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Azamgarh News: बैंक कर्मियों की मिलीभगत से 6.50 लाख की ठगी, कैशियर गिरफ्तार
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ठगी का आरोपी गिरफ्तार कैशियर। श्रोत-पुलिस
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आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस प्रकरण में आरोपी कैशियर राहुल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मेरठ का गंगानगर थाना क्षेत्र का निवासी है। जांच में कैशियर के साथ ही शाखा प्रबंधक और असिस्टेंट मैनेजर की संलिप्तता भी पाई गई। पुलिस उनकी तलाश में भी जुटी है।
थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि व्योहरा निवासी पुनवासी विश्वकर्मा ने 22 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि बड़ौदा यूपी बैंक की गोपालगंज शाखा के कर्मचारियों ने उन्हें झांसे में लेकर कूट रचित दस्तावेज तैयार किए और उनके खाते से अलग-अलग तिथियों में 6.50 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित को इस धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगी।
इस शिकायत के आधार पर अहरौला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की। जांच के दौरान बैंक के तत्कालीन कैशियर राहुल कुमार, शाखा प्रबंधक महेश कुमार और असिस्टेंट मैनेजर कुनाल पंत की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद से पुलिस ने इन लोगों की तलाश शुरू कर दी थी। बुधवार को मिली सूचना पर अतरौलिया से आरोपी कैशियर राहुल कुमार (35) को गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी कैशियर ने स्वीकार किया जुर्म
पुलिस पूछताछ में आरोपी राहुल कुमार ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। बताया कि पूरे घटनाक्रम में अन्य बैंक कर्मियों की भी भूमिका रही है। हालांकि उसने कहा कि वह न्यायालय में अपना पक्ष रखेगा। वहीं इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें भी हिरासत में लिया जाएगा।
आम जनता की गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस मामले में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
डॉ. अनिल कुमार, एसपी।
पूर्व में भी बैंक कर्मियों की मिलीभगत आ चुकी है सामने
25 अक्तूबर 2025 को पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग और जुए के नाम पर चल रहे आर्थिक अपराध में साइबर अपराधियों को बैंक खाता मुहैया कराने वाले एक्सिस बैंक के सहायक ब्रांच मैनेजर योगेश त्रिपाठी उर्फ अमित को गिरफ्तार किया है। देवरिया जनपद के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के मल्लाह टोली, वार्ड नं. 02, रुद्रपुर निवासी योगेश त्रिपाठी एक्सिस बैंक ब्रांच राघव नगर जनपद देवरिया के सहायक ब्रांच मैनेजर सेल के पद पर कार्यरत था। वह प्रधानमंत्री योजना का लाभ दिलाने और तीन हजार रुपये नगद देने का लालच देकर कम पढ़े-लिखे व गरीब लोगों से बैंक खाते खुलवाता था। खाते की किट (एटीएम, पासबुक, चेकबुक) असली खाताधारक को न देकर वह सीधे साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन साइबर ठगी, बेटिंग और अवैध लेन-देन में किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि 30 से 35 खाते योगेश त्रिपाठी की बैंक आईडी से खोले गए थे, जिससे उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई थी। इस मामले में शाखा प्रबंधक दीनदयाल के ऊपर भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
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थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि व्योहरा निवासी पुनवासी विश्वकर्मा ने 22 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि बड़ौदा यूपी बैंक की गोपालगंज शाखा के कर्मचारियों ने उन्हें झांसे में लेकर कूट रचित दस्तावेज तैयार किए और उनके खाते से अलग-अलग तिथियों में 6.50 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित को इस धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगी।
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इस शिकायत के आधार पर अहरौला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की। जांच के दौरान बैंक के तत्कालीन कैशियर राहुल कुमार, शाखा प्रबंधक महेश कुमार और असिस्टेंट मैनेजर कुनाल पंत की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद से पुलिस ने इन लोगों की तलाश शुरू कर दी थी। बुधवार को मिली सूचना पर अतरौलिया से आरोपी कैशियर राहुल कुमार (35) को गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी कैशियर ने स्वीकार किया जुर्म
पुलिस पूछताछ में आरोपी राहुल कुमार ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। बताया कि पूरे घटनाक्रम में अन्य बैंक कर्मियों की भी भूमिका रही है। हालांकि उसने कहा कि वह न्यायालय में अपना पक्ष रखेगा। वहीं इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें भी हिरासत में लिया जाएगा।
आम जनता की गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस मामले में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
डॉ. अनिल कुमार, एसपी।
पूर्व में भी बैंक कर्मियों की मिलीभगत आ चुकी है सामने
25 अक्तूबर 2025 को पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग और जुए के नाम पर चल रहे आर्थिक अपराध में साइबर अपराधियों को बैंक खाता मुहैया कराने वाले एक्सिस बैंक के सहायक ब्रांच मैनेजर योगेश त्रिपाठी उर्फ अमित को गिरफ्तार किया है। देवरिया जनपद के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के मल्लाह टोली, वार्ड नं. 02, रुद्रपुर निवासी योगेश त्रिपाठी एक्सिस बैंक ब्रांच राघव नगर जनपद देवरिया के सहायक ब्रांच मैनेजर सेल के पद पर कार्यरत था। वह प्रधानमंत्री योजना का लाभ दिलाने और तीन हजार रुपये नगद देने का लालच देकर कम पढ़े-लिखे व गरीब लोगों से बैंक खाते खुलवाता था। खाते की किट (एटीएम, पासबुक, चेकबुक) असली खाताधारक को न देकर वह सीधे साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन साइबर ठगी, बेटिंग और अवैध लेन-देन में किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि 30 से 35 खाते योगेश त्रिपाठी की बैंक आईडी से खोले गए थे, जिससे उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई थी। इस मामले में शाखा प्रबंधक दीनदयाल के ऊपर भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था।