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Auraiya News: पर्याप्त है खाद, फार्मर रजिस्ट्री में दिक्कत तो खतौनी दिखाकर करें खरीद
Sat, 01 Aug 2026 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:38 AM IST
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31 जुलाई के अंक में प्रकाशित समाचार।
- फोटो : 1
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औरैया। फार्मर रजिस्ट्री में किसी भी तरह की दिक्कत है, तो किसान परेशान न हों। खतौनी के कागजात दिखाकर भी किसान समिति व निजी दुकानों पर खाद की खरीद कर सकते हैं। जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है।
जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर तहसील के अधिकारी खाद को लेकर लगातार भ्रमण करते हुए निगरानी कर रहे हैं। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री में गड़बड़ी और पर्याप्त रकबा न होने के चलते खाद न मिलने की समस्या धीरे-धीरे जटिल रूप ले रही थी। इसे लेकर अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से किसानों की इस समस्या का प्रकाशन किया। इसके बाद सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई है। अब खतौनी दिखाकर भी किसान खाद ले सकेंगे। जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि यदि किसी किसान की फार्मर रजिस्ट्री में नाम की त्रुटि के कारण रजिस्ट्री नहीं बन सकी है अथवा फार्मर रजिस्ट्री में पूरी भूमि अंकित नहीं है, तो किसान खतौनी व बोई गई फसल के आधार पर उर्वरक प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जनपद में 20,735 एमटी यूरिया, 7,027 एमटी डीएपी, 3,785 एमटी एनपीके व 2,126 एमटी एसएसपी उपलब्ध है। डीएपी व यूरिया सहकारिता व निजी क्षेत्र के प्रत्येक बिक्री केंद्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से अपील है कि वे उर्वरक की उपलब्धता को लेकर परेशान न हों। किसी तरह की दिक्कत आती है तो अधिकारियों को अपनी समस्या जरूर बताएं।
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जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर तहसील के अधिकारी खाद को लेकर लगातार भ्रमण करते हुए निगरानी कर रहे हैं। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री में गड़बड़ी और पर्याप्त रकबा न होने के चलते खाद न मिलने की समस्या धीरे-धीरे जटिल रूप ले रही थी। इसे लेकर अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से किसानों की इस समस्या का प्रकाशन किया। इसके बाद सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई है। अब खतौनी दिखाकर भी किसान खाद ले सकेंगे। जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि यदि किसी किसान की फार्मर रजिस्ट्री में नाम की त्रुटि के कारण रजिस्ट्री नहीं बन सकी है अथवा फार्मर रजिस्ट्री में पूरी भूमि अंकित नहीं है, तो किसान खतौनी व बोई गई फसल के आधार पर उर्वरक प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जनपद में 20,735 एमटी यूरिया, 7,027 एमटी डीएपी, 3,785 एमटी एनपीके व 2,126 एमटी एसएसपी उपलब्ध है। डीएपी व यूरिया सहकारिता व निजी क्षेत्र के प्रत्येक बिक्री केंद्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से अपील है कि वे उर्वरक की उपलब्धता को लेकर परेशान न हों। किसी तरह की दिक्कत आती है तो अधिकारियों को अपनी समस्या जरूर बताएं।
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