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Auraiya News: राज्य सूचना आयुक्त के भांजे का सड़क किनारे मिला शव
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चंद्रशेखर। फाइल फोटो
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फफूंद (औरैया)। थानाक्षेत्र के गांव शाह आलमपुर के पास मंगलवार सुबह सड़क किनारे राज्य सूचना आयुक्त के भांजे का शव पड़ा मिला। मामला सूचना आयुक्त से जुड़ा होने के चलते अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित किया गया है।
सदर कोतवाली के गांव पुरवा डोरी निवासी किसान चंद्रशेखर (45) रविवार को अपने ससुर को दवा दिलाने लखनऊ गए थे। सोमवार शाम वह ट्रेन से अकेले फफूंद स्टेशन पहुंचे। रात करीब पौने 12 बजे उन्होंने भतीजे शिवांशु से फोन कर दिबियापुर स्टेशन पर होने की जानकारी दी थी। परिजन ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे उन्हें क्षेत्र में सही-सलामत टहलते देखा गया था। फिर सड़क किनारे उनका शव पड़ा होने की सूचना पर परिजन व थाना पुलिस पहुंची। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से सीएचसी दिबियापुर ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की प्राथमिकी जांच में शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले। जेब से एक मोबाइल फोन और 60 रुपये मिले हैं।
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घटना की जानकारी के बाद राज्य सूचना आयुक्त शकुंतला गौतम ने परिजन व थानाध्यक्ष अजय कुमार से घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पोस्टमार्टम पैनल से कराए जाने के लिए कहा। उनकी मौत से पत्नी पत्नी अंशू देवी, तीन बेटियां और एक बेटा रो-रोकर बेहाल हैं। एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि पैनल व वीडियोग्राफी से पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित किया गया है।
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सदर कोतवाली के गांव पुरवा डोरी निवासी किसान चंद्रशेखर (45) रविवार को अपने ससुर को दवा दिलाने लखनऊ गए थे। सोमवार शाम वह ट्रेन से अकेले फफूंद स्टेशन पहुंचे। रात करीब पौने 12 बजे उन्होंने भतीजे शिवांशु से फोन कर दिबियापुर स्टेशन पर होने की जानकारी दी थी। परिजन ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था।
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ग्रामीणों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे उन्हें क्षेत्र में सही-सलामत टहलते देखा गया था। फिर सड़क किनारे उनका शव पड़ा होने की सूचना पर परिजन व थाना पुलिस पहुंची। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से सीएचसी दिबियापुर ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की प्राथमिकी जांच में शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले। जेब से एक मोबाइल फोन और 60 रुपये मिले हैं।
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घटना की जानकारी के बाद राज्य सूचना आयुक्त शकुंतला गौतम ने परिजन व थानाध्यक्ष अजय कुमार से घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पोस्टमार्टम पैनल से कराए जाने के लिए कहा। उनकी मौत से पत्नी पत्नी अंशू देवी, तीन बेटियां और एक बेटा रो-रोकर बेहाल हैं। एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि पैनल व वीडियोग्राफी से पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित किया गया है।

चंद्रशेखर। फाइल फोटो