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Auraiya News: गैंगस्टर एक्ट में फैसले पर हाईकोर्ट में अपील करेंगे पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:59 PM IST
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औरैया। बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक को छह साल की सजा सुनाई है। मामले में शामिल अन्य आठ लोगों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है। अब इस मामले में कमलेश पाठक के बेटे ने कहा कि वे निचली अदालत के इस आदेश का सम्मान करते हैं लेकिन न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
पूर्व एमएलसी के परिवार का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल करेंगे। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी सत्र न्यायालय के फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करना दोषियों का संवैधानिक अधिकार है। परिवार को उम्मीद है कि हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान वे अपनी बेगुनाही और तथ्यों को मजबूती से पेश कर पाएंगे।
शहर में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद कोतवाली पुलिस ने पूर्व एमएलसी समेत आठ-नौ लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। विवेचना करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसकी चार्जशीट किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई थी।
मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने फैसला सुनाया, जिसमें पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक पर छह साल की सजा के अलावा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। गनर अवनीश कुमार सिंह को दोष मुक्त कर दिया गया था। अब दोषी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है। मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस पर नजर रख रहे हैं। सभी दोषियों को परिजन में हलचल मची है। कोर्ट परिसर में भी मामले को लेकर चर्चा है।
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दो साल बाद गनर को मिल गई थी जमानत
शहर में हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपियों में कमलेश पाठक के गनर अवनीश कुमार सिंह को भी शामिल किया गया। हालांकि दो साल बाद कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी। मंगलवार को कोर्ट ने उसे बरी कर दिया।
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इन दोषियों को सुनाई गई सजा
-कमलेश पाठक, पूर्व एमएलसी, निवासी भड़ारीपुर व हाल पता मोहल्ला बनारसीदास, औरैया।
-संतोष पाठक, आवास विकास औरैया (पूर्व एमएलसी के भाई व सिकंदरा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख)
-रामू पाठक, पढ़ीन दरवाजा औरैया (पूर्व एमएलसी के भाई)
-कुलदीप अवस्थी उर्फ पप्पू, मोहल्ला विधिचंद, औरैया (पूर्व एमएलसी के भाई का साला)
-विकल्प उर्फ अवस्थी, मोहल्ला विधिचंद, औरैया (पूर्व एमएलसी के भाई का साला)
-राजेश शुक्ला, ब्रह्मनगर औरैया
-आशीष दुबे, मोहल्ला होमगंज औरैया
-शिवम अवस्थी, पक्का तालाब, विधिचंद औरैया
-रविंद्र उर्फ लाला चौबे, भड़ारीपुर औरैया
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गैंगस्टर मामले में कोर्ट में पेश किए गए थे 48 गवाह
औरैया। शहर के दोहरे हत्याकांड के बाद कमलेश पाठक पर लगाए गए गैंगस्टर के मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट में कुल 48 गवाह पेश किए गए थे। इसमें अभियोजन की ओर से 14 और अभियुक्तों की ओर से 34 गवाह पेश किए गए। एमपी-एमएलए कोर्ट में चली सुनवाई के पांच साल आठ माह 13 दिन बाद फैसला सुनाया गया।
डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि 15 मार्च 2020 को अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने कमलेश पाठक समेत 11 आरोपियों 10 जुलाई 2020 को गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 29 जून 2021 को एमपी-एमएलए कोर्ट में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह पेश किए गए, जबकि अभियुक्तों की ओर से 34 गवाह पेश कराए गए थे।
करीब साढ़े पांच साल चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक को छह साल की सजा सुनाई गई। एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
मामले में अन्य आठ दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई। इसके अलावा 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। यह फैसला 2082 दिन के अंदर फैसला आया है।
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गैंगस्टर की सजा पूरी होने से पहले आ सकता है दोहरे हत्याकांड का फैसला
औरैया। शहर के चर्चित हत्याकांड के बाद कमलेश पाठक पर लगाए गए गैंगस्टर मामले में कोर्ट ने सजा सुना दी गई है।
इसमें कमलेश पाठक को छह साल की सजा व अन्य आठ दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। छह साल की सजा के हिसाब से अभी करीब चार माह बचे हैं। ऐसे में दोहरे हत्याकांड में लगातार हो रही सुनवाई भी अंतिम चरण में है, ऐसे में इस मामले में कभी भी फैसला आ सकता है।
शहर के नारायनपुर मोहल्ले निवासी अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी बहन सुधा की 15 मार्च 2020 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक उनके दो भाई संतोष पाठक व रामू पाठक समेत 11 आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा था। पकड़ा गया एक आरोपी कमलेश पाठक का चालक है, नाबालिग होने के बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया गया था।
वहीं, पुलिस ने कमलेश को आगरा सेंट्रल जेल, आरोपी दो भाइयों में संतोष पाठक को फिरोजाबाद व रामू को उरई जेल भेज दिया गया था। अन्य आरोपियों को इटावा जेल भेज दिया था। हत्याकांड के बाद 10 जुलाई 2020 को सभी के खिलाफ गैंगस्टर के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। विवेचना करने के बाद 29 जून 2021 को आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
मंगलवार को इस मामले में एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह ने गनर को दोषमुक्त कर दिया था, जबकि कमलेश को छह साल की सजा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
कमलेश पाठक को हुई सजा की अवधि खत्म होने में अभी करीब चार माह का वक्त है। इधर, दोहरे हत्याकांड के मामले की सुनवाई भी लगभग अंतिम चरण में है। इसकी रोज सुनवाई की जा रही है। इस मामले में भी कभी भी फैसला आने की संभावना है।
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पूर्व एमएलसी के परिवार का कहना है कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल करेंगे। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी सत्र न्यायालय के फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करना दोषियों का संवैधानिक अधिकार है। परिवार को उम्मीद है कि हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान वे अपनी बेगुनाही और तथ्यों को मजबूती से पेश कर पाएंगे।
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शहर में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद कोतवाली पुलिस ने पूर्व एमएलसी समेत आठ-नौ लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। विवेचना करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसकी चार्जशीट किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई थी।
मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने फैसला सुनाया, जिसमें पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक पर छह साल की सजा के अलावा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। गनर अवनीश कुमार सिंह को दोष मुक्त कर दिया गया था। अब दोषी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है। मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस पर नजर रख रहे हैं। सभी दोषियों को परिजन में हलचल मची है। कोर्ट परिसर में भी मामले को लेकर चर्चा है।
दो साल बाद गनर को मिल गई थी जमानत
शहर में हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपियों में कमलेश पाठक के गनर अवनीश कुमार सिंह को भी शामिल किया गया। हालांकि दो साल बाद कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी। मंगलवार को कोर्ट ने उसे बरी कर दिया।
इन दोषियों को सुनाई गई सजा
-कमलेश पाठक, पूर्व एमएलसी, निवासी भड़ारीपुर व हाल पता मोहल्ला बनारसीदास, औरैया।
-संतोष पाठक, आवास विकास औरैया (पूर्व एमएलसी के भाई व सिकंदरा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख)
-रामू पाठक, पढ़ीन दरवाजा औरैया (पूर्व एमएलसी के भाई)
-कुलदीप अवस्थी उर्फ पप्पू, मोहल्ला विधिचंद, औरैया (पूर्व एमएलसी के भाई का साला)
-विकल्प उर्फ अवस्थी, मोहल्ला विधिचंद, औरैया (पूर्व एमएलसी के भाई का साला)
-राजेश शुक्ला, ब्रह्मनगर औरैया
-आशीष दुबे, मोहल्ला होमगंज औरैया
-शिवम अवस्थी, पक्का तालाब, विधिचंद औरैया
-रविंद्र उर्फ लाला चौबे, भड़ारीपुर औरैया
गैंगस्टर मामले में कोर्ट में पेश किए गए थे 48 गवाह
औरैया। शहर के दोहरे हत्याकांड के बाद कमलेश पाठक पर लगाए गए गैंगस्टर के मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट में कुल 48 गवाह पेश किए गए थे। इसमें अभियोजन की ओर से 14 और अभियुक्तों की ओर से 34 गवाह पेश किए गए। एमपी-एमएलए कोर्ट में चली सुनवाई के पांच साल आठ माह 13 दिन बाद फैसला सुनाया गया।
डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि 15 मार्च 2020 को अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने कमलेश पाठक समेत 11 आरोपियों 10 जुलाई 2020 को गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 29 जून 2021 को एमपी-एमएलए कोर्ट में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह पेश किए गए, जबकि अभियुक्तों की ओर से 34 गवाह पेश कराए गए थे।
करीब साढ़े पांच साल चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक को छह साल की सजा सुनाई गई। एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
मामले में अन्य आठ दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई। इसके अलावा 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। यह फैसला 2082 दिन के अंदर फैसला आया है।
गैंगस्टर की सजा पूरी होने से पहले आ सकता है दोहरे हत्याकांड का फैसला
औरैया। शहर के चर्चित हत्याकांड के बाद कमलेश पाठक पर लगाए गए गैंगस्टर मामले में कोर्ट ने सजा सुना दी गई है।
इसमें कमलेश पाठक को छह साल की सजा व अन्य आठ दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। छह साल की सजा के हिसाब से अभी करीब चार माह बचे हैं। ऐसे में दोहरे हत्याकांड में लगातार हो रही सुनवाई भी अंतिम चरण में है, ऐसे में इस मामले में कभी भी फैसला आ सकता है।
शहर के नारायनपुर मोहल्ले निवासी अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी बहन सुधा की 15 मार्च 2020 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक उनके दो भाई संतोष पाठक व रामू पाठक समेत 11 आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा था। पकड़ा गया एक आरोपी कमलेश पाठक का चालक है, नाबालिग होने के बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया गया था।
वहीं, पुलिस ने कमलेश को आगरा सेंट्रल जेल, आरोपी दो भाइयों में संतोष पाठक को फिरोजाबाद व रामू को उरई जेल भेज दिया गया था। अन्य आरोपियों को इटावा जेल भेज दिया था। हत्याकांड के बाद 10 जुलाई 2020 को सभी के खिलाफ गैंगस्टर के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। विवेचना करने के बाद 29 जून 2021 को आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
मंगलवार को इस मामले में एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह ने गनर को दोषमुक्त कर दिया था, जबकि कमलेश को छह साल की सजा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
कमलेश पाठक को हुई सजा की अवधि खत्म होने में अभी करीब चार माह का वक्त है। इधर, दोहरे हत्याकांड के मामले की सुनवाई भी लगभग अंतिम चरण में है। इसकी रोज सुनवाई की जा रही है। इस मामले में भी कभी भी फैसला आने की संभावना है।