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Auraiya News: रंगदारी व धमकाने के आरोपी दो भाइयों को मिली जमानत
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अदालत से...
- पेट्रोल पंप मालिक को जमीन के विवाद में फंसाने का लगाया था आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के विशेष न्यायालय ने अजीतमल थाना क्षेत्र के गांव पूठा निवासी दो भाइयों सोनू कुमार और महेश चंद्र उर्फ मनीष राजपूत की जमानत मंजूर कर ली है। प्रभारी विशेष न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने दोनों अभियुक्तों को 20-20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की दो-दो जमानतें दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश जारी किया।
अजीतमल कोतवाली के गांव पूठा निवासी विशुनकांति ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे ने अपनी जमीन पर हाईवे किनारे एक पेट्रोल पंप खोला है। दुर्भावना के चलते गांव के ही सोनू कुमार और महेश चंद्र उन्हें लगातार परेशान कर रहे थे। पेट्रोल पंप में आग लगाने और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। आरोपियों ने उनकी जमीन पर कब्जे की कोशिश भी की और बैंक कैश जमा करने जाते समय गाड़ियों से पीछा कर दहशत फैलाने का प्रयास किया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियुक्तों के अधिवक्ता ने सफाई देते हुए कहा कि प्रार्थीगण पूरी तरह बेकसूर हैं और उन्हें जमीन के पुराने विवाद में रंजिश में झूठा फंसाया गया है। हाईवे किनारे स्थित कीमती जमीन की पैमाइश को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था जिसका फायदा उठाकर पीड़िता ने एससी-एसटी एक्ट का झूठा मुकदमा दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने अंतरिम जमानत का दुरुपयोग न करने के तथ्य को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।(संवाद)
लूट के मामले में प्रार्थना पत्र खारिज
औरैया। एरवाकटरा थाना क्षेत्र के दुर्वासा ऋषि मंदिर में भंडारे के दौरान मारपीट और 55 हजार रुपये लूटने के मामले में विशेष न्यायालय ने वृद्ध प्रार्थी श्रीपाल सिंह यादव के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। प्रार्थी श्रीपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया था कि 10 जून को भंडारे के दौरान लाल सिंह, सुभाष, अक्षय और अभी ने उनके साथ मारपीट की और गाय खरीदने के लिए रखे 55 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस थाने में सुनवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी। दूसरी ओर, पुलिस जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मौके पर मौजूद भीड़ और स्वतंत्र गवाहों द्वारा लूट के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। घटना के संबंध में थाना एरवाकटरा में एनसीआर पहले से ही दर्ज है। अदालत ने इन तकनीकी आधारों और साक्ष्यों के अभाव में प्रार्थना-पत्र निरस्त कर दिया। (संवाद)
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- पेट्रोल पंप मालिक को जमीन के विवाद में फंसाने का लगाया था आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के विशेष न्यायालय ने अजीतमल थाना क्षेत्र के गांव पूठा निवासी दो भाइयों सोनू कुमार और महेश चंद्र उर्फ मनीष राजपूत की जमानत मंजूर कर ली है। प्रभारी विशेष न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने दोनों अभियुक्तों को 20-20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की दो-दो जमानतें दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश जारी किया।
अजीतमल कोतवाली के गांव पूठा निवासी विशुनकांति ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे ने अपनी जमीन पर हाईवे किनारे एक पेट्रोल पंप खोला है। दुर्भावना के चलते गांव के ही सोनू कुमार और महेश चंद्र उन्हें लगातार परेशान कर रहे थे। पेट्रोल पंप में आग लगाने और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। आरोपियों ने उनकी जमीन पर कब्जे की कोशिश भी की और बैंक कैश जमा करने जाते समय गाड़ियों से पीछा कर दहशत फैलाने का प्रयास किया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
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अदालत में सुनवाई के दौरान अभियुक्तों के अधिवक्ता ने सफाई देते हुए कहा कि प्रार्थीगण पूरी तरह बेकसूर हैं और उन्हें जमीन के पुराने विवाद में रंजिश में झूठा फंसाया गया है। हाईवे किनारे स्थित कीमती जमीन की पैमाइश को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था जिसका फायदा उठाकर पीड़िता ने एससी-एसटी एक्ट का झूठा मुकदमा दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है।
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दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने अंतरिम जमानत का दुरुपयोग न करने के तथ्य को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।(संवाद)
लूट के मामले में प्रार्थना पत्र खारिज
औरैया। एरवाकटरा थाना क्षेत्र के दुर्वासा ऋषि मंदिर में भंडारे के दौरान मारपीट और 55 हजार रुपये लूटने के मामले में विशेष न्यायालय ने वृद्ध प्रार्थी श्रीपाल सिंह यादव के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। प्रार्थी श्रीपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया था कि 10 जून को भंडारे के दौरान लाल सिंह, सुभाष, अक्षय और अभी ने उनके साथ मारपीट की और गाय खरीदने के लिए रखे 55 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस थाने में सुनवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी। दूसरी ओर, पुलिस जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मौके पर मौजूद भीड़ और स्वतंत्र गवाहों द्वारा लूट के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। घटना के संबंध में थाना एरवाकटरा में एनसीआर पहले से ही दर्ज है। अदालत ने इन तकनीकी आधारों और साक्ष्यों के अभाव में प्रार्थना-पत्र निरस्त कर दिया। (संवाद)