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Auraiya News: जलस्तर बढ़ने से यमुना पट्टी के किसानों की चिंता बढ़ी
Sat, 01 Aug 2026 12:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:36 AM IST
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यमुना नदी में बढ़ा जलस्तर।संवाद
- फोटो : 1
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अजीतमल। बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे नदी किनारे स्थित गांवों के लोग परेशान हैं। यमुना का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में बाढ़ जैसी आपदा से होने वाली तबाही को लेकर चिंता ज्यादा है। वहीं, जलस्तर बढ़ने की स्थिति देखने पहुंचे तहसीलदार अविनाश कुमार ने सिकरोड़ी और गौहानी कलां में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया।
तहसीलदार ने ग्रामीणों को बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने व पानी का स्तर बढ़ने पर ऊंचे स्थानों पर सामान पहुंचाकर खुद को सुरक्षित करने की बात कही। उन्होंने मवेशियों के लिए भूसा एवं चारा भी ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने लेखपाल व कानूनगो को यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखने व लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए जगह चिह्नित करने के आदेश दिए।
उन्होंने बाढ़ चौकियों पर सभी इंतजाम करने व ऊंचे स्थानों पर स्थित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से संपर्क करने के लिए भी कहा। तहसीलदार ने बताया कि यमुना का जलस्तर सामान्य है, थोड़ा जलस्तर बढ़ा है। यहां खतरे का निशान 112 मीटर पर है। इसलिए अभी खतरे वाली कोई बात नहीं है। फिर भी तैयारियां पूर्ण की जा रही हैं।
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बाढ़ की हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है, दरअसल, पिछले वर्ष यमुना में बाढ़ आने पर गौहानी कलां मार्ग की पुलिया पर पानी भर गया था। इससे गांव का संपर्क मार्ग डूबने से गांव का अन्य स्थानों से संपर्क कट जाता है। हर बार बाढ़ आने पर अधिकारी व जनप्रतिनिधि उक्त पुलिया को ऊंचा करवाकर सड़क बनवाए जाने का आश्वासन देता है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ समाप्त होने के बाद कोई पुलिया की सुध नहीं लेता है।
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तहसीलदार ने ग्रामीणों को बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने व पानी का स्तर बढ़ने पर ऊंचे स्थानों पर सामान पहुंचाकर खुद को सुरक्षित करने की बात कही। उन्होंने मवेशियों के लिए भूसा एवं चारा भी ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने लेखपाल व कानूनगो को यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखने व लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए जगह चिह्नित करने के आदेश दिए।
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उन्होंने बाढ़ चौकियों पर सभी इंतजाम करने व ऊंचे स्थानों पर स्थित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से संपर्क करने के लिए भी कहा। तहसीलदार ने बताया कि यमुना का जलस्तर सामान्य है, थोड़ा जलस्तर बढ़ा है। यहां खतरे का निशान 112 मीटर पर है। इसलिए अभी खतरे वाली कोई बात नहीं है। फिर भी तैयारियां पूर्ण की जा रही हैं।
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बाढ़ की हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है, दरअसल, पिछले वर्ष यमुना में बाढ़ आने पर गौहानी कलां मार्ग की पुलिया पर पानी भर गया था। इससे गांव का संपर्क मार्ग डूबने से गांव का अन्य स्थानों से संपर्क कट जाता है। हर बार बाढ़ आने पर अधिकारी व जनप्रतिनिधि उक्त पुलिया को ऊंचा करवाकर सड़क बनवाए जाने का आश्वासन देता है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ समाप्त होने के बाद कोई पुलिया की सुध नहीं लेता है।

यमुना नदी में बढ़ा जलस्तर।संवाद- फोटो : 1