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Amroha News: गोशालाओं की व्यवस्थाओं पर सवाल, कहीं गंदा पानी तो कहीं लू में बेहाल गोवंश
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:52 AM IST
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अमरोहा। जिले की गोशालाओं में गोवंश संरक्षण के दावों के बीच व्यवस्थाओं की हकीकत कई जगह चिंताजनक नजर आ रही है। कहीं पशुओं को पीने के लिए गंदा पानी मिल रहा है तो कहीं उन्हें भीषण गर्मी और लू के बीच खराब पंखों के सहारे छोड़ दिया गया है। कुछ गोशालाओं में क्षमता से अधिक पशु रखे जाने से भी व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है। जोया स्थित कान्हा गोशाला में 80 पशुओं की क्षमता के मुकाबले 112 गोवंश संरक्षित मिले। यहां चारा और गर्मी से बचाव के इंतजाम तो दिखाई दिए, लेकिन क्षमता से अधिक पशुओं का दबाव साफ नजर आया। वहीं मंडी धनौरा की कान्हा गाेशाला में पशुओं के पीने के पानी में गंदगी मिलने से व्यवस्थाओं पर सवाल उठे। सबसे खराब स्थिति आदमपुर क्षेत्र की चकुनी गोशाला में देखने को मिली, जहां करीब 100 गोवंश भीषण लू झेलते मिले। कई पंखे खराब पड़े थे, चारे की खुल्लियां खाली थीं और कुछ पशु बीमार हालत में दिखाई दिए। जिले में वर्तमान में 26 गोशालाएं, कान्हा उपवन और वृहद गोसंरक्षण केंद्र संचालित हैं, जिनमें कुल 5645 गोवंश संरक्षित हैं। गंगेश्वरी क्षेत्र का गुरेठा नंदी अभयारण्य सबसे बड़ा केंद्र है, जहां 1488 गोवंश रखे गए हैं। इसके बावजूद कई स्थानों पर व्यवस्थाओं की कमी और छुट्टा पशुओं की समस्या प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। भीषण गर्मी के दौर में गोशालाओं की नियमित निगरानी और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। हालांकि कई गोशालाओं में व्यवस्था ठीक मिलीं। -- -- -- -- -- -- -- --
चकूनी गोशाला की बदहाली उजागर, भीषण लू में बेहाल गोवंश, पंखे भी पड़े खराब
आदमपुर। भीषण गर्मी और लू के बीच ग्राम चकूनी स्थित गोशाला में अव्यवस्थाओं देखने को मिलीं। मंगलवार को पड़ताल के दौरान गोशाला की बदहाल स्थिति उजागर हुई। करीब 100 गोवंशीय पशुओं के आश्रय स्थल में न तो पर्याप्त चारे की व्यवस्था मिली और न ही गर्मी से बचाव के समुचित इंतजाम दिखाई दिए। टीनशेड के नीचे लगाए गए पंखे खराब पड़े मिले, जिससे पूरा परिसर तपती भट्टी में तब्दील नजर आया। चारा रखने की अधिकांश खुल्लियां खाली थीं और कहीं-कहीं केवल सूखा चारा दिखाई दिया। पानी और उचित देखभाल के अभाव में कई पशु बीमार हालत में मिले। एक बीमार गोवंश गर्मी से राहत पाने के लिए परिसर में जमा पानी में पड़ा मिला। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि निरीक्षण के दौरान गौशाला में देखरेख के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला।
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कान्हा गोशाला में गंदा मिला पशुओं का पेयजल, देखरेख व्यवस्था पर उठे सवाल
मंडी धनौरा। भीषण गर्मी के बीच नगर पालिका द्वारा संचालित कान्हा गोशाला में गोवंशीय पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गोशाला में निरीक्षण के दौरान पशुओं के पीने के लिए रखे गए पानी में गंदगी पाई गई। संवाद की टीम के पहुंचते ही केयरटेकर ने तत्काल टंकी का पानी खाली कराकर साफ पानी भरवाया। गोशाला में इस समय 114 गोवंशीय पशु संरक्षित हैं, जिनमें 51 गाय और 63 सांड़ व बछड़े शामिल हैं। गोवंशीय पशुओं के लिए पालिका की ओर से भूसे के साथ हरा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। गर्मी से राहत दिलाने के लिए पर्याप्त संख्या में पंखे और कूलर भी संचालित मिले।
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48 पंखे और चार कूलरों के सहारे कान्हा गोशाला में पशुओं को गर्मी से राहत
गजरौला। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच नगर पालिका प्रशासन कान्हा गोशाला में संरक्षित गोवंशीय पशुओं को राहत देने के लिए विशेष इंतजाम कर रहा है। गोशाला में 234 पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए 48 पंखे और चार कूलर संचालित किए जा रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है। पशुओं को दिन में दो बार प्रेशर से नहलाया जाता है, जबकि शेडों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं के चलते तेज गर्मी के बावजूद गोशाला में पशुओं को काफी हद तक राहत मिल रही है।
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गोशालाओं की मॉनिटिरिंग के लिए पशुपालन विभाग में एक कंट्रोल रुम बना रखा है। जिसमें सभी गोशालाओं को सीसीटीवी कैमरों से जोड़ रखा है। अगर कहीं पर किसी प्रकार की समस्या आती है, तो तुरंत दूर कराया जाता है। सभी गोशालाओं में पंखे लगे हैं और पानी व चारे की पर्याप्त व्यवस्था है। डॉ. आभा दत्त, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
चकूनी गोशाला की बदहाली उजागर, भीषण लू में बेहाल गोवंश, पंखे भी पड़े खराब
आदमपुर। भीषण गर्मी और लू के बीच ग्राम चकूनी स्थित गोशाला में अव्यवस्थाओं देखने को मिलीं। मंगलवार को पड़ताल के दौरान गोशाला की बदहाल स्थिति उजागर हुई। करीब 100 गोवंशीय पशुओं के आश्रय स्थल में न तो पर्याप्त चारे की व्यवस्था मिली और न ही गर्मी से बचाव के समुचित इंतजाम दिखाई दिए। टीनशेड के नीचे लगाए गए पंखे खराब पड़े मिले, जिससे पूरा परिसर तपती भट्टी में तब्दील नजर आया। चारा रखने की अधिकांश खुल्लियां खाली थीं और कहीं-कहीं केवल सूखा चारा दिखाई दिया। पानी और उचित देखभाल के अभाव में कई पशु बीमार हालत में मिले। एक बीमार गोवंश गर्मी से राहत पाने के लिए परिसर में जमा पानी में पड़ा मिला। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि निरीक्षण के दौरान गौशाला में देखरेख के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला।
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कान्हा गोशाला में गंदा मिला पशुओं का पेयजल, देखरेख व्यवस्था पर उठे सवाल
मंडी धनौरा। भीषण गर्मी के बीच नगर पालिका द्वारा संचालित कान्हा गोशाला में गोवंशीय पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गोशाला में निरीक्षण के दौरान पशुओं के पीने के लिए रखे गए पानी में गंदगी पाई गई। संवाद की टीम के पहुंचते ही केयरटेकर ने तत्काल टंकी का पानी खाली कराकर साफ पानी भरवाया। गोशाला में इस समय 114 गोवंशीय पशु संरक्षित हैं, जिनमें 51 गाय और 63 सांड़ व बछड़े शामिल हैं। गोवंशीय पशुओं के लिए पालिका की ओर से भूसे के साथ हरा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। गर्मी से राहत दिलाने के लिए पर्याप्त संख्या में पंखे और कूलर भी संचालित मिले।
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