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Auraiya News: यूपीडा भूमि विवाद में किसानों ने लेखपाल पर लगाए गंभीर आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:32 PM IST
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एरवाकटरा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत भूमि को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।
मामले में गांव तुर्कपुर यासीन के रामविलास सिंह ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें लेखपाल पर यूपीडा की भूमि पर अवैध कब्जा कराने की कोशिश, किसानों को धमकाने तथा मनमानी करने के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2014 में एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए नगला बांस क्षेत्र में किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई थी। किसानों का दावा है कि अधिग्रहीत भूमि का एक हिस्सा आज तक किसी भी सार्वजनिक कार्य में उपयोग नहीं हुआ और वह खाली पड़ा हुआ है। ऐसे में किसानों की मांग है कि उपयोग में न लाई गई भूमि को नियमानुसार मूल भूस्वामियों को वापस किया जाए।
रामविलास सिंह ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से भूमि पर कब्जा दिलाने की कोशिश की जा रही है। शिकायत के अनुसार 16 जून को नायब तहसीलदार बिधूना राकेश कुमार ने मौके का निरीक्षण किया था और केवल चकरोड की पैमाइश किए जाने की बात कही थी।
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किसानों का आरोप है कि निरीक्षण के बाद संबंधित लेखपाल ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि आगामी पैमाइश के बाद वह भूमि पर कब्जा कराएंगे तथा विरोध करने वालों को हवालात भिजवा देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय जांच तथा संबंधित लेखपाल की भूमिका की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मामले में गांव तुर्कपुर यासीन के रामविलास सिंह ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें लेखपाल पर यूपीडा की भूमि पर अवैध कब्जा कराने की कोशिश, किसानों को धमकाने तथा मनमानी करने के आरोप लगाए हैं।
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2014 में एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए नगला बांस क्षेत्र में किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई थी। किसानों का दावा है कि अधिग्रहीत भूमि का एक हिस्सा आज तक किसी भी सार्वजनिक कार्य में उपयोग नहीं हुआ और वह खाली पड़ा हुआ है। ऐसे में किसानों की मांग है कि उपयोग में न लाई गई भूमि को नियमानुसार मूल भूस्वामियों को वापस किया जाए।
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रामविलास सिंह ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से भूमि पर कब्जा दिलाने की कोशिश की जा रही है। शिकायत के अनुसार 16 जून को नायब तहसीलदार बिधूना राकेश कुमार ने मौके का निरीक्षण किया था और केवल चकरोड की पैमाइश किए जाने की बात कही थी।
किसानों का आरोप है कि निरीक्षण के बाद संबंधित लेखपाल ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि आगामी पैमाइश के बाद वह भूमि पर कब्जा कराएंगे तथा विरोध करने वालों को हवालात भिजवा देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय जांच तथा संबंधित लेखपाल की भूमिका की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।