UP: पूर्व सैनिकों व कैडेटों का अमर उजाला ने किया सम्मान, गवर्नर गुरमीत सिंह बोले- खुली आंखों से देखो बड़े सपने
मुरादाबाद के पंचायत भवन सभागार में आयोजित अमर उजाला समर्पण सम्मान कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटा.) ने शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, एनसीसी कैडेट्स और स्काउट गाइड्स को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और देश निर्माण में योगदान देने का संदेश देते हुए कहा कि भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम में एनसीसी अधिकारियों, स्काउट गाइड्स और विभिन्न कॉलेजों के कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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मुरादाबाद के पंचायत भवन सभागार में आयोजित अमर उजाला समर्पण सम्मान कार्यक्रम देशभक्ति, सम्मान और युवा ऊर्जा का संगम बन गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे उत्तराखंड के राज्यपाल व लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह ने शहीद परिवारों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, एनसीसी कैडेट्स और स्काउट गाइड्स को सम्मानित किया।
उनके हाथों सम्मान पत्र और मेडल पाकर कैडेट्स उत्साह से भर उठे। कार्यक्रम में न सिर्फ सेना के शौर्य और बलिदान का सम्मान हुआ, बल्कि नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने और देश निर्माण में योगदान देने का संदेश भी मिला। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अपने संबोधन की शुरुआत अमर उजाला की पहल की सराहना से की।
उन्होंने कहा कि समर्पण सम्मान उन लोगों को समर्पित है, जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्रभक्ति, राष्ट्र निर्माण और देश की सुरक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने मंच से युवाओं, खासकर बेटियों के आत्मविश्वास की जमकर तारीफ की। कहा कि आज की युवा पीढ़ी के अंदर जो जोश और आत्मविश्वास दिख रहा है, वह भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने युवाओं से कहा कि वह खुली आंखों से बड़े और अनलिमिटेड सपने देखें, क्योंकि आज हर सपना पूरा किया जा सकता है। अपने जीवन का उदाहरण देते हुए राज्यपाल ने बताया कि उनका जन्म अमृतसर के एक छोटे से गांव में हुआ था, जहां कोई अधिकारी नहीं था।
उनके पिता सूबेदार थे और बचपन में वह गुरुद्वारे में सिर्फ एक ही प्रार्थना करते थे कि उन्हें सेना में अधिकारी बनने का मौका मिले। उन्होंने कहा कि प्रभु ने उन्हें थ्री स्टार जनरल बना दिया। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि संकल्प मजबूत हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
उन्होंने विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेदारी आज की युवा पीढ़ी के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है।
ऐसे समय में युवाओं के अंदर सीखने का जज्बा और मजबूत इच्छाशक्ति होना बेहद जरूरी है। राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किए जाने को भावुक और गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि जो सैनिक देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देता है, उसे यह भरोसा होता है कि उसका राष्ट्र और समाज उसके परिवार का सम्मान करेगा।
उन्होंने गुरु गोविंद सिंह के साहस और संकल्प का उल्लेख करते हुए युवाओं को राष्ट्रहित में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में एनसीसी और स्काउट गाइड्स का उत्साह देखने लायक रहा। नवीं बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी कर्नल पीएन सिंह, 24वीं बटालियन के कर्नल अमित गणेश और 23वीं बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल चंद्रशेखर भट्ट समेत विभिन्न कॉलेजों के एनसीसी अधिकारी और स्काउट प्रभारी मौजूद रहे।
कैडेट्स ने राज्यपाल से मुलाकात को प्रेरणादायी अनुभव बताया। कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने सभी को केदारनाथ और बद्रीनाथ आने का निमंत्रण भी दिया।
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