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Auraiya News: आठ साल से अधर में लटका सेंगुर नदी का पुल
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 09 Mar 2026 11:37 PM IST
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फोटो-21-सेंगुर नदी पर निर्माणाधीन पुल। संवाद
- फोटो : कोटला रोड पर पाइप लाइन मरम्मत के बाद ऊबड़-खाबड़ स्थित में सड़क। संवाद
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औरैया। फफूंद-औरैया मार्ग स्थित सेंगुर नदी के पुल का निर्माण आठ साल से अटका है। तब इसका एस्टीमेट करीब 12 करोड़ का था। जोकि अब बढ़कर 14 करोड़ हो गया है।
हालांकि अब इसे पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने दोबारा शासन को एस्टीमेट भेजा, लेकिन फिलहाल पुल की एक लेन अधूरी होने से यहां हर समय हादसे का डर बना रहता है।
वर्ष 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार के कार्यकाल में बिधूना से औरैया तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया गया था। इसी परियोजना के तहत 2017 में फफूंद और औरैया के बीच पढ़ीन गांव के पास सेंगुर नदी पर नए पुल (दूसरी लेन) का निर्माण प्रस्तावित किया गया था, तब इसका एस्टीमेट करीब 12 करोड़ का था। इसी दौरान सरकार बदलने के बाद पुल का निर्माण का सपना अधूरा रह गया। इससे दोनों तरफ के वाहन एक ही लेन से निकलते हैं, इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
इधर, 2021 में पुल बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में 1.38 करोड़ रुपये आए, जिससे दूसरी लेन के पुल का निर्माण शुरू हुआ, पर बाद में बजट न आने के चलते ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। पुल का एक छोटा हिस्सा बना, पर इसकी एप्रोच रोड नहीं बन पाई थी। ऐसे में यहां हादसा न हो, इसलिए लोक निर्माण विभाग ने इस रास्ते को बंद कराने के लिए दीवार खड़ी करा दी।
वहीं, पुल के ठीक पास भी एक दीवार है, जो बहुत छोटी है और इसमें गैप भी है। इससे निकलने और दूसरा पुल संकरा होने के कारण यहां हादसे का खतरा बना रहता है।
उधर, अधूरे पुल की छोटी दीवार पर लिखवा तो दिया गया कि यह रास्ता बंद है, पर रात में यह दिखाई नहीं देता। अभी तक यहां रिफ्लेक्टर जैसा संकेतक नहीं लगाया गया है, जिससे दूर से पता लग जाए कि रास्ता बंद है। लोक निर्माण विभाग ने अब इस पुल का कार्य शुरू कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 14 करोड़ रुपये का संशोधित बजट शासन को भेजा गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पुल का निर्माण कार्य दोबारा शुरू होगा।
गूगल मैप पर दिखता है रास्ता
फफूंद से औरैया आते वक्त अगर गूगल मैप का उपयोग किया जाए तो पुल की निर्माणाधीन पुल से भी रास्ता नजर आता है। हालांकि रास्ते को दीवार बनाकर बंद करा दिया गया है, पर मैप की सहायता से तेज रफ्तार चल रहे वाहनों के हादसे की स्थिति बन सकती है। लोगों का कहना है कि अगर यहां रिफ्लेक्टर लगा दिए जाएं तो इसे समझने में आसानी हो जाएगी।
एस्टीमेट पास होने पर भी संशय
लोक निर्माण विभाग ने भले ही पुल निर्माण के लिए 14 करोड़ का संशोधित एस्टीमेट शासन को भेज दिया हो, पर यह स्वीकृति होगा या नहीं, इसमें कितना समय लगेगा, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
पुल का कार्य बंद है। इसकी ओर जाने वाले रास्ते पर दीवार खड़ी कर रास्ते को बंद करा दिया गया था। 14 करोड़ रुपये का संशोधित एस्टीमेट शासन को भेजा गया है। जल्द ही पुल का निर्माण दोबारा शुरू कराया जाएगा।
- अमर सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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हालांकि अब इसे पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने दोबारा शासन को एस्टीमेट भेजा, लेकिन फिलहाल पुल की एक लेन अधूरी होने से यहां हर समय हादसे का डर बना रहता है।
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वर्ष 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार के कार्यकाल में बिधूना से औरैया तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया गया था। इसी परियोजना के तहत 2017 में फफूंद और औरैया के बीच पढ़ीन गांव के पास सेंगुर नदी पर नए पुल (दूसरी लेन) का निर्माण प्रस्तावित किया गया था, तब इसका एस्टीमेट करीब 12 करोड़ का था। इसी दौरान सरकार बदलने के बाद पुल का निर्माण का सपना अधूरा रह गया। इससे दोनों तरफ के वाहन एक ही लेन से निकलते हैं, इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
इधर, 2021 में पुल बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में 1.38 करोड़ रुपये आए, जिससे दूसरी लेन के पुल का निर्माण शुरू हुआ, पर बाद में बजट न आने के चलते ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। पुल का एक छोटा हिस्सा बना, पर इसकी एप्रोच रोड नहीं बन पाई थी। ऐसे में यहां हादसा न हो, इसलिए लोक निर्माण विभाग ने इस रास्ते को बंद कराने के लिए दीवार खड़ी करा दी।
वहीं, पुल के ठीक पास भी एक दीवार है, जो बहुत छोटी है और इसमें गैप भी है। इससे निकलने और दूसरा पुल संकरा होने के कारण यहां हादसे का खतरा बना रहता है।
उधर, अधूरे पुल की छोटी दीवार पर लिखवा तो दिया गया कि यह रास्ता बंद है, पर रात में यह दिखाई नहीं देता। अभी तक यहां रिफ्लेक्टर जैसा संकेतक नहीं लगाया गया है, जिससे दूर से पता लग जाए कि रास्ता बंद है। लोक निर्माण विभाग ने अब इस पुल का कार्य शुरू कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 14 करोड़ रुपये का संशोधित बजट शासन को भेजा गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पुल का निर्माण कार्य दोबारा शुरू होगा।
गूगल मैप पर दिखता है रास्ता
फफूंद से औरैया आते वक्त अगर गूगल मैप का उपयोग किया जाए तो पुल की निर्माणाधीन पुल से भी रास्ता नजर आता है। हालांकि रास्ते को दीवार बनाकर बंद करा दिया गया है, पर मैप की सहायता से तेज रफ्तार चल रहे वाहनों के हादसे की स्थिति बन सकती है। लोगों का कहना है कि अगर यहां रिफ्लेक्टर लगा दिए जाएं तो इसे समझने में आसानी हो जाएगी।
एस्टीमेट पास होने पर भी संशय
लोक निर्माण विभाग ने भले ही पुल निर्माण के लिए 14 करोड़ का संशोधित एस्टीमेट शासन को भेज दिया हो, पर यह स्वीकृति होगा या नहीं, इसमें कितना समय लगेगा, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
पुल का कार्य बंद है। इसकी ओर जाने वाले रास्ते पर दीवार खड़ी कर रास्ते को बंद करा दिया गया था। 14 करोड़ रुपये का संशोधित एस्टीमेट शासन को भेजा गया है। जल्द ही पुल का निर्माण दोबारा शुरू कराया जाएगा।
- अमर सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
