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Ayodhya News: राम मंदिर में श्रमिकों से संवाद करेंगी राष्ट्रपति
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 07 Mar 2026 08:26 PM IST
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04- राम मंदिर परिसर में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते नृपेंद्र मिश्र व अन्य- ट्रस्ट
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अयोध्या। राम मंदिर परिसर में 19 मार्च को होने वाले विशेष समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों से संवाद करेंगी। कार्यक्रम में करीब पांच हजार अतिथियों के शामिल होने की संभावना है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि समारोह की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगी और दोपहर तीन बजे तक मंदिर परिसर में रहेंगी। इस दौरान वह पूरे मंदिर का भ्रमण करेंगी और मंदिर के दूसरे तल पर राम यंत्र की स्थापना करेंगी। इसके साथ ही परिसर में बने अन्य मंदिरों में भी दर्शन करेंगी। खासकर सप्तमंडपम के मंदिरों की भव्यता देखेंगी। राष्ट्रपति निर्माण कार्य में योगदान देने वाले श्रमिकों से भी मिलेंगी और उनके साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करेंगी। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर कुछ समय के लिए सामान्य श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगाई जा सकती है।
नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को मंदिर निर्माण के कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि मंदिर ट्रस्ट के अनुसार परिसर में अब केवल दो निर्माण कार्य शेष हैं, जिनमें अस्थायी मंदिर का स्मारक और हुतात्मा स्मारक शामिल हैं। इन पर तेजी से काम चल रहा है। बाकी सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर ट्रस्ट को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। समीक्षा बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा समेत कार्यदायी संस्था के इंजीनियर मौजूद रहे।
सीबीआरआई रुड़की के साथ 10 वर्ष का समझौता
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि ट्रस्ट के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती मंदिर परिसर के संचालन और रखरखाव की है। निर्माण करने वाली कंपनियों के साथ तीन से पांच वर्ष तक के समझौते किए गए हैं। रामनवमी पर होने वाले सूर्य तिलक उपक्रम की देखरेख का दायित्व सीबीआरआई रुड़की को 10 वर्षों के लिए सौंपा गया है। उनके साथ समझौता हो गया है। वहीं मंदिर निर्माण में लगी प्रमुख कंपनियां एलएंडटी और टाटा ग्रुप मई तक यहां से अपना मुख्य कार्य समेट लेंगी, हालांकि रखरखाव के लिए उनकी छोटी टीम कुछ समय तक अयोध्या में मौजूद रहेगी।
रामनवमी बाद खुलेंगे उप मंदिर
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बाद एक निर्धारित व्यवस्था के तहत परिसर के सभी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोलने की योजना है। इसके लिए पास प्रणाली लागू की जाएगी और प्रतिदिन लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे। ट्रस्ट से वार्ता हुई है, रामनवमी मेला समाप्त होने के बाद अन्य मंदिरों को खोलने की योजना बन रही है।
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राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि समारोह की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगी और दोपहर तीन बजे तक मंदिर परिसर में रहेंगी। इस दौरान वह पूरे मंदिर का भ्रमण करेंगी और मंदिर के दूसरे तल पर राम यंत्र की स्थापना करेंगी। इसके साथ ही परिसर में बने अन्य मंदिरों में भी दर्शन करेंगी। खासकर सप्तमंडपम के मंदिरों की भव्यता देखेंगी। राष्ट्रपति निर्माण कार्य में योगदान देने वाले श्रमिकों से भी मिलेंगी और उनके साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करेंगी। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर कुछ समय के लिए सामान्य श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगाई जा सकती है।
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नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को मंदिर निर्माण के कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि मंदिर ट्रस्ट के अनुसार परिसर में अब केवल दो निर्माण कार्य शेष हैं, जिनमें अस्थायी मंदिर का स्मारक और हुतात्मा स्मारक शामिल हैं। इन पर तेजी से काम चल रहा है। बाकी सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर ट्रस्ट को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। समीक्षा बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा समेत कार्यदायी संस्था के इंजीनियर मौजूद रहे।
सीबीआरआई रुड़की के साथ 10 वर्ष का समझौता
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि ट्रस्ट के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती मंदिर परिसर के संचालन और रखरखाव की है। निर्माण करने वाली कंपनियों के साथ तीन से पांच वर्ष तक के समझौते किए गए हैं। रामनवमी पर होने वाले सूर्य तिलक उपक्रम की देखरेख का दायित्व सीबीआरआई रुड़की को 10 वर्षों के लिए सौंपा गया है। उनके साथ समझौता हो गया है। वहीं मंदिर निर्माण में लगी प्रमुख कंपनियां एलएंडटी और टाटा ग्रुप मई तक यहां से अपना मुख्य कार्य समेट लेंगी, हालांकि रखरखाव के लिए उनकी छोटी टीम कुछ समय तक अयोध्या में मौजूद रहेगी।
रामनवमी बाद खुलेंगे उप मंदिर
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बाद एक निर्धारित व्यवस्था के तहत परिसर के सभी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोलने की योजना है। इसके लिए पास प्रणाली लागू की जाएगी और प्रतिदिन लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे। ट्रस्ट से वार्ता हुई है, रामनवमी मेला समाप्त होने के बाद अन्य मंदिरों को खोलने की योजना बन रही है।
