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Azamgarh News: स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम का दावा, बिना सिग्लन, हाथ के इशारे और सीटी के भरोसे चल रही मैनुअल व्यवस्था
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रोडवेज तिराहा पर हाथों से ट्रैफिक कंट्रोल करते ट्रैफिक पुलिस कर्मी। संवाद
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आजमगढ़। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम के दौर में शहर की यातायात व्यवस्था अब तक मैनुअल व्यवस्था से संचालित हो रही है। प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं होने के कारण पुलिसकर्मी हाथ के इशारों और सीटी के सहारे यातायात व्यवस्था चल रही है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के बीच यह व्यवस्था चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। शहर की आबादी पौने ढाई लाख से ज्यादा है। जिले में 37,178 कारें, 19,729 जीप, 42,343 ट्रैक्टर और 8,47,935 बाइकें पंजीकृत हैं। इसके अलावा लगभग 20 हजार से ज्यादा ऑटो और ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। बावजूद इसके शहर के प्रमुख चौराहों पर आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। शहर के नरौली तिराहा, बवाली मोड़, भंवरनाथ चौराहा और हाफीजपुर चौराहा जैसे अति व्यस्त सड़क गोरखपुर, मऊ और वाराणसी की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कें हैं। यहां सुबह-शाम के समय वाहनों का भारी दबाव रहता है। इस कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। दीवानी न्यायालय चौराहा, घंटाघर तिराहा, अग्रसेन चौराहे पर भी सुबह से शाम तक जाम की स्थिति बनी रहती है। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए जिले में 170 यातायातकर्मियों की तैनाती है।
ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए नगर पालिका से हो रहा लगातार पत्राचार
शहर में ट्रैफिक सिग्नल लगाने की योजना नई नहीं है। बीते पांच सालोंं से प्रमुख चौराहों पर सिग्नल लगाने की कवायद चल रही है। समय-समय पर विभिन्न विभागों की बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से योजना अभी तक लागू नहीं हो सकी है। वर्तमान में यातायात विभाग नगर पालिका से पत्राचार करके सिग्नल लगाने का प्रयास कर रहा है, ताकि शहरवासियों को जाम से राहत मिल सके।
शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में यातायात पुलिस जवानों की तैनाती करके हाथ के संकेत और सीटी के माध्यम से यातायात व्यवस्था का संचालन करा रही है। आवश्यक स्थानों पर सिग्नल व्यवस्था विकसित करने के लिए संबंधित विभागों से पत्राचार किया जा रहा है। जाम वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने और सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। - पंकज श्रीवास्तव, एसपी यातायात।
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ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए नगर पालिका से हो रहा लगातार पत्राचार
शहर में ट्रैफिक सिग्नल लगाने की योजना नई नहीं है। बीते पांच सालोंं से प्रमुख चौराहों पर सिग्नल लगाने की कवायद चल रही है। समय-समय पर विभिन्न विभागों की बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से योजना अभी तक लागू नहीं हो सकी है। वर्तमान में यातायात विभाग नगर पालिका से पत्राचार करके सिग्नल लगाने का प्रयास कर रहा है, ताकि शहरवासियों को जाम से राहत मिल सके।
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शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में यातायात पुलिस जवानों की तैनाती करके हाथ के संकेत और सीटी के माध्यम से यातायात व्यवस्था का संचालन करा रही है। आवश्यक स्थानों पर सिग्नल व्यवस्था विकसित करने के लिए संबंधित विभागों से पत्राचार किया जा रहा है। जाम वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने और सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। - पंकज श्रीवास्तव, एसपी यातायात।
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