{"_id":"6a529390cbcb50cc36096c27","slug":"54-million-saplings-to-be-planted-campaign-begins-today-azamgarh-news-c-258-1-rdp1005-153391-2026-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: लगाए जाएंगे 54 लाख पौधे, आज से शुरू होगा अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: लगाए जाएंगे 54 लाख पौधे, आज से शुरू होगा अभियान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। जिले में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण सुधारने के लिए रविवार से वृहद पौधरोपण अभियान शुरू होगा। एक महीने तक चलने वाले अभियान में जिले में 54 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शनिवार को सभी सरकारी नर्सरियों से पौधों की आपूर्ति गांव-गांव की गई। सभी विभागों और ग्राम पंचायतों ने पौधरोपण की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
पौधरोपण के लिए सड़कों और पोखरों के किनारे, पंचायत भवन परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सहकारी समितियों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों समेत अन्य सरकारी परिसरों में गड्ढे खोद दिए गए हैं। वन विभाग के साथ राजस्व, पंचायतीराज, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, लोक निर्माण समेत अन्य विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है।
अभियान के दौरान छायादार, फलदार और औषधीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी। पौधरोपण के बाद उनकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों और ग्राम पंचायतों की होगी। डीएफओ कासरला राजू का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है। जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पौधरोपण के लिए सड़कों और पोखरों के किनारे, पंचायत भवन परिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सहकारी समितियों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों समेत अन्य सरकारी परिसरों में गड्ढे खोद दिए गए हैं। वन विभाग के साथ राजस्व, पंचायतीराज, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, लोक निर्माण समेत अन्य विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है।
विज्ञापन
अभियान के दौरान छायादार, फलदार और औषधीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी। पौधरोपण के बाद उनकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों और ग्राम पंचायतों की होगी। डीएफओ कासरला राजू का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है। जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन