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Auraiya News: गांगसी रजबहा में पानी न आने से धान की रोपाई पर संकट
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फोटो-49 सूखे पड़े रजबहा में खड़े होकर आक्रोश व्यक्त करते किसान।संवाद
-सिल्ट व जलकुंभी से पटा रजबहा, टेल तक पानी नहीं पहुंचने से किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
एरवाकटरा। गांव शेखूपुर से होते हुए कन्नौज जिले की सीमा पर स्थित गांव भटौरा तक जाने वाला गांगसी रजबहा और इससे जुड़े माइनर में पर्याप्त पानी न पहुंचने से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। खेतों में रोपाई के लिए तैयार धान की नर्सरी अब 45 दिन या इससे अधिक पुरानी हो चुकी है। ऐसे में किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
गांगसी रजबहा से रमपुरा, बरौनाकलां, नगला बिजा, उमरेडी, हिरमी, फैजुल्लापुर, नेहरा बोझ, बहादुरपुर रुरु, समायन, सराय कछवाह, रतनपुर, हरचंदापुर, नगला कसान, करमूपुर, जगतपुर, कटैया और भटौरा समेत दर्जनों गांवों के किसानों के खेतों की सिंचाई होती है। किसानों का कहना है कि इस समय धान की रोपाई के लिए पानी की सबसे अधिक जरूरत है लेकिन न तो पर्याप्त बारिश हो रही है और न ही रजबहा का पानी टेल तक पहुंच रहा है।
उमरेडी के किसान रामसिंह, शैलेंद्र सिंह व अवधेश कुमार, रानीपुर दत्त के महेंद्र राठौर, बहादुरपुर के बृजेंद्र सिंह भदौरिया व नगला कसान के प्रदीप सिंह सेंगर ने आरोप लगाया कि सिल्ट जमा होने के साथ ही जलकुंभी और खरपतवार से रजबहा पटा पड़ा है। इससे पानी की गति प्रभावित होने के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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कटान का खतरा : अवर अभियंता
सिंचाई विभाग इटावा प्रखंड के अवर अभियंता राजेश राजपूत ने बताया कि करीब 73 किमी लंबे गांगसी रजबहा में पानी छोड़ा जा चुका है और फिलहाल पानी ओवर चल रहा है। बारिश कम होने के कारण बीच के क्षेत्र में किसान अधिक मात्रा में पानी ले रहे हैं। ऐसे में यदि और पानी छोड़ा गया तो रजबहा में कटान होने की आशंका है।
बोले किसान-जिम्मेदारों की लापरवाही से हम परेशान
फोटो-50 रामसिंह
धान की नर्सरी पानी के अभाव में सूख रही है। अगर धान की फसल नहीं लगा पाया तो बच्चों का पेट कैसे भरेगा और परिवार का खर्च कैसे चलेगा, यह सोचकर दिल बैठा जा रहा है। रामसिंह, किसान, उमरेडी
फोटो-51 शैलेंद्र
सैकड़ों किसानों की नर्सरी पानी के अभाव में सूख गई है। कई किसानों ने रजबहा में पानी आने की उम्मीद छोड़कर नर्सरी को खेत में ही जोत दिया। ऐसे में उनके सामने गृहस्थी चलाने का संकट खड़ा हो गया है। शैलेंद्र सिंह, किसान, उमरेडी
फोटो-52 शिवराम
रजबहा की सफाई के जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा हजारों किसान परिवारों पर भारी पड़ रही है। किसानों के सामने बड़ा धर्मसंकट खड़ा हो गया है। इस घोर लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। शिवराम, किसान, उमरेडी
फोटो-53 तुलाराम
जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण रजबहा की टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। यह किसानों को समय से सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने की सरकार की मंशा पर पानी फेर रहा है। बेबस किसानों की यह आवाज सरकार तक पहुंचनी चाहिए। तुलाराम, किसान, उमरेडी
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-सिल्ट व जलकुंभी से पटा रजबहा, टेल तक पानी नहीं पहुंचने से किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
एरवाकटरा। गांव शेखूपुर से होते हुए कन्नौज जिले की सीमा पर स्थित गांव भटौरा तक जाने वाला गांगसी रजबहा और इससे जुड़े माइनर में पर्याप्त पानी न पहुंचने से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। खेतों में रोपाई के लिए तैयार धान की नर्सरी अब 45 दिन या इससे अधिक पुरानी हो चुकी है। ऐसे में किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
गांगसी रजबहा से रमपुरा, बरौनाकलां, नगला बिजा, उमरेडी, हिरमी, फैजुल्लापुर, नेहरा बोझ, बहादुरपुर रुरु, समायन, सराय कछवाह, रतनपुर, हरचंदापुर, नगला कसान, करमूपुर, जगतपुर, कटैया और भटौरा समेत दर्जनों गांवों के किसानों के खेतों की सिंचाई होती है। किसानों का कहना है कि इस समय धान की रोपाई के लिए पानी की सबसे अधिक जरूरत है लेकिन न तो पर्याप्त बारिश हो रही है और न ही रजबहा का पानी टेल तक पहुंच रहा है।
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उमरेडी के किसान रामसिंह, शैलेंद्र सिंह व अवधेश कुमार, रानीपुर दत्त के महेंद्र राठौर, बहादुरपुर के बृजेंद्र सिंह भदौरिया व नगला कसान के प्रदीप सिंह सेंगर ने आरोप लगाया कि सिल्ट जमा होने के साथ ही जलकुंभी और खरपतवार से रजबहा पटा पड़ा है। इससे पानी की गति प्रभावित होने के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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कटान का खतरा : अवर अभियंता
सिंचाई विभाग इटावा प्रखंड के अवर अभियंता राजेश राजपूत ने बताया कि करीब 73 किमी लंबे गांगसी रजबहा में पानी छोड़ा जा चुका है और फिलहाल पानी ओवर चल रहा है। बारिश कम होने के कारण बीच के क्षेत्र में किसान अधिक मात्रा में पानी ले रहे हैं। ऐसे में यदि और पानी छोड़ा गया तो रजबहा में कटान होने की आशंका है।
बोले किसान-जिम्मेदारों की लापरवाही से हम परेशान
फोटो-50 रामसिंह
धान की नर्सरी पानी के अभाव में सूख रही है। अगर धान की फसल नहीं लगा पाया तो बच्चों का पेट कैसे भरेगा और परिवार का खर्च कैसे चलेगा, यह सोचकर दिल बैठा जा रहा है। रामसिंह, किसान, उमरेडी
फोटो-51 शैलेंद्र
सैकड़ों किसानों की नर्सरी पानी के अभाव में सूख गई है। कई किसानों ने रजबहा में पानी आने की उम्मीद छोड़कर नर्सरी को खेत में ही जोत दिया। ऐसे में उनके सामने गृहस्थी चलाने का संकट खड़ा हो गया है। शैलेंद्र सिंह, किसान, उमरेडी
फोटो-52 शिवराम
रजबहा की सफाई के जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा हजारों किसान परिवारों पर भारी पड़ रही है। किसानों के सामने बड़ा धर्मसंकट खड़ा हो गया है। इस घोर लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। शिवराम, किसान, उमरेडी
फोटो-53 तुलाराम
जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण रजबहा की टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। यह किसानों को समय से सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने की सरकार की मंशा पर पानी फेर रहा है। बेबस किसानों की यह आवाज सरकार तक पहुंचनी चाहिए। तुलाराम, किसान, उमरेडी