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Auraiya News: नाली के विवाद में मारपीट, कोर्ट ने दिए परिवाद दर्ज के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:17 AM IST
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औरैया। बिधूना कोतवाली क्षेत्र में नाली के पानी की निकासी को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और लूटपाट तक जा पहुंचा है।
कोतवाली पुलिस से लेकर एसपी तक शिकायत की गई लेकिन पीड़ित की सुनवाई नहीं की गई। अब विशेष न्यायाधीश ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
कोतवाली के गांव बरुआ बबीना सुखचैनपुर निवासी राजनारायन ने न्यायालय को बताया कि उनके घर के पास नाली है, जिसे विपक्षी भैयालाल, जगत सिंह, आनंद कुमार, रामचंद्र और विनय ने बंद कर दिया था। जिला प्रशासन की ओर से 21 मई को नाली खुलवाई गई थी, इससे विपक्षी नाराज थे।
पीड़ित का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते 25 मई को आरोपियों ने उनके और उनकी पत्नी रमाकांती को पीट दिया। 26 मई की सुबह आरोपी लाठी-डंडा लेकर पीड़ित के घर पहुंचे। गाली-गलौज करते हुए पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों उनकी पत्नी के गले से सोने की जंजीर भी लूट ले गए। राजनारायन का कहना है कि उन्होंने घटना की शिकायत कोतवाली से लेकर एसपी अभिषेक भारती से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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थाना बिधूना से मांगी गई रिपोर्ट में भी किसी अभियोग के पंजीकृत न होने की बात सामने आई। न्यायालय ने पाया कि पीड़ित ने मेडिकल रिपोर्ट या चोटों का विवरण स्पष्ट नहीं किया है लेकिन इस स्थिति में पुलिस विवेचना न होने के आधार पर पीड़ित को न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर मिलना न्यायसंगत है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 जून 2026 को होगी, जिसमें वादी के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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जब्त वाहन को कोर्ट ने किया रिलीज
औरैया। एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज किए गए एक मिनी ट्रक को कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए मालिक को सुपुर्द करने का आदेश दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम पारुल जैन ने पांच लाख की जमानत, इतनी ही राशि के पर्सनल बॉन्ड और सख्त शर्तों पर वाहन रिलीज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया कि वाहन को केवल एनडीपीएस एक्ट के तहत छोड़ा जा रहा है। दरअसल, देवकली चौकी पुलिस ने 22 जून 2025 को इस वाहन को सीज किया था।( संवाद)
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दहेज हत्या में जमानत याचिका खारिज
औरैया। बिधूना कोतवाली क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न और हत्या के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। दिबियापुर निवासी आरोपी राज के खिलाफ बिधूना थाने में दहेज हत्या, गर्भपात, जहर देने के आरोप में मुकदमा दर्ज है।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह की अदालत में हुई। आरोपी के वकील ने ही जमानत अर्जी पर बहस करने से इन्कार कर दिया। अधिवक्ता के इस रुख को देखते हुए अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर पत्रावली को अभिलेखागार में भेजने का आदेश दिया।(संवाद)
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पॉक्सो के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया है। मामला सहायल थाना क्षेत्र से जुड़ा है, आरोपी शिवम के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र पर कोई बहस नहीं की। न्यायालय ने मामले की संवेदनशीलता, अपराध की गंभीरता और बचाव पक्ष के वकील की ओर से पैरवी न किए जाने के रुख को देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज करने का आदेश जारी किया।(संवाद)
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तीन आरोपियों को कोर्ट से मिली जमानत
औरैया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी की अदालत ने अनुसूचित जाति के तहत दर्ज एक मुकदमे में तीन आरोपियों को राहत दी है। न्यायालय ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी मोनू कुमार, प्रांशु कुमार और मनीष राजपूत की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
फफूंद थाना क्षेत्र के इस मामले में बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि घटना 28 फरवरी की है जबकि एफआईआर 26 घंटे की देरी से एक मार्च को दर्ज कराई गई। महज 12 किलोमीटर दूर स्थित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने में हुई इस देरी का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। कोर्ट ने आरोपियों को 25-25 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। (संवाद)
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बिजली चोरी का आरोपी दोषमुक्त
औरैया। जनपद के विशेष न्यायालय विद्युत अधिनियम ने बिजली चोरी के एक मामले में आरोपी श्रीप्रकाश को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने विद्युत अधिनियम आरोपी की ओर से बकाया बिल, शमन शुल्क और अन्य निर्धारित धनराशि जमा किए जाने के आधार पर यह निस्तारण किया है।
विद्युत अधिनियम के तहत साल 2019 में सदर कोतवाली में श्री प्रकाश के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। बृहस्पतिवार को सुनवाई विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) राजीव कुमार वत्स की अदालत ने की। न्यायाधीश ने आरोपी श्री प्रकाश का प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए उन्हें दोषमुक्त कर मामले को निस्तारित कर दिया। (संवाद)
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कोतवाली पुलिस से लेकर एसपी तक शिकायत की गई लेकिन पीड़ित की सुनवाई नहीं की गई। अब विशेष न्यायाधीश ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
कोतवाली के गांव बरुआ बबीना सुखचैनपुर निवासी राजनारायन ने न्यायालय को बताया कि उनके घर के पास नाली है, जिसे विपक्षी भैयालाल, जगत सिंह, आनंद कुमार, रामचंद्र और विनय ने बंद कर दिया था। जिला प्रशासन की ओर से 21 मई को नाली खुलवाई गई थी, इससे विपक्षी नाराज थे।
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पीड़ित का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते 25 मई को आरोपियों ने उनके और उनकी पत्नी रमाकांती को पीट दिया। 26 मई की सुबह आरोपी लाठी-डंडा लेकर पीड़ित के घर पहुंचे। गाली-गलौज करते हुए पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों उनकी पत्नी के गले से सोने की जंजीर भी लूट ले गए। राजनारायन का कहना है कि उन्होंने घटना की शिकायत कोतवाली से लेकर एसपी अभिषेक भारती से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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थाना बिधूना से मांगी गई रिपोर्ट में भी किसी अभियोग के पंजीकृत न होने की बात सामने आई। न्यायालय ने पाया कि पीड़ित ने मेडिकल रिपोर्ट या चोटों का विवरण स्पष्ट नहीं किया है लेकिन इस स्थिति में पुलिस विवेचना न होने के आधार पर पीड़ित को न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर मिलना न्यायसंगत है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 जून 2026 को होगी, जिसमें वादी के बयान दर्ज किए जाएंगे।
जब्त वाहन को कोर्ट ने किया रिलीज
औरैया। एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज किए गए एक मिनी ट्रक को कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए मालिक को सुपुर्द करने का आदेश दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम पारुल जैन ने पांच लाख की जमानत, इतनी ही राशि के पर्सनल बॉन्ड और सख्त शर्तों पर वाहन रिलीज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया कि वाहन को केवल एनडीपीएस एक्ट के तहत छोड़ा जा रहा है। दरअसल, देवकली चौकी पुलिस ने 22 जून 2025 को इस वाहन को सीज किया था।( संवाद)
दहेज हत्या में जमानत याचिका खारिज
औरैया। बिधूना कोतवाली क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न और हत्या के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। दिबियापुर निवासी आरोपी राज के खिलाफ बिधूना थाने में दहेज हत्या, गर्भपात, जहर देने के आरोप में मुकदमा दर्ज है।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह की अदालत में हुई। आरोपी के वकील ने ही जमानत अर्जी पर बहस करने से इन्कार कर दिया। अधिवक्ता के इस रुख को देखते हुए अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर पत्रावली को अभिलेखागार में भेजने का आदेश दिया।(संवाद)
पॉक्सो के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया है। मामला सहायल थाना क्षेत्र से जुड़ा है, आरोपी शिवम के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र पर कोई बहस नहीं की। न्यायालय ने मामले की संवेदनशीलता, अपराध की गंभीरता और बचाव पक्ष के वकील की ओर से पैरवी न किए जाने के रुख को देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज करने का आदेश जारी किया।(संवाद)
तीन आरोपियों को कोर्ट से मिली जमानत
औरैया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी की अदालत ने अनुसूचित जाति के तहत दर्ज एक मुकदमे में तीन आरोपियों को राहत दी है। न्यायालय ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी मोनू कुमार, प्रांशु कुमार और मनीष राजपूत की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
फफूंद थाना क्षेत्र के इस मामले में बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि घटना 28 फरवरी की है जबकि एफआईआर 26 घंटे की देरी से एक मार्च को दर्ज कराई गई। महज 12 किलोमीटर दूर स्थित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने में हुई इस देरी का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। कोर्ट ने आरोपियों को 25-25 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। (संवाद)
बिजली चोरी का आरोपी दोषमुक्त
औरैया। जनपद के विशेष न्यायालय विद्युत अधिनियम ने बिजली चोरी के एक मामले में आरोपी श्रीप्रकाश को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय ने विद्युत अधिनियम आरोपी की ओर से बकाया बिल, शमन शुल्क और अन्य निर्धारित धनराशि जमा किए जाने के आधार पर यह निस्तारण किया है।
विद्युत अधिनियम के तहत साल 2019 में सदर कोतवाली में श्री प्रकाश के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। बृहस्पतिवार को सुनवाई विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) राजीव कुमार वत्स की अदालत ने की। न्यायाधीश ने आरोपी श्री प्रकाश का प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए उन्हें दोषमुक्त कर मामले को निस्तारित कर दिया। (संवाद)