सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   BJP MLC raised the issue of setting up a chilli market in Phulpur in the House.

Azamgarh News: भाजपा एमएलसी ने सदन में उठाया फूलपुर में मिर्च मंडी बनाने का मुद्दा

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2026 12:02 AM IST
विज्ञापन
BJP MLC raised the issue of setting up a chilli market in Phulpur in the House.
सदन में मुद्दा उठाते विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
Trending Videos

आजमगढ़। भाजपा के विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने मंगलवार को नियम-110 के तहत फूलपुर में मिर्च मंडी बनाए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर सभापति ने प्रभावी कार्यवाही के लिए मामले को सरकार को भेज दिया। पाठक ने जिले के फूलपुर कस्बे में मंडी नहीं होने से किसानों को आ रही कठिनाइयों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। बताया कि फूलपुर में लाल भरूआ मिर्च की मंडी पिछले 50 वर्षों से लगती आ रही है। यहां की लाल मिर्च प्रदेश भर में जाती है, इसके अलावा झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल तक इसकी आपूर्ति की जाता है। लेकिन व्यवसाय के लिए कोई स्थाई मंडी की व्यवस्था न होने से जहां एक ओर दिन-प्रतिदिन कारोबार में कमी आ रही है, वहीं व्यवसाय पर निर्भर किसानों के लिए भी कठिनाई हो रही है। यहां से जौनपुर के शाहगंज मंडी समिति की ओर से किसानों से विक्रय शुल्क भी लिया जाता है लेकिन सुविधा और सहुलियत कुछ भी नहीं हैं। स्थाई मंडी समिति के लिए स्थान सुनिश्चित किए जाने की मांग व्यापारी व किसान लगातार कर रहे हैं।
00
सदन में उठाया बच्चों में मोबाइल की लत का मामला
पाठक ने नियम 110 के तहत जनहित से जुड़े बच्चों में तेजी से बढ़ रहे मोबाइल की लत का मामला सदन में उठाया। जिसे सभापति ने सरकार को प्रभावी कार्यवाही के लिए भेज दिया। बताया कि तकनीक के विकास से जहां जनजीवन व्यवस्थित है वहीं कठिनाइयां भी हो रही हैं। कोविड-19 के दौरान स्कूल में पढ़ाई का जो डिजिटल पैटर्न शुरू हुआ। वह उस समय समय की जरूरत थी, लेकिन तय समय पर हुई सहूलियत के मद्देनजर उसको वहां रोकने के बजाय जारी रखा गया है। राज्य के कई स्कूलों में आज भी डायरी की जगह व्हाटसएप और पोर्टल ने ले रखी है। होमवर्क, एसाइनमेंट और कार्यक्रमों की जानकारी डिजिटल माध्यमों से अभिभावकों तक पहुंच रही है। समय बचाने के उद्देश्य से अपनाई गई यह तकनीक बच्चों के लिए मोबाइल पर बढ़ती निर्भरता का कारण बन रही है। नतीजा अभिभावकों को मजबूरी में बच्चों के हाथ में मोबाइल देना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed