लाटघाट। शारदा, गिरिजा और सरयू बैराज से एक बार फिर सोमवार को 2.56 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बैराजों से छोड़े गए पानी का असर 24 घंटे बाद दिखेगा। उधर, सोमवार को भी नदी के जलस्तर के घटने का क्रम जारी रहा। सोमवार को बदरहुआ नाले पर सोमवार को 06 सेमी घटकर जलस्तर 70.88 मीटर पर पहुंच गया। वहीं, डिघिया नाले पर 70.26 मीटर से 17 सेमी घटकर 70.09 मीटर हो गया है। इससे देवारा क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। उधर, सहबदिया और बरामदपुर में रुक-रुक कर कटान होती रही। सगड़ी तहसील उत्तरी क्षेत्र के सरयू के तटवर्ती गांवों में फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है। खतरा बिंदु के करीब पहुंचकर नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। नदी का जलस्तर घटते ही कटान का दायरा अब पूरब की ओर बढ़ता जा रहा है। सहबदिया और बरामदपुर गांव के किसानों की कृषि भूमि भी नदी के कटान की जद में है। बरामदपुर गांव के संतलाल, जयद्रथ, राजेंद्र, दिनेश सिंह पटेल, रामलक्ष्मण आदि किसानों की कृषि भूमि पहले ही नदी में समा चुकी है। इसके बाद नदी धीरे-धीरे कटान कर रही है। सहबदिया में भी रुक-रुक कर जमीन नदी में विलिन हो रही है। प्रशासन की तरफ से बंबू क्रेट लगाए गए हैं। उपजिलाधिकारी सगड़ी संजीव कुमार राय ने बाढ़ खंड को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर होने से कटान की रफ्तार में कमी आई है। विभाग को कटान रोकने के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।