UP: कफ सीरप...मऊ की दो फर्मों के लाइसेंस निरस्त, रांची से आए थे करीब 12 लाख बॉटल; एजेंसियां अलर्ट
UP Crime: कोडीनयुक्त कफ सिरप मामल में सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। वहीं, शुभम जायसवाल की भी तलाश की जा रही है। वाराणसी की अदालत में शुभम के पिता भोला प्रसाद की पेशी हुई। यहां उसने मीडियाकर्मी पर ही अपनी भड़ास निकाल दी।
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Azamgarh News: आजमगढ़ मंडल में झारखंड के रांची की सैली ट्रैडर्स के यहां से कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई में औषधि विभाग ने मऊ की दो फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। कोडीनयुक्त कफ सीरप की खरीद फरोख्त में लिप्त आजमगढ़, बलिया व मऊ की 13 फर्मों पर अभी तक कार्रवाई की जा चुकी है।
आजमगढ़ मंडल में झारखंड से करीब 12 लाख बोतल कोडीनयुक्त आया था। इसमें आजमगढ़ व बलिया की 5-5 और मऊ की दो फर्मों से सप्लाई हुई थी। मंडल की इन फर्मों ने प्रदेश के वाराणसी, चंदौली, प्रतापगढ़, गाजीपुर, भदोही आदि कई जनपदों में धड़ल्ले से माल खपाया था।
पुलिस ने की कार्रवाई
प्रदेश में यह मामला उजागर होने के बाद औषधि प्रशासन ने सभी फर्मों को नोटिस जारी किया था। इसमें आजमगढ़ की दो फर्मों ने एएस फार्मा को अपना कुछ माल बेचा था। वहीं बलिया, मऊ व आजमगढ़ की अन्य फर्मों ने कोडीयनुक्त सिरप की सप्लाई के लिए प्रदेश के दूसरे जनपदों को सप्लाई की थी।
इसमें अभी तक आजमगढ़ की छह और बलिया की पांच मेडिकल फर्मों को निरस्त किया जा चुका है। अब विभाग ने मऊ जिले की सिंह मेडिकल एंड सर्जिकल एजेंसी और कुमार फार्मा सिटुकल के लाइसेंस को भी निरस्त कर दिया है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में आजमगढ़ मंडल की 12 फर्मों ने रांची की सैली ट्रेडर्स से करीब 12 लाख बॉटल कोडीनयुक्त सिरप मंगाया था। इसमें सभी को नोटिस जारी की गई थी। संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने पर सभी फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है।- गोविंद लाल गुप्ता, सहायक आयुक्त औषधि।
