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Azamgarh News: खरीफ सीजन में नुकसान होने पर 728 किसानों को मिली क्षतिपूर्ति
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आजमगढ़। खरीफ सीजन में धान की फसल को हुए नुकसान की भरपाई बीमित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से की जा रही है। इसके तहत जिले के 728 किसानों को इसका लाभ मिला है। इन किसानों को 11.62 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला समन्वयक सोहित यादव ने बताया कि योजना के तहत खरीफ सीजन 2025 में जिले में 16 हजार किसानों ने अपने धान की फसल का बीमा कराया था और प्रीमियम के रूप में 72 लाख रुपये जमा किए थे। फसल पक कर तैयार हो चुकी थी। बहुत से किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी थी। इसी दौरान मोंथा तूफान की वजह से आंधी- बारिश से किसानों का काफी नुकसान हुआ था। कई किसानों की फसल ही डूब गई थी। ऐसे में प्रधानमंत्री बीमा योजना में किसानों ने ऑनलाइन क्लेम किया था। इसके बाद बीमित किसानों को फसल कटाई प्रयोग के आधार पर विभाग और बीमा कंपनी की ओर से 728 किसानों को चिह्नित किया गया। इनकी कटाई के दौरान मानक से कम उपज निकली और योजना के तहत 11.62 लाख रुपये क्षतिपूर्ति दी गई।
इन परिस्थितियों में मिलती है क्षतिपूर्ति
- असफल बोआई- मध्यावस्था में बीमित फसल को क्षति होने पर क्षतिपूर्ति।
- फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर क्षतिपूर्ति ।
- स्थानीय आपदा- खड़ी फसलों को ओलावृष्टि जल भरावभूस्खलन, बादल फटना, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग के कारण क्षति की स्थिति।
- कटी फसल के लिए फसल कटाई उपरांत आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात वर्षा, बेमौसम बारिश से क्षति की स्थिति में।
खरीफ सीजन में फसल प्रयोग के आधार पर जिले के 728 किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ दिया गया। कटाई के उपरांत मानक से कम उपज निकली। इन किसानों को 11.62 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई।-- साेहित यादव, जिला समन्वयक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला समन्वयक सोहित यादव ने बताया कि योजना के तहत खरीफ सीजन 2025 में जिले में 16 हजार किसानों ने अपने धान की फसल का बीमा कराया था और प्रीमियम के रूप में 72 लाख रुपये जमा किए थे। फसल पक कर तैयार हो चुकी थी। बहुत से किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी थी। इसी दौरान मोंथा तूफान की वजह से आंधी- बारिश से किसानों का काफी नुकसान हुआ था। कई किसानों की फसल ही डूब गई थी। ऐसे में प्रधानमंत्री बीमा योजना में किसानों ने ऑनलाइन क्लेम किया था। इसके बाद बीमित किसानों को फसल कटाई प्रयोग के आधार पर विभाग और बीमा कंपनी की ओर से 728 किसानों को चिह्नित किया गया। इनकी कटाई के दौरान मानक से कम उपज निकली और योजना के तहत 11.62 लाख रुपये क्षतिपूर्ति दी गई।
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इन परिस्थितियों में मिलती है क्षतिपूर्ति
- असफल बोआई- मध्यावस्था में बीमित फसल को क्षति होने पर क्षतिपूर्ति।
- फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर क्षतिपूर्ति ।
- स्थानीय आपदा- खड़ी फसलों को ओलावृष्टि जल भरावभूस्खलन, बादल फटना, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग के कारण क्षति की स्थिति।
- कटी फसल के लिए फसल कटाई उपरांत आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात वर्षा, बेमौसम बारिश से क्षति की स्थिति में।
खरीफ सीजन में फसल प्रयोग के आधार पर जिले के 728 किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ दिया गया। कटाई के उपरांत मानक से कम उपज निकली। इन किसानों को 11.62 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई।