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Azamgarh News: तहसील परिसर जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा व्यक्ति
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निजामाबाद तहसील परिसर में जुटी भीड़। संवाद
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निजामाबाद। तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक व्यक्ति सिविल न्यायालय के आदेश के आधार पर तहसील की जमीन पर कब्जा करने पहुंच गया। उसने पेंट से निशानदेही करते हुए लोहे का पिलर गाड़ना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे उप जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए काम रुकवा दिया और पुलिस बल की मदद से सभी को वहां से हटवा दिया।
बृहस्पतिवार को सिविल न्यायालय जूनियर डिवीजन के 10 अप्रैल 2026 के आदेश के क्रम में श्यामधर यादव अधिवक्ताओं और अमीन के साथ तहसील परिसर स्थित गाटा संख्या 372 (लगभग 200 कड़ी भूमि) पर पहुंचा और पुलिस बल की मौजूदगी में निशानदेही कर पिलर गाड़ने लगा। इसी दौरान मौके पर पहुंचे लेखपाल लालधर यादव ने संबंधित पक्ष से कहा कि एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसील परिसर में इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है, लेकिन पक्षकार नहीं माने।
मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम निजामाबाद चंद्र प्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्य को रुकवा दिया। उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रति दिखाने को कहा। इस दौरान एक पक्ष द्वारा कुछ टिप्पणी किए जाने पर एसडीएम नाराज हो गए और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर अधिवक्ताओं व पक्षकारों को हटवा दिया। साथ ही की गई निशानदेही को भी हटवा दिया। इसके बाद उन्होंने मौके पर जुटी भीड़ को भी वहां से हटवा दिया।
यह मामला वर्ष 1996 से न्यायालय में विचाराधीन था। इसमें 2001 में इजरा दाखिल किया गया था। 10 अप्रैल 2026 में अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के यहां से हमारे पक्ष में फैसला किया। इसके बावजूद उन्हें कब्जा नहीं करने दिया जा रहा है। आज हम अपनी जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे तो हमें रोक दिया गया।-श्यामधर यादव।
इस संबंध में हमें पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई थी। बिना अनुमति तहसील परिसर में इस प्रकार कब्जा करना गलत है। यदि न्यायालय से आदेश मिला है तो संबंधित प्रक्रिया के तहत जिलाधिकारी को अवगत कराकर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए थी।-चंद्रप्रकाश सिंह, एसडीएम निजामाबाद।
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बृहस्पतिवार को सिविल न्यायालय जूनियर डिवीजन के 10 अप्रैल 2026 के आदेश के क्रम में श्यामधर यादव अधिवक्ताओं और अमीन के साथ तहसील परिसर स्थित गाटा संख्या 372 (लगभग 200 कड़ी भूमि) पर पहुंचा और पुलिस बल की मौजूदगी में निशानदेही कर पिलर गाड़ने लगा। इसी दौरान मौके पर पहुंचे लेखपाल लालधर यादव ने संबंधित पक्ष से कहा कि एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसील परिसर में इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है, लेकिन पक्षकार नहीं माने।
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मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम निजामाबाद चंद्र प्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्य को रुकवा दिया। उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रति दिखाने को कहा। इस दौरान एक पक्ष द्वारा कुछ टिप्पणी किए जाने पर एसडीएम नाराज हो गए और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर अधिवक्ताओं व पक्षकारों को हटवा दिया। साथ ही की गई निशानदेही को भी हटवा दिया। इसके बाद उन्होंने मौके पर जुटी भीड़ को भी वहां से हटवा दिया।
यह मामला वर्ष 1996 से न्यायालय में विचाराधीन था। इसमें 2001 में इजरा दाखिल किया गया था। 10 अप्रैल 2026 में अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के यहां से हमारे पक्ष में फैसला किया। इसके बावजूद उन्हें कब्जा नहीं करने दिया जा रहा है। आज हम अपनी जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे तो हमें रोक दिया गया।-श्यामधर यादव।
इस संबंध में हमें पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई थी। बिना अनुमति तहसील परिसर में इस प्रकार कब्जा करना गलत है। यदि न्यायालय से आदेश मिला है तो संबंधित प्रक्रिया के तहत जिलाधिकारी को अवगत कराकर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए थी।-चंद्रप्रकाश सिंह, एसडीएम निजामाबाद।

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