{"_id":"6a2ef2bf26d70a089702a809","slug":"ultimatum-deadline-expiring-bulldozers-to-roll-over-40-illegal-plotting-sites-auraiya-news-c-211-1-aur1006-146553-2026-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: अल्टीमेटम की सीमा हो रही पूरी, 40 अवैध प्लॉटिंग पर चलेगा बुलडोजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: अल्टीमेटम की सीमा हो रही पूरी, 40 अवैध प्लॉटिंग पर चलेगा बुलडोजर
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
औरैया। विनियमित क्षेत्र व जिला पंचायत के दायरे में आने वालीं अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कराने की तैयारी तहसील प्रशासन ने शुरू कर दी है।
मानकों का उल्लंघन कर रहे प्लॉटिंग कारोबारियों को नोटिस के साथ-साथ अल्टीमेटम की समय सीमा भी पूरी होने जा रही है। चिह्नित हो चुकी 40 प्लॉटिंग अब बुलडोजर चलेगा। उधर, मुश्किलें उनके लिए भी बढ़ी हैं, जिन्होंने मानकों को लेकर जाने अनजाने यहां पर प्लॉट खरीदे हैं।
अवैध प्लॉटिंग करने वाले कारोबारियों को तीन-तीन नोटिस पहुंचने के बाद भी नियमों का कोरम पूरा नहीं किया है। 15 दिन का समय सीमा पूरी होने वाली है। सदर तहसील प्रशासन की ओर से अवैध प्लॉटिंग पर नोटिस चस्पा होने की कवायद लगातार जारी है। विनियमित क्षेत्र व जिला पंचायत के दायरे में चिह्नित हुई कुल 40 प्लॉटिंग को लेकर तहसील प्रशासन का रुख सख्त है।
शहर के आसपास की अवैध प्लॉटिंग का लेखपालों के जरिए सर्वे कराया जा रहा है। इसके साथ ही बुलडोजर से लेकर अन्य इंतजाम पुख्ता किए जा रहे हैं। सुरान में ढहाई गई अवैध प्लॉटिंग से जुड़े कारोबारियों की शहर के आसपास भी प्लॉटिंग में हिस्सेदारी है। ऐसे में उन प्लॉटिंग को बुलडोजर कार्रवाई के लिए प्राथमिकता से चुना गया।
विज्ञापन
जिला पंचायत व विनियमित क्षेत्र के दायरे में आ रही इन अवैध प्लाटिंग को लेकर शासन स्तर से मॉनिटरिंग की जा रही है। अप्रैल व मई माह में ध्वस्त कराई गई सात प्लॉटिंग के बाद से प्लाटिंग कारोबारियों में खलबली मची हुई है। ऐसे में वो लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। ज्यादातर प्लॉटिंग में नक्शा से लेकर लेआउट तक पास नहीं कराया गया है। वहीं कुछ प्लाटिंग में राजस्व संहिता की धारा-80 तक नहीं कराई गई है। ऐसे में सरकार के राजस्व को बड़े पैमाने पर चूना लग रहा है।
-- --
किसान के घर पहुंचकर दिए जा रहे नोटिस
प्लॉटिंग कारोबारी किसान से अनुबंध पर जमीन लेकर उस पर प्लॉट विकसित कर रहे हैं। तामील हो रहे नोटिस में चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। पर्दे के पीछे रहकर प्लॉटिंग का कारोबार कर रहे हैं और जमीन किसानों की है। ऐसे में तहसील के कर्मी किसान को नोटिस थमा रहे हैं। यही नहीं प्लॉटिंग की दीवारों पर अंकित कारोबारियों के नंबरों पर भी नोटिस व्हाट्सएप पर भेजे जा रहे हैं। इसके बाद भी जरूरी सरकारी मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा है।
-- --
सफेदपोश झाड़ने लगे पल्ला
अप्रैल व मई माह में सेहुद, सूरान व फफूंद में सात अवैध प्लाटिंग ढह जाने के बाद प्लाटिंग कारोबारी हरकत में आ गए थे। प्लाटिंग कारोबारियों से जुड़े सफेदपोशों के यहां गुहार लगाने लगे थे। राजनीतिक हस्तक्षेप के जरिए तहसील प्रशासन की कार्रवाई को ठंडा करने की कवायद शुरू हो गई थी। बाद में सफेदपोश पूरे मसले को लेकर पल्ला झाड़ने लगे थे। ऐसे में एक बार फिर से सख्ती देखने को मिल सकती है।
-- -- --
विनियमित क्षेत्र व जिला पंचायत की ओर से अवैध प्लॉटिंग को लेकर नोटिस भेजे गए थे। नोटिस की समयावधि पूरी होने जा रही है। मानकों को पूरा न करने वाली प्लाटिंग ध्वस्त कराई जाएंगी। इसके लिए अल्टीमेटम का समय पूरा होने का इंतजार है।-अजय आनंद वर्मा, एसडीएम सदर
मानकों का उल्लंघन कर रहे प्लॉटिंग कारोबारियों को नोटिस के साथ-साथ अल्टीमेटम की समय सीमा भी पूरी होने जा रही है। चिह्नित हो चुकी 40 प्लॉटिंग अब बुलडोजर चलेगा। उधर, मुश्किलें उनके लिए भी बढ़ी हैं, जिन्होंने मानकों को लेकर जाने अनजाने यहां पर प्लॉट खरीदे हैं।
अवैध प्लॉटिंग करने वाले कारोबारियों को तीन-तीन नोटिस पहुंचने के बाद भी नियमों का कोरम पूरा नहीं किया है। 15 दिन का समय सीमा पूरी होने वाली है। सदर तहसील प्रशासन की ओर से अवैध प्लॉटिंग पर नोटिस चस्पा होने की कवायद लगातार जारी है। विनियमित क्षेत्र व जिला पंचायत के दायरे में चिह्नित हुई कुल 40 प्लॉटिंग को लेकर तहसील प्रशासन का रुख सख्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के आसपास की अवैध प्लॉटिंग का लेखपालों के जरिए सर्वे कराया जा रहा है। इसके साथ ही बुलडोजर से लेकर अन्य इंतजाम पुख्ता किए जा रहे हैं। सुरान में ढहाई गई अवैध प्लॉटिंग से जुड़े कारोबारियों की शहर के आसपास भी प्लॉटिंग में हिस्सेदारी है। ऐसे में उन प्लॉटिंग को बुलडोजर कार्रवाई के लिए प्राथमिकता से चुना गया।
जिला पंचायत व विनियमित क्षेत्र के दायरे में आ रही इन अवैध प्लाटिंग को लेकर शासन स्तर से मॉनिटरिंग की जा रही है। अप्रैल व मई माह में ध्वस्त कराई गई सात प्लॉटिंग के बाद से प्लाटिंग कारोबारियों में खलबली मची हुई है। ऐसे में वो लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। ज्यादातर प्लॉटिंग में नक्शा से लेकर लेआउट तक पास नहीं कराया गया है। वहीं कुछ प्लाटिंग में राजस्व संहिता की धारा-80 तक नहीं कराई गई है। ऐसे में सरकार के राजस्व को बड़े पैमाने पर चूना लग रहा है।
किसान के घर पहुंचकर दिए जा रहे नोटिस
प्लॉटिंग कारोबारी किसान से अनुबंध पर जमीन लेकर उस पर प्लॉट विकसित कर रहे हैं। तामील हो रहे नोटिस में चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। पर्दे के पीछे रहकर प्लॉटिंग का कारोबार कर रहे हैं और जमीन किसानों की है। ऐसे में तहसील के कर्मी किसान को नोटिस थमा रहे हैं। यही नहीं प्लॉटिंग की दीवारों पर अंकित कारोबारियों के नंबरों पर भी नोटिस व्हाट्सएप पर भेजे जा रहे हैं। इसके बाद भी जरूरी सरकारी मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा है।
सफेदपोश झाड़ने लगे पल्ला
अप्रैल व मई माह में सेहुद, सूरान व फफूंद में सात अवैध प्लाटिंग ढह जाने के बाद प्लाटिंग कारोबारी हरकत में आ गए थे। प्लाटिंग कारोबारियों से जुड़े सफेदपोशों के यहां गुहार लगाने लगे थे। राजनीतिक हस्तक्षेप के जरिए तहसील प्रशासन की कार्रवाई को ठंडा करने की कवायद शुरू हो गई थी। बाद में सफेदपोश पूरे मसले को लेकर पल्ला झाड़ने लगे थे। ऐसे में एक बार फिर से सख्ती देखने को मिल सकती है।
विनियमित क्षेत्र व जिला पंचायत की ओर से अवैध प्लॉटिंग को लेकर नोटिस भेजे गए थे। नोटिस की समयावधि पूरी होने जा रही है। मानकों को पूरा न करने वाली प्लाटिंग ध्वस्त कराई जाएंगी। इसके लिए अल्टीमेटम का समय पूरा होने का इंतजार है।-अजय आनंद वर्मा, एसडीएम सदर