस बार उत्पादन घटकर लगभग 75 क्रेट रह गया है।
उन्होंने बताया कि एक क्रेट में करीब 25 किलो टमाटर होता है, लेकिन कम उत्पादन और गिरते दामों के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बुधवार को मंडी में टमाटर का थोक भाव करीब 400 रुपये प्रति क्रेट रहा। किसानों का कहना है कि बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और दवाइयों पर हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी उचित मूल्य नहीं मिल रहा। अब टमाटर की खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता और उचित समर्थन मूल्य दिलाने की मांग की है।